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20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज: किसानों और मछुआरों के लिए सुधारों की घोषणा की

15 मई, 2020, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि, मत्स्य पालन और संबंधित गतिविधियों पर ध्यान देने के साथ 20 लाख करोड़ आर्थिक पैकेज आज। पैकेज के पिछले दो हिस्सों में, FM का फोकस MSMEs, NBFC, MFI, प्रवासी कामगार, स्ट्रीट वेंडर और छोटे किसानों पर था। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि पैकेज का उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने संक्रामक कोरोनोवायरस बीमारी और लंबे समय तक लॉकडाउन के देशव्यापी प्रसार से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए कई सुधार लाने का संकेत दिया है।

किसानों के लिए

वित्त मंत्री ने बताया, लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहे, छोटे और मंझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती है। उन्होंने बताया, कोरोना के दौरान दो महीने में कई कदम उठाए गए। पीएम किसान योजना के तहत 18 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए किसानों के खाते में डाले गए। इसके अलावा किसानों को बीमा की योजना में 6400 करोड़ रुपए की राशि भी दी है। 74300 करोड़ रुपए एमएसपी के लिए दिए गए।

सरकार तुरंत किसानों के लिए फार्म गेट के बुनियादी ढांचे के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का एग्रीइन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने जा रही है। इससे कोल्ड चेन, फसल कटाई के बाद प्रबंधन की सुविधाएं मिलेंगी। किसान की आय भी बढ़ेगी। इससे किसान संघों, उद्यमियों और स्टार्टअप को मिलेगा फायदा।

10 हजार करोड़ रु से 2 लाख सूक्ष्म खाद्य इकाइयों को मदद पहुंचाने की योजना।

डेयरी उत्पादन के लिए

वित्त मंत्री ने बताया, लॉकडाउन में दूध की डिमांड में 2025% की कमी आई। इसके लिए डेयरी सहकारी समितियों को 202021 में डेयरी सहकारी समितियों को 2% प्रति वर्ष दर से ब्याज उपदान प्रदान करने की नई योजना लाई गई है। इस योजना में 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी से 2 करोड़ किसानों को लाभ होगा।

मत्स्य पालन के लिए

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए। इससे मछुआरों का विकास हो सकेगा। इसमें 11 हजार करोड़ रुपए से समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन, फिश प्रोडक्शन के लिए, 9 हजार करोड़ रुपए  बुनियादी ढांचे के लिए मिलेगा। इससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

पशुपालन के लिए

भारत पशुधन वाले देशों में आगे हैं। भारत में पशुओं की टीकाकरण की योजना सरकार लाई है। 13343 करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा। इससे 53 करोड़ पशु रोग मुक्त होंगे।
एनिमल हसबैंड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड में 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

हर्बल खेती के लिए

हर्बल खेती के प्रमोशन के लिए 4,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। लगभग 10 लाख हेक्टेयर में हर्बल प्रॉड्क्टस की खेती होगी। इससे 5,000 करोड़ की आय किसानों को होगी। गंगा के किनारे 800 हेक्टेयर क्षेत्र में औषधीय पौधों के कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इससे करीब 2 लाख मधुमक्खी पालकों को लाभ मिलेगा।

सब्जी उत्पादक किसानों के लिए

ऑपरेशन ग्रीन्स को टमाटर, प्याज और आलू (TOP) से सभी फलों और सब्जियों (TOTAL) तक बढ़ाया जाएगा।

किसान सिर्फ लाइसेंस धारकों को अनाज और सामान बेच पाते हैं। अब इन बाधाओं को दूर किया जाएगा। किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। इससे बाधा रहित अंतरराज्यीय व्यापार और कृषि उपज के ईट्रेडिंग के लिए रूपरेखा तैयार की जा सके।

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