भारत ने थार लिंक एक्सप्रेस को निलंबित कर दिया

कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत ने साप्ताहिक जोधपुर-मुनाबाओ थार लिंक एक्सप्रेस को निलंबित कर दिया। यह कदम भारत द्वारा समझौता एक्सप्रेस को पाकिस्तान द्वारा भारत के लिए सभी ट्रेन सेवाओं को निलंबित करने की घोषणा के बाद रद्द किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।

थार एक्सप्रेस के बारे में

यह भारतीय रेलवे द्वारा अपने स्वयं के डिब्बों और इंजनों का उपयोग करके, भारत में जोधपुर और मुनाबाओ के बीच अंतर्राष्ट्रीय यात्री ट्रेन का साप्ताहिक (प्रत्येक शनिवार सुबह) भारतीय भाग है। सीमा शुल्क समाशोधन के बाद मुनाबाओ (राजस्तान) से यात्रियों को जीरो पॉइंट स्टेशन तक सीमा पार पहुँचाया जाता है जहाँ थार एक्सप्रेस यात्रियों को मुनाबाओ (भारत) -खोखरपार (पाकिस्तान के सिंध प्रांत) सीमा पार करके कराची ले जाती है। यह केवल यात्रियों को ले जाता है और माल नहीं।

पृष्ठभूमि : मुनबाओ-खोखरापार लिंक के माध्यम से दो देशों को रेल सेवा से जोड़ने के समझौते पर 2006 में लोगों से लोगों के बीच संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर किए गए थे। दो देशों के बीच 1965 के युद्ध के दौरान मुनाबाओ-खोखरापार रेल लिंक को नष्ट करने के 41 साल के अंतराल के बाद इसे पुनर्जीवित किया गया था। इस समझौते को 2018 में तीन साल के लिए 31 जनवरी, 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया था। अनुमान के मुताबिक, दोनों देशों के 4 लाख से अधिक यात्रियों ने पिछले 13 वर्षों में ट्रेन ली है।

समझौता एक्सप्रेस के बारे में

यह भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली एक अन्य यात्री ट्रेन है। यह दिल्ली से भारत की ओर अटारी और पाकिस्तान की तरफ से लाहौर से वाघा तक चलती है। इसकी सेवा 1976 में शिमला समझौते के बाद शुरू की गई थी।

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