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बेनामी संपत्ति क्या है इसके बारे में क्या कानून है?

मनुष्य के जीवन में बहुत बड़ा महत्त्व संपत्ति का होता है क्योंकि इसका मनुष्य के जीवन बिताने में बहुत बड़ा महत्त्व है इससे प्रतिष्ठा भी मिलती है अध्ययन-अध्यापन में भी इससे काफी ज्यादा मिलती हैं यह दो प्रकार की होती है।

चल और अचल संपत्ति में नामी और बेनामी संपत्ति का भी प्रचलन होता है व्यक्ति या संस्था विशेष के लिए सभी प्रकार से संपत्ति अर्जित करने का खास महत्त्व होता है क्योंकि ज्यादातर मौकों पर यही आपकी पहचान बनती है चल सम्पत्ति में रुपये पैसे, स्वर्ण आभूषण आदि आते है।

और अचल संपत्ति में जमीन जायदाद, मकान दुकान -बगान आदि आते है वर्तमान के वक्त में ज्ञान और तकनीक भी एक सम्पदा होता है सब में संतुलन भी जरूरी होता है ज्यादातर लोग संपत्ति प्राप्त करते ही बेहतर जाते है।

इसका दुरुपयोग करने लगते हैं परन्तु कुछ लोग अपने नाम से भी बनाते है और अपने मित्र, परिजनों के नाम से भी जब हम दूसरों के नाम से अपनी कोई संपत्ति बनाते हैं तो वह बेनामी सम्पत्ति कहलाती है एक लाइन में कहा जाए तो बेनामी संपत्ति वह प्रॉपर्टी है।

जिसकी कीमत किसी और ने चुकाई हो किंतु नाम किसी दूसरे व्यक्ति का हो यह संपत्ति पत्नी बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम से भी खरीदी गईं होती है जिसके नाम पर ऐसी संपत्ति खरीदी गई होती है उसे बेनामदार कहते है बेनामी संपत्ति चल या अचल संपत्ति या फिर वित्तीय दस्तावेज़ों के माध्यम से हो सकती है।

बेनामी संपत्ति के बारे में 7 बातें

1.      जब संपत्ति खरीदने वाला अपने पैसे से किसी और के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदता है तो यह बेनामी प्रॉपर्टी कहलाती है।

2.      परंतु शर्त यह होती है कि खरीदने में लगा पैसे आमदनी की ज्ञात स्रोतों से बाहर का होना चाहिए भुगतान चाहे सीधे तौर पर भी किया जाए या फिर घूमा फिराकर।

3.      यदि खरीदारों ने इसे परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भी खरीद लिया हो तब भी यह बेनामी प्रॉपर्टी ही कहलाती है।

4.      सीधे ढंग से कहा जाए तो बेनामी संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति कानून मिलकित अपने नाम नहीं रखता परन्तु प्रॉपर्टी पर कब्जा कर रखता है।

5.      1998 के कानून में किया गया संशोधन इस साल 1 नवंबर से लागू हो गया है इसके माध्यम से केंद्र सरकार के पास ऐसी को पार्टी को जब्त करने का अधिकार होता है।

6.      बेनामी सम्पत्ति का लेन-देन के लिए दोषी पाए गए व्यक्ति को 7 साल तक की कैद की सजा हो सकती है और प्रॉपर्टी को बाजार की कीमत की एक चौथाई के समान जुर्माना लगाया जा सकता है।

7.      काले धन पर जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित की गई कमेटी ने 3,00,000 (लाख) से अधिक के नकद लेन-देन पर रोक लगाए जाने की सिफारिश की थी।

निष्कर्ष = आज के इस पोस्ट में हमने आपको बताया है कि बेनामी संपत्ति क्या है? इसके बारे में क्या कानून है तथा बेनामी संपत्ति के बारे में 7 बातें उम्मीद है यह पोस्ट आपको पसंद आयी होगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें।

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