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20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज: प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त खाद्यान्न, किराये की आवासीय योजना

20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज: प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त खाद्यान्न, किराये की आवासीय योजना14 मई, 2020, ₹ 20 लाख करोड़ आर्थिक पैकेज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हिस्सों में जारी किया है। आर्थिक पुनरुद्धार की प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्रित है। इस किस्त में प्रवासी मजदूरों, सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार और छोटे किसानों के लिए ऐलान हैं। पहली किस्त में उन्होंने करीब 6 लाख करोड़ रुपए की योजनाओं का ऐलान किया।

किसानों के लिए

  • वित्त मंत्री ने कहासरकार लॉकडाउन में भी लगातार काम कर रही है। अब तक 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, 3 करोड़ किसानों तक मदद पहुंचाई गई है। कोरोना के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, यह राशि 86,600 करोड़ रुपये है।
  • इसके अलावा पैकेज के तहत छोटे किसानों को बड़ी राहत दी गई है। उन्हें दिए जाने वाले कर्ज पर ब्याज में छूट की स्कीम 31 मई तक बढ़ा दी गई है।

प्रवासी मजदूरोंं के लिए

  • प्रवासी मजदूर और शहरी गरीब चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वक्त हमने बहुत तेजी से मदद की है। हमने राज्यों को आपदा राहत का इस्तेमाल करने की अनुमति दी। इसके जरिए 11,000 करोड़ रुपये की मदद की गई है।
  • सेल्टर होम में तीन समय के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा इस आपदा के वक्त 12000 सेल्फ हेल्प ग्रुप्स ने 3 करोड़ मास्क बनाए हैं। 1.20 लाख लीटर सैनिटाइजर बना गया है। इससे भी ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार मिला है।
  • गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पैसा पोर्टल शुरू किया गया था। अब इसे पूरे देश में शुरू किया जा रहा है। 15 मार्च के बाद ग्रामीण इलाकों में करीब 7200 नए सेल्फ ग्रुप बनाए गए हैं।
  • 13 मई तक मनरेगा के तहत 14.62 करोड़ लोगों को काम दिया गया। इसके माध्यम से करीब 10 हजार करोड़ रुपए की मदद की गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार इसमें 40 से 50% नए लोग जोड़े गए हैं।
  • मनरेगा के तहत रोजाना औसत मजदूरी 182 से बढ़ाकर 202 रुपए की गई है। इसके अलावा राज्यों को भी सलाह दी गई है कि वे मजदूरों को काम दें। मानसून में भी मनरेगा मजदूरों से काम लिया जाएगा।
  • महिला कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी होगी
  • इसके अलावा महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट में काम करने पर सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी की जाएंगी।
  • सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिलेंगे।
  • न्यूनतम मजदूरी में भेदभाव खत्म करेंगे, मजदूरों का सालाना हेल्थ चेकअप होगा।

मजदूरों को अगले दो महीने फ्री राशन

अगले 2 महीने तक सभी मजदूरों को अनाज मिलेगा। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें 5 किलो चावल या गेहूं, 1 किलो चना दो महीने तक मिलेगा। इससे 8 करोड़ मजदूरों को मदद मिलेगी। इसपर सरकार 2500 करोड़ खर्च करेगी। केंद्र सरकार इस योजना के लिए खर्च करेगी और राज्यों की जिम्मेदारी राशन वितरण की होगी।

मजदूरों को दूसरे शहर में कम किराए पर मकान दिलाने के लिए नई योजना लाई जाएगी।

वन नेशन वन राशन कार्ड लाएगी जाएगी

वन नेशन वन राशन कार्ड’ की योजना हम लाने वाले हैं। इसके लिए मार्च 2021 तक लक्ष्य रखा गया है। इससे किसी भी राज्य में मजदूरों को राशन मिल सकेगा। इससे करीब 67 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।

मजदूरों को किराए पर सस्ते मकान दिलाएगी सरकार

मजदूरों को दूसरे राज्य या शहर में कम किराए पर मकान दिलाने के लिए नई योजना लाई जाएगी। इसके तहत शहरों में सरकार के फंड से एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।

मुद्रा शिशु लोन में ब्याज में राहत

मुद्रा शिशु लोन के दायरे में जो आते हैं, उन्हें ब्याज से राहत दी जाएगी। मुद्रा शिशु लोन लेने वालों को ब्याज में 2 फीसदी की छूट दी जाएगी, इसके लिए सरकार ने 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों के लिए 50 हजार करोड़ रुपए

सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों के लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपए जारी किए हैं। इससे करीब 50 लाख रेहड़ी लगाने वालों को फायदा होगा। इन्हें 1 महीने के भीतर 10 हजार रुपए का लोन दिया जाएगा। इन दुकानदारों को डिजिटल पेमेंट करना होगा। इससे इन्हें रिवार्ड भी मिलेगा।

मिडिल क्लास के लिए

हाउसिंग सेक्टर के लिए 70 हजार करोड़

सरकार क्रेडिट लिंक बेस्ड सब्सिडी स्कीम (एमआईजी) को मार्च 2021 तक बढ़ा रही है। इससे मिडिल क्लास (जिनकी सालाना आय 6 लाख से 18 लाख तक है) के 2.50 लाख लोगों को फायदा होगा। रोजगार भी पैदा होगा। इससे स्टील, सीमेंट और अन्य उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी।

आदिवासियों-ग्रामीणों को रोजगार मिले, इसके लिए जारी किए 6000 करोड़ रुपए

ट्रायबल और आदिवासियों को रोजगार मिले। इसके लिए सरकार 6000 करोड़ रुपए जारी होंगे। इस फंड का इस्तेमाल राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में पौधारोपण, फोरेस्ट मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ संबंधित निर्माण में इस्तेमाल कर सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा होगा।

 

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