भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय विनिमय व्‍यवस्‍था समझौता;

भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक ऑफ जापान ने भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय विनिमय व्‍यवस्‍था (बीएसए) समझौते पर हस्‍ताक्षर करने का कार्य पूरा कर लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की 29.10.2018 की टोक्‍यो यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच बीएसए के बारे में बातचीत हुई थी। इस समझौते से भारत की 75 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंच संभव होगी, जबकि इससे पहले बीएसए में केवल 50 अरब अमरीकी डॉलर की पहुंच की व्‍यवस्‍था थी। केन्‍द्रीय मंत्री मंडल ने 10.1.2019 को बीएसए की मंजूरी दी थी।

बीएसए समझौता आज यानी 28.02.2019 से प्रभावी हो गया। भारत भुगतान संतुलन के उपयुक्‍त स्‍तर को बनाये रखने अथवा अल्‍प अवधि की नकदी को बनाये रखने के उद्देश्‍य से अपनी घरेलू मुद्रा के लिए 75 अरब अमरीकी डॉलर की राशि तक पहुंच स्‍थापित कर सकता है। भारत के विवेक पर बीएसए के एक हिस्‍से तक पहुंच स्‍थापित की जा सकती है। वर्तमान में भारत के पास पर्याप्‍त मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार है। बीएसए इन भंडारों के इस्‍तेमाल के लिए भारत को लचीलापन प्रदान करेगा, यदि किसी समय उसे ऐसा लगता है कि बीएसए के अंतर्गत उपलब्‍ध संसाधनों के इस्‍तेमाल की आवश्‍यकता है।

भारत सरकार ने बीएसए की कार्यसाधकता का स्‍वागत किया है और इस समझौते पर सहमति व्‍यक्‍त करने के लिए जापान के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया है। यह मजबूत साझेदारी की भावना से किया गया है। इससे रणनीतिक भागीदारी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस वित्‍तीय सहयोग से भारत और जापान के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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