GK in Hindi

History General Knowledge Questions Answer, इतिहास सामान्य ज्ञान

11. .मलिक काफ़ूर को हज़ार दीनारी कहा गया था, क्योंकि-

a. उसे 1000 दीनार में ख़रीदा गया था।
b. वह 1000 सैनिकों का प्रधान था।
c. उसके पास 1000 गाँवों का स्वामित्व था।
d. वह 1000 दीनार प्रतिदिन दान करता था।

Ans: a. उसे 1000 दीनार में ख़रीदा गया था।

Notes: ‘मलिक काफ़ूर’ मूलतः हिन्दू जाति का एक किन्नर था। उसे नुसरत ख़ाँ ने एक हज़ार दीनार में ख़रीदा था, जिस कारण उसका एक अन्य नाम ‘हज़ार दीनारी’ पड़ गया। नुसरत ख़ाँ ने मलिक काफ़ूर को ख़रीदकर 1298 ई. में गुजरात विजय से वापस जाने पर सुल्तान अलाउद्दीन ख़िलजी के समक्ष तोहफ़े के रूप में प्रस्तुत किया। 1316 ई. में अलाउद्दीन ख़िलजी की मृत्यु के बाद मलिक काफ़ूर ने सुल्तान के नाबालिग लड़के को सिंहासन पर बैठाकर राज्य की सम्पूर्ण शक्ति को अपने हाथ में केंद्रित कर लिया। मलिक काफ़ूर

12. हड़प्पा वासियों को निम्नलिखित में से किसका ज्ञान नहीं था?

a. कुओं का निर्माण
b. खम्भों का निर्माण
c. नालियों का निर्माण
d. मेहराबों का निर्माण

Ans: d. मेहराबों का निर्माण

Notes: सिंधु घाटी सभ्यता में स्थित एक कुआँ और स्नान घर’हड़प्पा’ पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में स्थित माण्टगोमरी ज़िले में रावी नदी के बायें तट पर स्थित पुरास्थल है। यहाँ पर 6:6 की दो पंक्तियों में निर्मित कुल बारह कक्षों वाले अन्नागार के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिनके आकार 50×20 मीटर और कुल क्षेत्रफल 2,745 वर्ग मीटर से अधिक हैं। हड़प्पा से प्राप्त अन्नागार नगरमढ़ी के बाहर रावी नदी के निकट स्थित थे। हड़प्पा के ‘एफ’ टीले में पकी हुई ईटों से निर्मित 18 वृत्ताकार चबूतरे मिले हैं। इन चबूतरों में ईटों को खड़े रूप में जोड़ा गया है। प्रत्येक चबूतरे का व्यास 3.20 मीटर है। हर चबूतरे में सम्भवतः ओखली लगाने के लिए छेद था। इन चबूतरों के छेदों में राख, जले हुए गेहूँ तथा जौ के दाने एवं भूसा के तिनके मिले है। ‘मार्टीमर ह्रीलर’ का अनुमान है कि इन चबूतरों का उपयोग अनाज पीसने के लिए किया जाता रहा होगा। हड़प्पा

13. .निम्न में से किस व्यक्ति को ‘बिना ताज का बादशाह’ कहा जाता है?

a. बाल गंगाधर तिलक
b. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
c. राजा राममोहन राय
d. महात्मा गाँधी

Ans: b. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी

Notes: सुरेन्द्रनाथ बनर्जी’सुरेन्द्रनाथ बनर्जी’ ने ‘बंगाल विभाजन’ का घोर विरोध किया था। विभाजन के विरोध में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी ने ज़बर्दस्त आंदोलन चलाया, जिससे वे बंगाल के निर्विवाद रूप से नेता मान लिये गये। वे बंगाल के बिना ताज़ के बादशाह कहलाने लगे थे। बंगाल का विभाजन 1911 ई. में रद्द कर दिया गया, जो सुरेन्द्रनाथ बनर्जी की एक बहुत बड़ी जीत थी। लेकिन इस समय तक देशवासियों में एक नया वर्ग पैदा हो गया था, जिसका विचार था कि ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ के वैधानिक आंदोलन विफल सिद्ध हुए हैं और भारत में स्वराज्य प्राप्ति के लिए और प्रभावपूर्ण नीति अपनाई जानी चाहिए। सुरेन्द्रनाथ बनर्जी

14. हड़प्पा काल में ताँबे के रथ की खोज किस स्थान से हुई थी?

a. कुनाल
b. राखीगढ़ी
c. दैमाबाद
d. बनवाली

Ans: c. दैमाबाद

Notes: ‘दैमाबाद’ महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले में गोदावरी नदी की सहायक नदी प्रवरा की घाटी पर स्थित है। यह सिन्धु सभ्यता का अंतिम दक्षिणी स्थल है। दैमाबाद से उत्तर-हड़प्पा के बाद के ताम्रपाषाणयुगीन जीवन-यापन के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इस स्थान का इसलिए विशेष महत्त्व है, क्योंकि महाराष्ट्र के आद्य इतिहास सम्बन्धी जीवन-यापन का आधारभूत अनुक्रम यहीं से प्राप्त हुआ है। दैमाबाद में ताँबे की चार वस्तुएँ मिली हैं- ‘रथ चलाते हुए मनुष्य’, ‘साँड़’, ‘गेंडे’ और ‘हाथी की आकृतियाँ’, जिनमें प्रत्येक ठोस धातु की बनी हैं, इनका वजन कई किलो है। परंतु ये वस्तुएँ उत्खनित स्तरीकृत संदर्भ की हैं, इसमें संदेह है। दैमाबाद

15. .महावीर स्वामी ‘यती’ कब कहलाए?

a. घर त्यागने के बाद
b. इन्द्रियों को जीतने के बाद
c. ज्ञान प्राप्त करने के बाद
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

Ans: a. घर त्यागने के बाद

Notes: महावीरकलिंग नरेश की कन्या यशोदा से महावीर का विवाह हुआ था। किंतु 30 वर्ष की उम्र में ही अपने ज्येष्ठ बंधु की आज्ञा लेकर इन्होंने घर-बार छोड़ दिया और तपस्या करके ‘कैवल्य ज्ञान’ प्राप्त किया। महावीर ने पार्श्वनाथ के आरंभ किए तत्वज्ञान को परिमार्जित करके उसे जैन दर्शन का स्थायी आधार प्रदान किया। महावीर ऐसे धार्मिक नेता थे, जिन्होंने राज्य का या किसी बाहरी शक्ति का सहारा लिए बिना ही केवल अपनी श्रद्धा के बल पर जैन धर्म की पुन: प्रतिष्ठा की। आधुनिक काल में जैन धर्म की व्यापकता और उसके दर्शन का पूरा श्रेय महावीर को दिया जाता है। भगवान महावीर ने अपनी इन्द्रियों को जीत लिया था, जिस कारण इन्हें ‘जीतेंद्र’ भी कहा जाता है। महावीर

16. .मोहन जोदड़ो के स्नानागार के पश्चिम में स्थित स्तूप का निर्माण किस काल में किया गया था?

a. मौर्य काल
b. कुषाण काल
c. शुंग काल
d. सातवाहन काल

Ans: b. कुषाण काल

Notes: बौद्ध स्तूप, मोहनजोदाड़ोमोहनजोदाड़ो के पश्चिमी भाग में स्थित दुर्ग टीले को ‘स्तूप टीला’ भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ पर कुषाण काल के शासकों ने एक स्तूप का निर्माण करवाया था। मोहनजोदाड़ो से प्राप्त अन्य अवशेषों में कुम्भकारों के 6 भट्टों के अवशेष, सूती कपड़ा, हाथी का कपाल खण्ड, गले हुए तांबें के ढेर, सीपी की बनी हुई पटरी एवं कांसे की नृत्यरत नारी की मूर्ति के अवशेष मिले हैं। राना थुण्डई के निम्न स्तरीय धरातल की खुदाई से घोड़े के दांत के अवशेष मिले हैं, जो संभवतः सभ्यता एवं संस्कृति से अनेक शताब्दी पूर्व के प्रतीत होते हैं। कुषाण काल

17. भारत में ‘धन का निष्कासन’ का क्या तात्पर्य है?

a. भारत में निर्यात से अधिक आयात का होना।
b. भारत से सोना-चाँदी विदेशों में ले जाना।
c. प्रतिभा का पलायन।
d. जो धन भारत से बाहर जाता था, उसके बदले में कुछ भी प्राप्त न होना।

Ans: d. जो धन भारत से बाहर जाता था, उसके बदले में कुछ भी प्राप्त न होना।

18. .’सिंध का बाग़’ या ‘मृतकों का टीला’ हड़प्पा सभ्यता के किस पुरास्थल को कहा गया है?

a. हड़प्पा
b. कालीबंगा
c. मोहनजोदाड़ो
d. लोथल

Ans: c. मोहनजोदाड़ो

Notes: मोहनजोदाड़ो की मुहरहड़प्पा, मेहरगढ़ और लोथल की ही शृंखला में मोहनजोदाड़ो में भी पुरातत्त्व उत्खनन किया गया था। मोहनजोदाड़ो, जिसका कि अर्थ ‘मुर्दो का टीला’ है, 2600 ईसा पूर्व की एक सुव्यवस्थित नगरीय सभ्यता थी। यहाँ मिस्र और मैसोपोटामिया जैसी ही प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं। इस सभ्यता के ध्वंसावशेष पाकिस्तान के सिन्ध प्रांत के लरकाना ज़िले में सिंधु नदी के दाहिने किनारे पर प्राप्त हुए हैं। यह नगर क़रीब 5 कि.मी. के क्षेत्र में फैला हुआ है। मोहनजोदाड़ो के टीलों का 1922 ई. में खोजने का श्रेय राखालदास बनर्जी को प्राप्त हुआ था। मोहनजोदाड़ो

19. “कांग्रेस की स्थापना ब्रिटिश सरकार की एक पूर्व-निश्चित गुप्त योजना के अनुसार की गई।” यह किस पुस्तक में लिखा गया है?

a. नवजीवन
b. इण्डिया टुडे
c. द पॉवर्टी एण्ड अनब्रिटिश रूल इन इण्डिया
d. गोरा

Ans: b. इण्डिया टुडे

20. .ऐसा कौन-सा प्रथम सूफ़ी साधक था, जिसने अपने आपको अनलहक घोषित किया था?

a. मंसूर हल्लाज
b. जलालुद्दीन रूमी
c. फ़रीदुद्दीन अत्तार
d. इब्नुल अरबी

Ans: a. मंसूर हल्लाज
DSGuruJi - PDF Books Notes