राजस्थान करेंट अफेयर्स अति महत्वपूर्ण जानकारी : 23 मार्च 2018

24 साल की MBBS स्टूडेंट शहनाज बनीं राजस्थान की सबसे युवा सरपंच

कभी कन्या भ्रूण हत्या के लिए बदनाम रहे राजस्थान में अब बेटियों ने सारी दुनिया के सामने अपने सशक्तीकरण की एक अनोखी मिसाल पेश की है।भरतपुर जिले में एक गांव की बेटी ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब गांव की नन्ही बच्चियों को भी उनके सपने पूरा करने में मदद करने का काम शुरू किया है। भरतपुर की इस बेटी का नाम शहनाज खान है जो कि राज्य की सबसे युवा महिला सरपंच चुनी गई हैं।

शहनाज से पूर्व छवि राजावत भी बनी थीं मिसाल

सरकार की तरफ से इस बार राज्यकर्मियों के लिए अच्छी घोषणा है, सरकार कर्मचारियों के डीए में वृद्धि करने जा रही है।

राजस्थान में मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में एक से बढ़कर एक घोषणाएं करने में लग रही है। ये लग़ातार घोषणाएं करना आगामी विधानसभा चुनाव का असर है या सरकार के किए हुए वादें पूरा करना। बजट सत्र के बाद राजस्थान में तो जैसे घोषणाओं की बाढ़ सी आ गई है। इस अंतिम दौर में होने वाली घोषणा आगामी चुनावों में कितना प्रभाव डालेगी ये तो वक़्त ही बताएगा। सरकार की तरफ से इस बार राज्यकर्मियों के लिए अच्छी घोषणा है। जिस घोषणा का कर्मचारी कब से इंतज़ार कर रहे थे, वो घोषणा भी अब हो चुकी है।

शहीद लेफ्टिनेंट किरण शेखावत के गांव सेफरागुवार में 25 मार्च को तृतीय पुण्यतिथि पर ‘एक शाम शहीद लेफ्टिनेट किरण शेखावत’ के नाम कार्यक्रम होगा।

लेफ्टिनेंट किरण शेखावत …। ये नाम है राजस्थान की बहादुर बेटी का …। हरियाणा की जाबांज बहू का और पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर देने वाली महिला अफसर का …। 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे ने हमसे ले. किरण शेखावत को भी छीन लिया था। किरण शेखावात देश में ऑन ड्यूटी शहीद होने वाली पहली महिला अधिकारी थीं।

Bhagat Singh 87th Death Anniversary- भगत सिंह ने कहा था कि जिंदगी अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते है।

विश्व मौसम दिवस : ग्लोबल वार्मिंग से थार के मौसम में हो रहे हैं ये बदलाव, जोधपुर में घटने लगे हैं धोरे

जोधपुर . जलवायु में हो रहे बदलाव की वजह से भारत और पाकिस्तान में 4.46 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला थार मरुस्थल मैदानी इलाका बनने को अग्रसर है। पिछले सौ साल में थार के 12 जिलों में वार्षिक बरसात के औसत में 141.3 मिलीमीटर का इजाफा हुआ है। मानसूनी बरसात बढऩे से हरियाली तो बढ़ रही है, लेकिन बरसात के दिन घट गए हैं। चार महीने तक चलने वाली बरसात कई बार चार दिन में ही बरस जाती है।

विश्व क्षय रोग दिवस : टीबी से बचे रहना ही ज्यादा बेहतर

विश्व के कई स्वास्थ्य संगठनों के प्रयासों के बावजूद टीबी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा हैं। हाल के वर्षों में टीबी अधिक विकराल रूप में सामने आई है।

जयपुर में यहां अब स्मार्ट ‘रोबोट’ करेगा आपका स्वागत

नाहरगढ़ फोर्ट स्थित वैक्स म्यूजियम में अब आने वाले पर्यटक अब रोबोट से भी रूबरू होंगे। एक स्मार्ट रोबोट, जो म्यूजियम में आने वाले मेहमानों का स्वागत तो करेगा ही, साथ ही एक कुशल गाइड की तरह म्यूजियम के बारे में जानकारी भी देगा। वैक्स म्यूजियम प्रशासन की मानें तो रोबोट गाइड के निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अगले माह दर्शकों के बीच आकर रोबोट सबको लुभाएगा और चौंकाएगा भी।

इजराइल के सहयोग से राजस्थान के रेगिस्तान में होगी कैक्टस की खेती

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में जल्द ही कैक्टस की खेती देखने को मिल सकती है। इस संबंध में राजस्थान सरकार को इजराइल से एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। पिछले दिनों इजराइली विशेषज्ञ एमनॉन ऑफेन ने इस संबंध में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी से मुलाकात की थी।

एमनॉन ऑफेन का कहना है कि राजस्थान के डेजर्ट और सेमी डेजर्ट इलाके के लिए कैक्टस की खेती काफी मुफीद साबित हो सकती है, क्योंकि न तो इसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है और न ही इस पर ज्यादा लागत आती है। कैक्टस को दुनिया भर में पौष्टिक फूड के तौर पर स्वीकार किया गया है। इसके साथ ही दवा के रूप में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

भारत ने किया सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

राजस्थान के पोखरण में गुरुवार सुबह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का स्वदेशी सीकर के साथ सफल परीक्षण किया गया। यह सीकर डीआरडीओ और ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। मिसाइल के इस परीक्षण के दौरान पोखरण में डीआरडीओ के अधिकारियों के अलावा भारतीय सेना और ब्रह्मोस के अधिकारी भी मौजूद थे।

टेस्ट के दौरान सटीक हमला करने में माहिर इस हथियार ने पहले तय टार्गेट पर पिन पॉइंट निशाना लगाया। इससे पहले इस मिसाइल को पहली बार पिछले साल नवंबर में फायटर जेट सुखोई-30 एमकेआई से दागा गया था। भारत सरकार इस मिसाइल को सुखोई में लगाने के लिए काम शुरू कर चुकी है और अगले तीन सालों में कुल 40 सुखोई विमान ब्रह्मोस मिसाइल से लैस हो जाएंगे।

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