World Digital Competitiveness Ranking 2019 44 वें स्थान पर भारत

विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मक रैंकिंग 2019: IMD विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मकता रैंकिंग 2019 (WDCR) में भारत चार स्थान की बढ़त के साथ 44 वें स्थान पर रहा । 2018 में, भारत को 48 वें स्थान पर था और इस वर्ष इसकी स्थिति में सभी कारकों में सुधार हुआ है जिसमें भविष्य की तत्परता सहित अधिक डिजिटल प्रौद्योगिकी, ज्ञान और प्रौद्योगिकी की खोज शामिल है।

2019 में भारत का सबसे बड़ा सुधार प्रौद्योगिकी उप-कारक स्तर में था, जहां इसने दूरसंचार निवेश में पहला स्थान हासिल किया।

विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मक रैंकिंग 2019

विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मकता रैंकिंग डिजिटल प्रौद्योगिकियों को विकसित करने, उन्हे अपनाने और उन्हे खोजने की क्षमता को मापती है, जो व्यवसाय मॉडल, सरकारी कार्यकलापों  और समाज को सामान्य रूप से बदल देती  हैं।

  • सूचकांक निम्नलिखित तीन कारकों के आधार पर देशों को रैंक करता है:
  • 1. ज्ञान: नई तकनीकों को समझने और सीखने की क्षमता।
  • 2. प्रौद्योगिकी: नए डिजिटल नवाचारों को विकसित करने की क्षमता।
  • 3. भविष्य की तत्परता: आने वाले विकास के लिए तैयारी ।

विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा रैंकिंग 2019 में शीर्ष 5 देश

  • 1. संयुक्त राज्य अमेरिका
  • 2. सिंगापुर
  • 3. स्वीडन
  • 4. डेनमार्क
  • 5. स्विट्जरलैंड

विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मक रैंकिंग 2019: मुख्य विशेषताएं

  1. 2019 के डिजिटल प्रतिस्पर्धा सूचकांक में शीर्ष 5 देशों में इस साल कोई बदलाव नहीं हुआ। अमेरिका रैंकिंग सूची में शीर्ष पर बना रहा, उसके बाद सिंगापुर दूसरे, स्वीडन तीसरे स्थान पर, डेनमार्क चौथे स्थान पर और स्विट्जरलैंड 5 वें स्थान पर रहा।
  2. शीर्ष दस देशों में की सूची मे  6 वीं रैंक पर नीदरलैंड, 7 वें पर फिनलैंड, 8 वें पर हांगकांग एसएआर, 9 वें पर नॉर्वे और 10 वीं रैंक पर कोरिया गणराज्य शामिल है।
  3. कई एशियाई देशों की डिजिटल प्रतिस्पर्धा में पिछले साल की तुलना मे महत्वपूर्ण वृद्धि दिखाई दी, क्योंकि पहली बार हांगकांग और दक्षिण कोरिया ने शीर्ष 10 में प्रवेश किया, ताइवान 13 वें स्थान पर आ गया और चीन ने 30 वें स्थान से 22 वें स्थान पर बड़ी छलांग लगाई। इंडोनेशिया ने भी 2018 में अपनी 62 वीं रैंक से 56 वीं रैंक से बड़े पैमाने पर आगे बढा। चीन ने ज्ञान कारक में महत्वपूर्ण सुधार कीया।
  4. भारत ने भी चार स्थानों की छलांग लगाकर महत्वपूर्ण सुधार कीया।भारत ने  ज्ञान कारक में, विज्ञान में स्नातक और प्रकाशन द्वारा अनुसंधान एवं विकास उत्पादकता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
  5. भारत ने प्रौद्योगिकी कारक, विशेष रूप से दूरसंचार निवेश और आईटी और मीडिया शेयर बाजार पूंजीकरण में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत को अभी भी अनुबंधों, मोबाइल ब्रॉडबैंड ग्राहकों, वायरलेस ब्रॉडबैंड और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को लागू करने पर काम करना है।
  6. भविष्य की तत्परता में, भारत ने विश्व रोबोट वितरण में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और टैबलेट के क्षेत्र मे अधिक काम करने की आवश्यकता है।
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