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सामयिकी: 16 अप्रैल 2020

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Current Affairs: 16 April 2020

1. पर्यटन मंत्रालय ने की “देखोअपनादेश” वेबिनार श्रृंखला की शुरूआत

मानव जीवन पर कोविड-19 का प्रभाव सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बहुत ज्यादा पड़ा है। इसके कारण पर्यटन, एक क्षेत्र के रूप में, स्वाभाविक रूप से बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है क्योंकि घरेलू स्तर पर या सीमा पार से कोई आवागमन नहीं हो पा रहा है।

  • इसको ध्यान में रखते हुए, पर्यटन मंत्रालय ने ‘देखोअपनादेश” नामक वेबिनार श्रृंखला की शुरूआत की है जिससे हमारे अतुल्य भारत की संस्कृति और विरासत की गहरी और विस्तृत जानकारी प्रदान की जा सके।
  • इस सत्र का मूल पर्यटन जागरूकता और सामाजिक इतिहास पर आधारित है। दिलचस्प उपाख्यानों से सजी हुई इस सत्र का आयोजन, पर्यटन मंत्रालय के लिए इंडिया सिटी वॉक द्वारा किया गया, जिसमें 5,546 पंजीकृत व्यक्तियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही और इसमें कई रोचक प्रश्न भी पूछे गए जो प्रतिभागियों की दिलचस्पी को दर्शाते हैं।
  • अगले वेबिनार का आयोजन, 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा जिसमें आगंतुकों को अद्भुत शहर कोलकाता में लेकर जाया जाएगा। विदित है कि प्रौद्योगिकी के कारण, स्थानों और गंतव्यों तक आभासी रूप से पहुंचना और बाद के दिनों के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाना संभव है।

पहली वेबिनार

  • पहली वेबिनार, जो एक श्रृंखला का हिस्सा थी 14 अप्रैल को प्रकाशित हुई, इसने दिल्ली के लंबे इतिहास को छुआ और यह 8 शहरों के रूप में सामने आया। प्रत्येक का चरित्र अपने आप में अद्वितीय था और जिसने अपने पीछे अवशेषों को छोड़ा, जिसके कारण दिल्ली एक शानदार शहर बना, जो कि वह आज है। इस वेबिनार का शीर्षक “सिटी ऑफ सिटीज- दिल्लीज पर्सनल डायरी” था।
  • केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि वेबिनारों की श्रृंखला एक निरंतर विशिष्टता वाली होगी और मंत्रालय अपने स्मारकों, पाक शैलियों, कलाओं, नृत्य के रूपों सहित भारत के विविध और उल्लेखनीय इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करने की दिशा में काम करेगा, जिसमें प्राकृतिक परिदृश्य, त्योहार और समृद्ध भारतीय सभ्यता के कई अन्य पहलू भी शामिल हैं।

भारतीय पर्यटन के मुख्य बिंदु

  • विश्व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मक सूचकांक (टीटीसीआई) में भारत  2013 में 65वें पायदान पर था, जबकि 2019 में देश 34वें स्थान पर आ गया है।
  • जनवरी-नवंबर 2019 के दौरान विदेशी पर्यटन आगमन (एफटीए) की संख्या 96,69,633 थी, जबकि जनवरी, नवंबर 2018 के दौरान 93,66,478 विदेशी पर्यटन आए थे। विदेशी पर्यटकों की संख्या में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • जनवरी-नवंबर 2019 के दौरान 25,51,211 पर्यटक ई-पर्यटक वीजा पर भारत आए, जबकि जनवरी-नवंबर 2018 में यह संख्या 20,61,511 थी। ई-पर्यटक वीजा पर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 23.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में ई-वीजा योजना 169 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
  • “भारत पर्व” आयोजित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय को नोडल मंत्रालय बनाया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह के एक भाग के रूप में दिल्ली के लाल किले में किया गया था।
  • पर्यटन मंत्रालय ने 21 जून, 2019 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मेगा फैम टूर का आयोजन किया था। इस मेगा फैम टूर में 20 देशों के पर्यटन संचालकों, ट्रैवल मीडिया के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया था। मेगा फैम टूर के प्रतिभागियों ने 21 जून, 2019 को लाल बाग, बेंगलुरु में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया था।
  • पर्यटन मंत्रालय ने अतुल्य भारत वेबसाइट को फिर से तैयार किया है। इसमें भारत को एक संपूर्ण गंतव्य के रूप में दिखाया गया है। इसमें आध्यात्मिकता, विरासत, एडवेंचर, संस्कृति, योग, आरोग्य आदि को शामिल किया गया है। अतुल्य भारत का हिन्दी रूप 20 अगस्त, 2019 को अशोक होटल, नई दिल्ली में आयोजित पर्यटन मंत्री सम्मेलन में लॉन्च किया गया था।
  • भारतीय पर्यटन और आतिथ्य संघों के परिसंघ (एफएआईटीएच) ने 23 से 25 सितम्बर, 2019 तक नई दिल्ली में इंडिया टूरिज्म मार्ट (आईटीएम) 2019 का आयोजन किया था। इस आयोजन को पर्यटन मंत्रालय ने समर्थन दिया था। इस कार्यक्रम में 51 देशों के लगभग 240 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। क्रेता और विक्रेता प्रतिनिधियों के बीच बी2बी बैठक एवं नेटवर्किंग सत्र 24 तथा 25 सितम्बर, 2019 को आयोजित किए गए थे। आईटीएम सरकारी व निजी हितधारकों को विदेशी प्रतिनिधियों से बातचीत करने का एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है।

 

2. कोविड-19 संकट के बावजूद एनएफएल किसानों को यूरिया की निर्बाध आपूर्ति करा रहा है सुनिश्चित

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग के अधीन एक अग्रणी उर्वरक कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL- National Fertilizers Ltd.), कोविड-19 की वजह से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

  • एनएफएल के मुताबिक, इसके नांगल, बठिंडा, पानीपत और विजयपुर संयंत्रों की दो इकाइयों में उत्पादन का काम तेजी से चल रहा है। ये पांच संयंत्र प्रतिदिन 11 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का उत्पादन कर रहे हैं और इन्हें नियमित रूप से बाजार में भेजा जा रहा है।
  • विदित है कि भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत देश में उर्वरक सयंत्रों के संचालन की अनुमति दी है ताकि कृषि क्षेत्र को लॉकडाउन के प्रभाव से बचाया जा सके और उसे आगामी खरीफ के मौसम के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके।
  • एनएफएल द्वारा बेहद मुश्किल समय में भी इन सयंत्रों में अधिकतम उत्पादन जारी रखना विशेष रूप से देश के कृषक समुदाय के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
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नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL)

  • एनएफएल एक मिनी रत्न (श्रेणी-1) कम्पनी है जिसका पंजीकृत कार्यालय नई दिल्ली में है। कम्पनी 23 अगस्त 1974 को निगमित की गई थी। इसका कारपोरेट कार्यालय नोएडा (उ.प्र.) में है। इसकी प्राधिकृत पूंजी ₹1000 करोड़ और पदत्त पूंजी ₹490.58 करोड़ है जिसमें से 74.71% हिस्सा भारत सरकार का है और 25.29% हिस्सेदारी वित्तीय संस्थाओं तथा अन्य द्वारा धारित है।
  • एनएफएल के पांच गैस आधारित यूरिया संयंत्र अर्थात् पंजाब में नंगल तथा बठिंडा संयंत्र, हरियाणा में पानीपत संयंत्र और मध्य प्रदेश के गुना जिले में विजयपुर में दो संयंत्र हैं।
  • एनएफएल नीम लेपित यूरिया, जैव उर्वरकों की चार किस्मों (ठोस एवं द्रव),  बेंटोनाइट सल्फर और अमोनिया,  नाइट्रिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, सोडियम नाइट्रेट और सोडियम नाइट्राइट जैसे संबद्ध औद्योगिक उत्पादों विनिर्माण एवं विपणन में संलिप्त है। कम्पनी बाजार में ’किसान’ ब्रांड नाम से लोकप्रिय है।
  • कम्पनी अपने बीज गुणन कार्यक्रम के अंतर्गत अपने स्वयं के ‘किसान बीज’ ब्रांड नाम से बिक्री के लिए प्रमाणित बीजों का उत्पादन भी कर रही है।

 

3. डीआरडीओ ने कोविड-19 नमूना संग्रहण के लिए कियोस्क विकसित किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल), हैदराबाद ने कोविड नमूना संग्रह कियोस्क (कोवसैक/COVSACK) विकसित करके कोरोनावायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सूची में एक और उत्पाद शामिल कर दिया है।

  • डीआरडीएल ने इस यूनिट को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), हैदराबाद के डॉक्टरों के परामर्श से विकसित किया है।
  • कोवसैक/COVSACK की लागत लगभग एक लाख रुपये है। डीआरडीओ ने कोवसैक/COVSACK  की दो इकाइयों का डिजाइन एवं निर्माण किया है और सफल परीक्षण के बाद इन्हें ईएसआईसी अस्पताल हैदराबाद को सौंप दिया गया है।

क्या है कोवसैक/COVSACK?

  • कोवसैक/COVSACK संदिग्ध संक्रमित रोगियों से कोविड-19 नमूने लेने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के उपयोग हेतु एक कियोस्क है। कोविड परीक्षण के लिए कियोस्क में  अंदर प्रवेश  करने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य कर्मी दस्ताने के माध्यम से बाहर से ही एक फोहे में नाक या मुँह से सैंपल/सवैब (Oral Swab) ले सकता है।
  • कियोस्क मानव भागीदारी की आवश्यकता के बिना स्वतः संक्रमण रहित हो जाती है, जिससे प्रक्रिया संक्रमण के फैलने से मुक्त हो जाती है।
  • कियोस्क केबिन की परिरक्षण स्क्रीन स्वास्थ्य कर्मी को नमूना लेते समय एयरोसोल/ड्रॉपलेट ट्रांसमिशन से बचाती है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को पीपीई बदलने कम आवश्यकता पड़ती है।
  • रोगी के कियोस्क छोड़ने के बाद, कियोस्क केबिन में लगे हुए चार नोजल स्प्रेयर 70 सेकंड की अवधि के लिए कीटाणुनाशक धुंध छिड़ककर खाली कक्ष को कीटाणुरहित कर देते हैं। इसे पानी और यूवी कीटाणुशोधन के साथ आगे निकाल दिया जाता है। यह सिस्टम दो मिनट से भी कम समय में अगले उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।
  • कोवीसैक/ COVSACK के साथ समेकित दोहरी संचार प्रणाली/टू-वे कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से वॉयस कमांड/ध्वनि निर्देश दिया जा सकता है। चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकतानुसार कोवसैक/COVSACK  को अंदर या बाहर की तरफ से समान रूप से इस्तेमाल करना संभव है।

 

4. फिट इंडिया और सीबीएसई पहली बार लाइव फिटनेस सत्रों का करेंगे आयोजन

 

फिट इंडिया द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया एक्टिव डे कार्यक्रम के तहत आयोजित लाइव फिटनेस सत्रों को मिली व्यापक सफलता के बाद भारत सरकार का प्रमुख फिटनेस अभियान फिर से फिटनेस सत्रों की एक नई श्रृंखला शुरू कर रहा है।

  • इस बार ये सत्र देश भर के स्कूली बच्चों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की साझेदारी में आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्रालय के स्वस्थ रहने संबंधी दिशा-निर्देशों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया जाएगा।
  • लाइव फिटनेस सत्र 15 अप्रैल, 2020 से सुबह 9.30 बजे शुरू होंगे। विद्यार्थी बड़ी आसानी से फिट इंडिया अभियान और सीबीएसई के फेसबुक एवं इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए इन लाइव सत्रों से लाभान्वित हो सकते हैं। सभी सत्र यूट्यूब पर भी उपलब्ध होंगे, ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार इन्हें देखकर लाभान्वित हो सकें। लाइव स्ट्रीमिंग सीबीएसई के सोशल मीडिया हैंडल, गोकी (GOQii) एप  और शिल्पा शेट्टी एप पर भी उपलब्ध होगी।
  • लाइव सत्र बच्चों की फिटनेस के सभी पहलुओं को कवर करेंगे जिनमें दैनिक व्यायाम से लेकर योग तक और पोषण से लेकर भावनात्मक दृढ़ता तक सभी शामिल हैं। प्रतिष्ठित फिटनेस विशेषज्ञ जैसे कि आलिया इमरान, पोषण विशेषज्ञ पूजा मखीजा, भावनात्मक वेलनेस विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र नागपाल, योग प्रोफेशनल हीना भीमानी और कई अन्य प्रोफेशनल भी इन सत्रों का अहम हिस्सा होंगे।

प्रष्ठभूमि

  • ध्यातव्य है कि ‘सीबीएसई’ ने शुरुआत से ही फिट इंडिया अभियान का व्यापक समर्थन किया है। सीबीएसई के 13868 स्कूल अतीत में कई फिट इंडिया कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं और सीबीएसई के 11682 स्कूल पहले ही फिट इंडिया फ्लैग प्राप्त कर चुके हैं।
  • इस अनूठे प्रयास की बदौलत देश भर के विद्यार्थी न केवल लॉकडाउन के दौरान अपना समय सही जगह व्यतीत कर सकेंगे, बल्कि फिटनेस बनाए रखने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए भी प्रेरित होंगे।
  • फिट इंडिया अभियान राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त 2019) के मौके पर प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए इंदिरा गांधी स्टेडियम से शुरू किया गया था।

 

5. भारत को हारपून मिसाइल और टॉरपीडो देगा अमेरिका

 

अमेरिकी सरकार ने भारत को क्षेत्रीय खतरों से मुकाबले में सक्षम बनाने और भारत की घरेलू रक्षा आवश्यकताओं को सशक्त करने के लिए हारपून पोतरोधी मिसाइल और कमवजनी मार्क 54 टोरपीडो बेचने का फैसला किया है। ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले से अमरीकी कांग्रेस को अवगत करा दिया है।

  • इस पर 15 करोड़ 50 लाख डॉलर की लागत आएगी। इन 10 AGM-84L हारपून ब्लॉक II मिसाइलों की कीमत 9.2 करोड़ डॉलर है जबकि हल्के वजन के 16 ‘एमके 54 ऑल राउंड टॉरपीडो’ और तीन ‘एमके 54 एक्सरसाइज टॉरपीडो’ की कीमत करीब 6.3 करोड़ डॉलर है।
  • विदित है कि अमेरिका ने 2016 में भारत को प्रमुख रक्षा भागीदार देश का दर्जा दिया था। इससे भारत के लिए भी अन्य मित्र देशों की तरह अमेरिका से उन्नत और संवेदनशील प्रौद्योगिकी खरीदना संभव हुआ है।
  • अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुसार, हारपून मिसाइल को पी-8I पनडुब्बी रोधी लड़ाकू विमान में लगाया जाएगा ताकि जमीन से होने वाले हमलों को बेकार कर पोतों की रक्षा की जा सके।
  • भारत को मिलने वाली हारपून मिसाइल का निर्माण बोइंग के द्वारा किया जाएगा, जबकि टॉरपीडो को रेथियॉन कंपनी के द्वारा दिया जाएगा। पेंटागन की ओर से कहा गया है कि भारत और अमेरिका पिछले लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं, सुरक्षा की दृष्टि से भी दोनों देश आगे भी इसी दोस्ती को बढ़ावा देंगे।
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6. दक्षेस देशों के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोविड-19 प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा विदेश मंत्रालय

 

विदेश मंत्रालय ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC – South Asian Association for Regional Cooperation) देशों के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोविड-19 प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्र सरकार की भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (आईटीईसी) द्वारा आयोजित किया जाएगा।

  • भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम कहा है कि ‘घबराएं नहीं तैयार रहें’ के प्रधानमंत्री कार्यालय की सोच को आगे ले जाते हुए विदेश मंत्रालय ने दक्षेस देशों के स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आईटीईसी नेटवर्क प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है।
  • वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारत की ओर से पहल की गई दक्षेस देशों के नेताओं की 15 मार्च की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलाह दी थी कि सदस्य देशों के स्वास्थ्यकर्मियों को साथ आकर कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ना चाहिए।

क्या है भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (आईटीईसी)?

भारतीय तकनीकी व आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की शुरुआत 15, सितम्बर, 1964 को की गयी थी। इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार द्वारा फंडिंग की जाती है। यह कार्यक्रम भारत और भागीदार राष्ट्र के बीच नवीन तकनीकी सहयोग के माध्यम से विकासशील देशों की जरूरतों को संबोधित करने पर केंद्रित है।  इससे भारत के सम्बन्ध सहयोगी देशों से और प्रगाढ़ हुए हैं।

  • मानव संसाधन विकास भारत के विकास सहयोग और विदेश नीति का एक प्रमुख घटक है। भारत का विकास सहयोग सशर्तताओं से मुक्त है और एकजुटता, बहुलता, स्वैच्छिक सहयोग और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों में निहित है।
  • आईटीईसी और अन्य क्षमता निर्माण की पहल भारत की इस धारणा को मूर्त रूप देती है कि विकास और विश्व की समृद्धि अविभाज्य है, और भारत अपनी विकासात्मक कहानी के दशकों में अर्जित अपने कौशल और तकनीकी विशेषज्ञता को साझा करके अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क)

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) दक्षिण एशिया के आठ देशों का आर्थिक और राजनीतिक संगठन है। संगठन के सदस्य देशों की जनसंख्या (लगभग 1.5 अरब) को देखा जाए तो यह किसी भी क्षेत्रीय संगठन की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली है।

  • इसकी स्थापना 8 दिसम्बर 1985 को भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान द्वारा मिलकर की गई थी। अप्रैल 2007 में संघ के 14 वें शिखर सम्मेलन में अफ़ग़ानिस्तान इसका आठवा सदस्य बन गया था।
  • सार्क का काठमांडू में एक स्थायी सचिवालय है इसके महासचिव बारी-बारी से नियुक्त किए जाते हैं, सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों वाली मंत्रिपरिषद है जिसकी वर्ष में दो बार बैठक होती है सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक स्थायी समिति है जो संगठन की विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी तथा समन्वय का काम करती है और आवश्यकतानुसार तकनीकी तथा कार्य समितियां हैं।
  • प्रत्येक सदस्य देश काठमांडू स्थित सचिवालय हेतु एक अधिकारी तैनात करता है जिसे निदेशक कहा जाता है। संगठन को चलाने के लिए वित्त की व्यवस्था सदस्य देशों के स्वैच्छिक अंशदान से की जाती है। सार्क की दो मुख्य विशेषताएं यह हैं कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं और द्विपक्षीय तथा विवादित मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाती है।
  • भारत की पहल पर सार्क सरकारों के विचार जानने के लिए साउथ-एशियाई यूनिवसिर्टी (एसएयू, दिल्ली) हेतु एक संकल्पना पत्र प्रस्तुत किया गया। सभी सदस्य देश इसके पक्ष में थे और नई दिल्ली में आयोजित 14वें सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान 04 अप्रैल, 2007 को एसएयू की स्थापना हेतु एक अंतर-मंत्राललीय करार पर हस्ताक्षर किए गए। सार्क सचिवालय ने वर्ष 2010 में थिम्पू में आयोजित 16वें सार्क शिखर सम्मेलन के दौरान साउथ-एशियाई यूनिवर्सिटी की स्थापना संबंधी संकल्पना का अनुमोदन कर दिया। तदनुसार, एसएयू ने अगस्त, 2010 में छात्रों के लिए अपने द्वारा खोल दिए।

 

7. चीन की अनुसंधान कंपनी ने कोरोना वायरस टीके का दूसरा क्लीनिकल ट्रायल किया शुरू

 

चीन में सेना से जुड़ी एक अनुसंधान कंपनी कोरोना वायरस संक्रमण के लिए टीका विकसित करने की वैश्विक दौड़ में दूसरे ‘क्लीनिकल ट्रायल’ में प्रवेश करने वाली पहली इकाई बन गयी है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्वोगिकी मंत्रालय ने यह जानकारी प्रदान की है।

  • पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के एकेडमी आफ मिलिट्री साइंसेस के तहत आने वाले इंस्टीट्यूट आफ मिलिट्री मेडिसिन के मेजर जनरल चेन वेई के नेतृत्व वाली एक टीम द्वारा विकसित ‘एडेनोवायरस वेक्टर’ टीका क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर चुका है।
  • क्लीनिकल ट्रायल का पहला चरण मार्च के अंत में पूरा हुआ था और दूसरा चरण 12 अप्रैल को शुरू हुआ है। इसके दूसरे चरण के ट्रायल में 500 वालंटियर शामिल हैं। इसमें
  • सबसे अधिक आयु का वालंटियर वुहान का 84 वर्षीय निवासी, शियोंग झेंगशिंग है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि यह दुनिया में कोविड-19 का पहला ऐसा टीका है जिसने क्लीनिकल ट्रायल के दूसरे चरण में प्रवेश किया है।
  • पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित करने के प्रयास जारी हैं। ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की कंपनियों के अलावा भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक लैब भी टीके विकसित कर रही हैं।
  • विदित है कि वर्तमान में, इस घातक बीमारी की कोई प्रभावी दवा नहीं है, लेकिन दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल जारी है।कोरोना वायरस से दुनिया भर में अब तक 120,000 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।

 

8. भारत की जीडीपी विकास दर 1.9% रहने का अनुमान: आईएमएफ कोरोना वायरस

 

महामारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए देशव्यापी लॉकडाउन का देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इसे देखते हुए चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी विकास दर महज 1.9% रहने का अनुमान जताया है।

  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा कि भारत का आर्थिक प्रदर्शन इस साल 1991 के उदारीकरण के बाद सबसे खराब रहेगा लेकिन आईएमएफ ने विश्व आर्थिक परिदृश्य के नए एडिशन में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था करार दिया है। आईएमएफ का कहना है कि 2020 में दो बड़े देश पॉजिटिव ग्रोथ रेट दर्ज करेंगे इनमें से एक भारत और दूसरा चीन है, जिसके लिए आईएमएफ ने 1.2 फीसदी की ग्रोथ रेट का अनुमान दिया है।
  • आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ द्वारा जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Outlook) में उम्मीद जाहिर की गई है कि भारत अगले वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ वापसी करेगा, जो जनवरी अपडेट में अनुमानित दर से अधिक है।
  • लॉकडाउन के कारण तमाम उद्योगों का कामकाज बंद है और निर्यात भी काफी प्रभावित हुआ है। इससे पहले कई और रेटिंग एजेंसियां चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी विकास दर अनुमान को घटा चुकी हैं।  जो इस प्रकार है –
  • i)   फिच रेटिंग्स –  2 प्रतिशत
  • ii)  बार्कलेज – 0.0 प्रतिशत
  • iii) विश्वबैंक – 1.5 से 2.8 प्रतिशत
  • iv) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) – 4 प्रतिशत
  • v)  एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स – 3.5 प्रतिशत
  • vi) इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च – 3.6 प्रतिशत
  • vii) मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज – 2.5 प्रतिशत
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अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)

  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना 1944 के ब्रेट्टनवुड सम्मेलन में हुई थी तथा 1945 से यह प्रभाव में आया था।
  • स्थापना के समय इसमें 29 सदस्य थे। वर्तमान में इसमें 189 सदस्य है। इसका मुख्यालय अमेरिका के वाशिंगटन में स्थित है।
  • यह विश्व में आर्थिक स्थिरता, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के संवर्धन, देशों के चालू खाते के स्थिरीकरण, अल्पकालीन ऋण, विश्व से गरीबी उन्मूलन तथा वैश्विक-वित्तीय समावेशन के लिए कार्य करता है।
  • ‘World Economic Outlook’ नामक शीर्षक से IMF प्रत्येक वर्ष रिपोर्ट जारी करता है।
  • वर्तमान में अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की चीफ बुल्गारिया की क्रिस्टालिना जॉर्जीवा हैं तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ हैं।

 

9. कोरोना संकट के बीच अमेरिका में फंसे एच-1बी वीजा धारकों को राहत

अमेरिका ने एच-1बी वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले वहां फंसे हजारों भारतीय प्रफेशनल्स को राहत मिली है जिनका वीजा जल्द समाप्त होने वाला था और उनकी नौकरी खतरे में थी और कोरोना महामारी के कारण वे स्वदेश नहीं लौट सकते थे।

  • अमेरिकी प्रशासन ने एच-1बी वीजा की अवधि बढ़ाने और देश में कुछ अधिक समय तक बने रखने के आवेदन स्वीकार करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि खासकर भारतीय साफ्टवेयर कंपनियां अपने आन साइट कार्य के लिए कर्मचारियों को एच1बी वीजा पर वहां भेजती है। यह छोटी अवधि के लिए होते हैं और आव्रजन वीसा की श्रेणी में नहीं आते।
  • अमेरिकी होमलैंड सिक्यूरिटी विभाग (गृह विभाग) ने एच1बी वीजा की अवधि बढ़ने के संबंध में एक नयी अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि कोराना वायरस महामारी के चलते वीजा पर आने वालों के सामने इस समय कुछ मुश्किलें हैं।
  • अधिसूचना में कहा गया है कि जिस कंपनी में फिलहाल काम कर रहे हैं, उसमें आगे काम करने की अनुमति 240 दिन तक बढ़ा दी जाएगी अगर वे समय रहते आवेदन दे देते हैं और तो उनकी मौजदूगी को गैरकानूनी नहीं मान जाएगी।
  • विदित है कि अमेरिका के विदेशी आईटी पेशेवरों ने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया था कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अमेरिका में बड़े पैमाने पर छंटनी की स्थिति में नौकरी जाने पर उन्हें 60 दिन के बजाए 180 दिनों तक अमेरिका में रुकने की इजाजत दी जाए। इन पेशेवरों में ज्यादातर भारतीय एच-1बी वीजाधारक थे।
  • इस समस्या के समाधान हेतु व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर एक याचिका अभियान शुरू किया गया था। याचिका में सरकार से अस्थायी प्रवास की अवधि को 60 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने और इस कठिन समय में एच-1बी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था।

एच-1बी वीजा

  • अमेरिका में रोज़गार के इच्छुक लोगों के बीच एच-1बी वीज़ा प्राप्त करना होता है। एच-1बी वीज़ा वस्तुतः ‘इमीग्रेशन एण्ड नेशनलिटी ऐक्ट’  की धारा 101(a) और 15(h) के अंतर्गत संयुक्त राज्य अमेरिका में रोज़गार के इच्छुक गैर-अप्रवासी  नागरिकों को दिया जाने वाला वीज़ा है।
  • यह अमेरिकी नियोक्ताओं को विशेषज्ञतापूर्ण व्यवसायों में अस्थायी तौर पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। एच-1बी  वीजा ऐसे विदेशी पेशेवरों के लिये जारी किया जाता है जो किसी ‘खास’ कार्य में कुशल होते हैं।
  • इसके लिए कंपनी को ही नौकरी करने वाले की तरफ से एच-1बी वीज़ा के लिए इमिग्रेशन विभाग में आवेदन करना होता है। अमरीकी कंपनियाँ इस प्रकार की वीज़ा का इस्तेमाल उच्च स्तर पर कुशल पेशेवरों को नियुक्त करने के लिये करती हैं। हालाँकि अधिकतर वीज़ा आउटसोर्सिंग फर्म को जारी किया जाता है।

 

10. टूर डि फ्रांस स्थगित, अगस्त के अंत में हो सकती है आयोजित

प्रतिष्ठित टूर डि फ्रांस को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू करने की उम्मीदें टूट गई हैं और दुनिया की सबसे लोकप्रिय साइक्लिंग रेस को कोरोना वायरस महामारी के कारण अंतत: स्थगित कर दिया गया है।

  • तीन हफ्ते तक चलने वाली यह रेस हालांकि अब भी इस साल आयोजित की जा सकती है। फ्रांस के समाचार पत्रों ने कहा है कि यह प्रतियोगिता अगस्त में शुरू हो सकती है। आयोजकों को उम्मीद है कि वे 29 अगस्त से 20 सितंबर के बीच प्रतियोगिता का आयोजन कर पाएंगे।
  • नए कार्यक्रम के अनुसार टूर डि फ्रांस उस समय खत्म होगा, जब नए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पेरिस में प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन शुरू होगा।
  • टूर डि फ्रांस के आयोजक एमोरी स्पोर्ट्स ऑर्गेनाइजेशन ने हालांकि टूर को स्थगित करने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन हाते-सेवोई क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों ने ट्वीट किया है कि टूर के पर्वतीय चरण की अंतिम रेस का 18वां चरण 17 सितंबर को उनके दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र से गुजरेगा।
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