GK in Hindi

RAJASTHAN GK: General Knowledge Previous Year Papers

41. राजस्थान में तूड़िया हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध जिला है –

(a) जालौर
(b) बीकानेर
(c) धौलपुर
(d) झालावाड़

Ans: (c)

42. राजस्थान में चाँदी पर मीनकारी के कार्य के लिए निम्न में से प्रसिद्ध स्थान है –

(a) अजमेर
(b) जोधपुर
(c) नाथद्वारा
(d) उदयपुर

Ans: (c)

43. राजस्थान में किस राजघराने ने मीनाकारी को प्रोत्साहित किया?

(a) अलवर
(b) उदयपुर
(c) बीकानेर
(d) जयपुर

Ans: (d)

44. राजस्थान में दाबू प्रिन्ट के लिए प्रसिद्ध स्थान कौन-सा है?

(a) नापासर
(b) बगरु
(c) आकोला
(d) मथानिया

Ans: (c)

45. पाटोदा का लूगड़ा प्रसिद्ध है –

(a) मेवाड़ का
(b) शेखावटी का
(c) हाड़ौती का
(d) बागड़ का

Ans: (b))

46. किस गाँव की मृण मू£तयाँ विश्व भर में प्रसिद्ध हैं?

(a) धुलेव
(b) मोलेला
(c) नगला जहाज
(d) कोलू

Ans: (b))

47. राजस्थान में प्रसिद्ध मीनाकारी वाले गहने तथा बादले क्रमश: बनाये जाते हैं –

(a) जोधपुर, जयपुर
(b) जयपुर, जोधपुर
(c) उदयपुर, जयपुर
(d) उदयपुर, जोधपुर

Ans: (b))

48. हाथीदाँत की चूड़ियों के लिए मशहूर जिला कौन-सा है?

(a) जोधपुर
(b) उदयपुर
(c) जयपुर
(d) भरतपुर

Ans:(a)

49. लोहे के औजार किस जिले के प्रसिद्ध हैं –

(a) नागौर
(b) धौलपुर
(c) सिरोही
(d) करौली

Ans:(a)

50. मसूरिया, मलमल एवं डोरा साड़ियाँ किस जिले की प्रसिद्ध हैं?

(a) कोटा
(b) जोधपुर
(c) बीकानेर
(d) टोंक

Ans:(a)

51. हाथीदाँत के कलात्मक सामान के लिए प्रसिद्ध है –

(a) उदयपुर
(b) जोधपुर
(c) जयपुर
(d) अजमेर

Ans: (c)

52. काँच पर सोने का सूक्ष्म चित्रांकन की कला किस नाम से जानी जाती है?

(a) मथैरण कला
(b) थेवा कला
(c) कुंदन कला
(d) रमकड़ा कला

Ans: (b))

53. तारकशी के जेवर के लिए प्रसिद्ध है –

(a) जयपुर
(b) नाथद्वारा
(c) सरदार शहर
(d) नागौर

Ans: (b))

54. भारतीय डाक विभाग ने किस लोक देवता की पड़ पर डाक टिकट जारी किया है?

(a) पाबूजी
(b) देवनारायणीजी
(c) रामदेवजी
(d) तेजाजी

Ans: (b))

Table of Contents

अध्याय 18. लोककला

निम्नलिखित किस ऐतिहासिक ग्रन्थ में ‘पोमचा’ के बँधेज का उल्लेख किया गया है?

(a) बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह)
(b) खुमाण रासो (दलपत विजय)
(c) पद्‌मावत (मलिक मोहम्मद जायसी)
(d) पृथ्वीराज रासो (जयनक)

Ans: (c)

2. पड़ कला को विश्व में ख्याति दिलाने का श्रेय प्राप्त करने वाले एकमात्र कलाकार हैं –

(a) श्रीलाल जोशी
(b) कन्हैयालाल जोशी
(c) शांतिलाल जोशी
(d) कल्याण जोशी

Ans:(a)

3. देश का प्रथम पड़ चितेरी महिला हैं –

(a) पार्वती देवी
(b) रमा देवी
(c) श्यामा बाई
(d) गौतमी देवी

Ans:(a)

4. कठपुतली कला के विस्तार एवं विकास हेतु किस संस्थान ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है?

(a) पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर
(b) जवाहर कला केन्द्र, जयपुर
(c) भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर
(d) रूपायन संस्थान, जोधपुर

Ans: (c)

5. चावण्डा जी के पड़वाचक एवं वाद्य हैं –

(a) बागरी, बिना वाद्य
(b) भाट, जंतर
(c) बावरों, डमरू एवं थाली
(d) नायक, तरनामी

Ans: (c)

6. मोरड़ी, मांडना किस जाति की परम्परा का अंग है?

(a) भील
(b) मीणा
(c) गरासिया
(d) डामोर

Ans: (b))

7. राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में घर की छोटी-मोटी चीजों को सुरक्षित रखने हेतु बनाई गई मिट्‌टी की महलनुमा चित्रित आकृति कहलाती है –

(a) बटेवड़े
(b) हीड़
(c) घोड़ा बावसी
(d) वील

Ans: (d)

8. चंदन काष्ठ कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध स्थान है –

(a) उदयपुर
(b) बस्सी
(c) जयपुर
(d) बीकानेर

Ans: (c)

9. निम्न में से वस्त्र चित्रण की ‘कलमकारी कला’ का उदाहरण है –

(a) अजरख ¯प्रट
(b) पड़
(c) बन्धेज
(d) उपर्युक्त सभी

Ans: (b))

10. वह वाद्य यंत्र, जिसका प्रयोग बगड़ावतों की कथा गाते समय गूजरों के भोपे गले में लटकाकर करते हैं –

(a) ढोल
(b) जंतर
(c) ताशा
(d) सारंगी

Ans: (b))

11. सुमेलित कीजिए : सूची-1 सूची-2
(अ) कागज पर

(a) कावड़ नि£मत चित्र
(ब) लकड़ी पर (b) पाने नि£मत चित्र
(स) कपड़े पर (c) पटचित्र नि£मत चित्र
(द) मानव शरीर (d) गुदना पर नि£मत चित्र

(a) (अ)-1, (ब)-2, (स)-3, (द)-4
(b) (अ)-4, (ब)-3, (स)-2, (द)-1
(c) (अ)-2, (ब)-1, (स)-4, (द)-3
(d) (अ)-2, (ब)-1, (स)-3, (द)-4

Ans: (d)

12. सबसे लोकप्रिय पड़ है –

(a) पाबू जी की पड़
(b) तेजा जी की पड़
(c) डूँगजी-जवाहर जी की पड़
(d) भैंसासुर की पड़

Ans:(a)

13. सबसे अधिक चित्रांकन एवं सबसे लम्बी गाथा किस पड़ में मिलती है?

(a) पाबू जी की पड़
(b) गोगा जी की पड़
(c) देवनारायण जी की पड़
(d) जसनाथ जी की पड़

Ans: (c)

14. असत्य कथन का चयन करें :

(a) कठपुतली कला की जन्मस्थली गुजरात है
(b) कठपुतली नाटक में पुतलियों के सूत्रधार को ‘स्थापक’ कहा जाता है
(c) कठपुतली का निर्माण मुख्यत: चित्तौड़गढ़, उदयपुर एवं जयपुर में होता है
(d) कठपुतलियाँ अरडू की लकड़ी से बनाई जाती हैं

Ans: (c)

15. वह पड़ जिसका वाचन नहीं किया जाता केवल पूजा की जाती है –

(a) पाबू जी की पड़
(b) हड़बू जी की पड़
(c) गोगा जी की पड़
(d) भैंसासुर जी की पड़

Ans: (d)

16. निम्न में से असत्य है –

(a) पड़ें चित्रित करने का कार्य मेघवाल जाति के छीपे करते हैं
(b) श्रीलाल जोशी एवं उनके शिष्य जयपुर के प्रदीप मुखर्जी कुशल पड़ चितेरे हैं
(c) पड़ चित्रण में आकृति थोड़ी मोटी और गोल, आँखें बड़ी-बड़ी तथा नाक अन्य शैलियों की अपेक्षा छोटी एवं मोटी होती हैं
(d) कथा के मुख्य चरित्रों की वेशभूषा लाल रंग एवं खलनायक की हरे रंग की होती है

Ans:(a)

17. राजस्थानी लोक जीवन में ‘भराड़ी’ है –

(a) मिट्‌टी के बने कलात्मक घोड़े, जिन्हे मनौती पूर्ण होने पर आदिवासियों द्वारा इष्ट देवता को अ£पत किया जाता है
(b) आदिवासी भीलों द्वारा लड़की के विवाह पर घर की दीवार पर बनाया जाने वाला लोकदेवी का चित्र
(c) राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में अनाज संग्रह हेतु प्रयुक्त मिट्‌टी के कलात्मक पात्र
(d) मेड़ता क्षेत्र में बनाये जाने वाले मिट्‌टी के बड़े माटे (मटके)

Ans: (b))

18. पट चित्रण (कपड़े पर चित्रांकन) को राजस्थानी में क्या कहते हैं?

(a) पथवारी
(b) कावड़
(c) फड़/पड़
(d) पाने

Ans: (c)

19. निम्न में से असंगत है – पड़ पड़ वाचक

(a) पाबूजी की पड़ : नायक या आयड़ी भोपे
(b) देवनारायणजी की पड़: गूजर भोपे
(c) रामदेवजी की पड़ : कामड़ जाति के भोपे
(d) भैंसासुर की पड़ : भाट जाति के भोपे

Ans: (d)

20. सांझी की माता किसे माना जाता है?

(a) संतोषी माता
(b) सीता माता
(c) लक्ष्मी माता
(d) पार्वती माता

Ans: (d)
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