History General Knowledge Questions Answer, इतिहास सामान्य ज्ञान

31. .निम्नलिखित में से कौन-सा शासक ‘पृथ्वीराज चौहान’ के नाम से प्रसिद्ध है?

a. पृथ्वीराज प्रथम
b. पृथ्वीराज द्वितीय
c. पृथ्वीराज तृतीय
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

Ans: c. पृथ्वीराज तृतीय

Notes: पृथ्वीराज चौहान’पृथ्वीराज चौहान’ अथवा ‘पृथ्वीराज तृतीय’ को ‘राय पिथौरा’ भी कहा जाता है। वह चौहान वंश का सबसे वीर तथा प्रसिद्ध राजा था। पृथ्वीराज चौहान तोमर वंश के राजा अनंग पाल का दौहित्र (बेटी का बेटा) था। वह अनंग पाल के बाद दिल्ली का राजा हुआ था। पृथ्वीराज के अधिकार में दिल्ली से लेकर अजमेर तक का विस्तृत भू-भाग था। राजा बनने के बाद उसने अपनी राजधानी दिल्ली का नव-निर्माण किया। उससे पहले तोमर नरेश ने एक गढ़ के निर्माण का शुभारंभ किया था, जिसे पृथ्वीराज चौहान ने विशाल रूप देकर पूरा किया। किंवदंतियों के अनुसार मुहम्मद ग़ोरी ने 18 बार पृथ्वीराज पर आक्रमण किया था, जिसमें से 17 बार ग़ोरी ने पराजय का स्वाद चखा था। पृथ्वीराज चौहान, चौहान वंश

32. चित्तौड़ के ‘कीर्ति स्तम्भ’ का निर्माण किसने करवाया था?

a. राणा सांगा
b. राणा कुम्भा
c. राणा प्रताप
d. राणा उदय सिंह

Ans: b. राणा कुम्भा

Notes: कीर्ति स्तम्भ’राणा कुम्भा’ मेवाड़ के एक महान् योद्धा व सफल शासक थे। 1418 ई. में लक्खासिंह की मृत्यु के बाद उनका पुत्र मोकल मेवाड़ का राजा हुआ, किन्तु 1431 ई. में उसकी मृत्यु हो गई और उसका उत्तराधिकारी राणा कुम्भा हुआ। राणा कुम्भा स्थापत्य का बहुत अधिक शौकीन था। मेवाड़ में निर्मित 84 क़िलों में से 32 क़िलों का निर्माण उसने करवाया था। राणा कुम्भा ने अपने प्रबल प्रतिद्वन्द्वी मालवा के शासक हुसंगशाह को परास्त कर 1448 ई. में चित्तौड़ में एक ‘कीर्ति स्तम्भ’ की स्थापना करवाई। उसने कुम्भलगढ़ के नवीन नगर एवं क़िलों में अनेक शानदार इमारतें बनवायी थीं। राणा कुम्भा, कीर्ति स्तम्भ

33. .निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

a. बाबर – खानवा का युद्ध
b. हुमायूँ – चौसा-खानवा का युद्ध
c. अकबर- हल्दीघाटी का युद्ध
d. जहाँगीर- बल्ख का युद्ध

Ans: d. जहाँगीर- बल्ख का युद्ध

Notes: अपने पुत्रों के साथ जहाँगीर’नूरुद्दीन सलीम जहाँगीर’ का जन्म फ़तेहपुर सीकरी में स्थित शेख़ सलीम चिश्ती की कुटिया में राजा भारमल की बेटी ‘मरियम ज़मानी’ के गर्भ से 30 अगस्त, 1569 ई. को हुआ था। अपने आरंभिक जीवन में जहाँगीर शराबी और आवारा शाहज़ादे के रूप में बदनाम था। उसके पिता अकबर ने उसकी बुरी आदतें छुड़ाने की बड़ी चेष्टा की, किंतु उसे सफलता नहीं मिली। अपने शासनकाल में जहाँगीर ने न्याय व्यवस्था ठीक रखने की ओर विशेष ध्यान दिया। न्यायाधीशों के अतिरिक्त वह स्वयं भी जनता के दु:ख-दर्द को सुनता था। उसके लिए उसने अपने निवास−स्थान से लेकर नदी के किनारे तक एक जंजीर बंधवाई थी। यदि किसी को कुछ फरियाद करनी हो, तो वह उस जंजीर को पकड़ कर खींच सकता था, ताकि उसमें बंधी हुई घंटियों की आवाज़ सुनकर बादशाह उस फरियादी को अपने पास बुला सके। जहाँगीर, मुग़ल वंश

34. निम्नलिखित संगठनों में से किसने ‘शुद्धि आन्दोलन’ का समर्थन किया?

a. आर्य समाज
b. देव समाज
c. ब्रह्म समाज
d. प्रार्थना समाज

Ans: a. आर्य समाज

Notes: दयानंद सरस्वतीस्वामी दयानंद सरस्वती ने संभवत: 7 अप्रैल या 10 अप्रैल सन 1875 ई. को बम्बई में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य वैदिक धर्म को पुनः शुद्ध रूप से स्थापित करने का प्रयास, भारत को धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से एक सूत्र में बांधने का प्रयत्न और पाश्यात्य प्रभाव को समाप्त करना आदि था। दयानंद सरस्वती द्वारा चलाये गये ‘शुद्धि आन्दोलन’ के अन्तर्गत उन लोगों को पुनः हिन्दू धर्म में आने का मौका मिला, जिन्होंने किसी कारणवश इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था। एनी बेसेंट ने कहा था कि- “स्वामी दयानन्द ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने कहा कि ‘भारत भारतीयों के लिए है’।” आर्य समाज, स्वामी दयानंद सरस्वती

35. .’इण्डिया डिवाइडेड’ नाम की पुस्तक के लेखक कौन थे?

a. मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
b. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
c. नरेन्द्र देव
d. अरुणा आसफ़ अली

Ans: b. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

Notes: डॉ. राजेंद्र प्रसाद’डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद’ भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। बिहार प्रान्त के एक छोटे-से गाँव जीरादेयू में 3 दिसम्बर, 1884 ई. में राजेन्द्र प्रसाद का जन्म हुआ था। राजेन्द्र प्रसाद प्रतिभाशाली और विद्वान् व्यक्तियों में से एक थे। ज्ञान के प्रति लगाव होने के कारण ही राजेन्द्र प्रसाद धनी और दरिद्र दोनों के घरों में प्रकाश लाना चाहते थे। उन्होंने कई पुस्तकों की भी रचना की थी, जिनमें ‘चम्पारन में सत्याग्रह’ (1922 ई.), ‘इंडिया डिवाइडेड’ (1946 ई.), ‘महात्मा गांधी एंड बिहार’, ‘सम रेमिनिसन्सेज’ (1949 ई.) आदि मुख्य थीं। सन 1962 में अवकाश प्राप्त करने पर राष्ट्र ने उन्हें ‘भारत रत्‍न’ की सर्वश्रेष्ठ उपाधि से सम्मानित किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद

36. .प्रसिद्ध विद्वान् अश्वघोष किसके शासनकाल में हुआ?

a. अशोक
b. हर्षवर्धन
c. कनिष्क
d. पुष्यमित्र शुंग

Ans: c. कनिष्क

Notes: कनिष्क का सिक्का’कनिष्क’ के राज्यारोहण के समय कुषाण साम्राज्य में अफ़ग़ानिस्तान, सिंध का भाग, बैक्ट्रिया एवं पार्थिया के प्रदेश सम्मिलित थे। कनिष्क ने भारत में अपना राज्य मगध तक विस्तृत कर दिया था। वहाँ से वह प्रसिद्ध विद्वान् अश्वघोष को अपनी राजधानी पुरुषपुर ले आया। तिब्बत और चीन के कुछ लेखकों ने लिखा है कि उसका साकेत और पाटलिपुत्र के राजाओं से युद्ध हुआ था। कश्मीर को अपने राज्य में मिलाकर कनिष्क ने वहाँ एक नगर बसाया था, जिसे ‘कनिष्कपुर’ कहते हैं। शायद कनिष्क ने उज्जैन के क्षत्रप को भी हराया और मालवा का प्रान्त प्राप्त किया था। कनिष्क

37. कुषाण वंश के वृक्ष का पता चलता है-

a. राबाटक अभिलेख से
b. रोसेटा अभिलेख से
c. हाथी गुम्फा अभिलेख से
d. शोडाष अभिलेख से

Ans: a. राबाटक अभिलेख से

38. .’मिलिन्द’ किस हिन्दी-यूनानी राजा को कहा गया है?

a. मिरेकस
b. मिनांडर
c. डेमेट्रियस
d. महापद्मनंद

Ans: b. मिनांडर

Notes: मिलिन्द का सिक्का’मिलिन्द’ पंजाब पर लगभग 160 ई. पू. से 140 ई. पू. तक राज्य करने वाले यवन राजाओं में सबसे उल्लेखनीय राजा था। इसे मिलिंद के अतिरिक्त अन्य नामों, जैसे- ‘मनेन्दर’, ‘मीनेंडर’ या ‘मीनांडर’ आदि से भी जाना जाता था। इसके विविध प्रकार के बहुत से सिक्के उत्तर भारत के विस्तृत क्षेत्रों में, यहाँ तक की यमुना नदी के दक्षिण में भी मिलते हैं। सम्भव है कि ‘गार्गी संहिता’ में जिस दुरात्मा वीर यवन राजा द्वारा प्रयाग पर अधिकार करके कुसुमपुर (अर्थात् पाटलिपुत्र) में भय उत्पन्न करने का उल्लेख है, वह मिलिन्द ही हो। मिलिंद (मिनांडर)

39. शेरशाह के बाद और अकबर से पहले दिल्ली पर राज करने वाले हिन्दू राजा का नाम क्या था?

a. पृथ्वीराज
b. हेमू
c. भोज
d. पुष्यमित्र

Ans: b. हेमू

Notes: हेमचन्द्र विक्रमादित्य’हेमू’ भारत का अंतिम हिन्दू राजा था। “मध्यकालीन भारत का नेपोलियन” कहा जाने वाला हेमू अपनी असाधारण प्रतिभा के बल पर एक साधारण व्यापारी से प्रधानमंत्री एवं सेनाध्यक्ष की पदवी तक पहुँचा था। हुमायूँ की मृत्यु के बाद हेमू ने दिल्ली की तरफ़ रुख किया और रास्ते में बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की कई रियासतों को फ़तेह किया। आगरा में मुग़ल सेनानायक इस्कंदर ख़ान उज़्बेग को जब पता चला कि हेमू उनकी तरफ़ आ रहा है तो वह बिना युद्ध किये ही मैदान छोड़ कर भाग गया। 7 अक्टूबर, 1556 ई. में हेमू ने तरदी बेग ख़ान को हराकर दिल्ली पर विजय हासिल की। यहीं हेमू का राज्याभिषेक हुआ और उसे ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि से नवाजा गया। लगभग तीन शताब्दियों के मुस्लिम शासन के बाद पहली बार कोई हिन्दू दिल्ली का राजा बना था। हेमू

40. .’आर्य’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?

a. वीर या योद्धा
b. श्रेष्ठ या कुलीन
c. यज्ञकर्ता या पुरोहित
d. विद्धान

Ans: b. श्रेष्ठ या कुलीन

Notes: ‘आर्य’ प्रजाति की आदि भूमि के संबंध में अभी तक विद्वानों में बहुत मतभेद हैं। भाषा वैज्ञानिक अध्ययन के प्रारंभ में प्राय: भाषा और प्रजाति को अभिन्न मानकर एकोद्भव (मोनोजेनिक) सिद्धांत का प्रतिपादन हुआ और माना गया कि भारोपीय भाषाओं के बोलने वालों के पूर्वज कहीं एक ही स्थान में रहते थे और वहीं से विभिन्न देशों में गए। संस्कृत भाषा के शब्द ‘आर्य’ का अर्थ होता था- ‘कुलीन और सभ्य’। इसलिये पुराने इतिहासकारों, जैसे मैक्समूलर ने आदिम और आधुनिक हिन्द-यूरोपीय भाषा बोलने वाली जातियों का नाम “आर्य” रख दिया। ये नाम यूरोपीय लोगों को काफ़ी पसन्द आया और जल्द ही सभी यूरोप वासियों ने अपने-अपने देशों को प्रचीन आर्यों की जन्मभूमि बताना शुरू कर दिया। आर्य

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