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राज्यसभा के पूर्व सदस्य और वयोवृद्ध पत्रकार पाटिल पुत्तप्पा का निधन

17 मार्च 2020 को कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (किम्स) में वयोवृद्ध पत्रकार और राज्यसभा सदस्य पाटिल पुत्तप्पा का निधन हो गया। उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण उनकी मौत हो गई।

पाटिल पुत्तप्पा के बारे में

पुट्टाप्पा ने दो कार्यकाल के लिए कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व किया। वह एक कट्टर कन्नड़ कार्यकर्ता, लोकप्रिय लेखक और पत्रकार थे । वे साप्ताहिक पत्रिका “प्रपंचा” के संस्थापक और संपादक थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया। वे कन्नड़ निगरानी समिति के अध्यक्ष भी रहे। वह सीमा सलाहकार समिति के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। उन्हें प्यार से “पप्पू” कहा जाता था।

साहित्य में योगदान

पुट्टप्पा ने कई कन्नड़ भाषा की किताबें जैसे कवि लेखकारू, नीवु नागाबेकू, कर्नाटक संगीता कलारत्नू आदि लिखे हैं।

पुरस्कार

लीजेंड को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। इसमें नाडोजा अवॉर्ड, वूडे अवॉर्ड और नरुपतुंगा अवॉर्ड शामिल हैं।

स्वतंत्रता संघर्ष और कन्नडिगास का एकीकरण

आजादी के समय पुत्तप्पा कन्नडिगास के क्षेत्रों के एकीकरण की मांग करते हुए आगे थे। कन्नड़ की भाषा बोलने वाले लोगों का समूह कन्नड़ है। कई स्थान हैं जो भूमि पर कन्नडिगास के दावे को प्रोजेक्ट करते हैं। उनमें से कुछ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में भी शामिल हैं । यूनेस्को की कुछ विश्व धरोहर स्थल एलोरा गुफाएं, अजंता गुफाएं, हाथीगुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर आदि हैं।

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