आज के टॉप करेंट अफेयर्स

सामयिकी: 7 अप्रैल 2020

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Current Affairs: 7 April 2020

1. नौसेना की दक्षिणी कमान ने गैर चिकित्साकर्मियों के लिए तैयार किया प्रशिक्षण कैप्सूल

नौसेना की दक्षिणी कमान के कोविड कोर वर्किंग समूह ने गैर-चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए बैटल फील्ड नर्सिंग असिस्टेंट (बीएफएनए) हेतु प्रशिक्षण कैप्सूल तैयार किया है, जो आपात समय में फोर्स मल्टीप्लायर का कार्य करेंगे।

  • इस कोर टीम में कमान चिकित्सा अधिकारी, आईएनएस वेंदुरुथी और आईएनएचएस संजीवनी के कमांडिंग अधिकारी और कमान प्रशिक्षण अधिकारी शामिल हैं, इस कोर टीम ने बीएफएनए अवधारणा का उपयोग किया है और एक छोटा कैप्सूल (पाठ्यक्रम) तैयार किया है।
  • इसमें गैर-चिकित्साकर्मियों के लिए हाथों की स्वच्छता, पीपीई पहनने और उतारने, बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की अवधारणा और आपात स्थिति के दौरान ले जाने की व्यवस्था जैसी मूलभूत अवधारणाओं को सरल रूप में शामिल किया गया है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरल रणनीतियों को भी इस पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
  • गैर-चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षित करने हेतु नौसेना की दक्षिणी कमान की सभी यूनिट्स में सक्रिय रूप से प्रशिक्षण कार्य किया जा रहा है। ये गैर-चिकित्साकर्मी आपात समय में फोर्स मल्टीप्लायर का कार्य करेंगे। नौसेना की दक्षिणी कमान में 04 अप्रैल तक 333 कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

2. ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने बाबत प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में समिति गठित करने की घोषणा

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ नें नई दिल्ली में देश के सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ COVID -19 के संदर्भ में कई बिन्दुओं पर चर्चा की जैसे:

  • i)   छात्रावास में रह रहे छात्रों एवं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य सम्बन्धी किये जाने वाले उपाय
  • ii)  विश्वविद्यालय में शारीरिक दूरी एवं अलगाव के निर्देशों का समुचित पालन
  • iii) विश्वविद्यालय में COVID-19 के शंकित मामलों की टेस्टिंग के लिए प्रावधान
  • iv) छात्रों की शिक्षा को जारी रखने के लिए किये गए प्रबंध
  • v)  मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रबंध
  • vi) सभी कर्मचारियों (स्थायी, अस्थायी एवं दैनिक वेतन भोगी) के वेतन संबंधी समस्याओं का निराकरण
  • vii) नवाचार, अविष्कार एवं खोज को सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को अवगत कराने सम्बन्धी पहल
  • viii)   COVID-19 से संबंधित अनुसंधान

इस मीटिंग में निम्न निर्णय लिए गए

  • केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने तथा ऑनलाइन परीक्षा बाबत सुझाव देने हेतु इग्नू के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की घोषणा भी की है|
  • इसी तरह, सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के छात्रों की सतत शिक्षा एवं स्वर्णिम भविष्य के लिए यू.जी.सी. के नेतृत्व में एक अकैडमिक कलेंडर कमेटी बनाने का निर्णय भी माननीय मंत्री जी द्वारा लिया गया है जो शैक्षणिक सत्र में विलम्ब न हो इसके लिए उपाय सुझाएगी|
  • छात्रों के मानसिक आरोग्य को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्री नें मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने की घोषणा की जो स्कूल के छात्रों के साथ-साथ कालेज एवं विश्वविद्यालयों के छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को अक्षुण्ण रखने के लिए विभिन्न केन्द्रीय विद्यालयों एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय करेगी|
  • इसके अलावा निशंक नें सभी से भारत सरकार द्वारा विकसित आरोग्य सेतु एप्प का भरपूर इस्तेमाल करने को कहा और COVID-19 के प्रसार की रोकथाम के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा समय समय पर जारी दिशा निर्देशों का सम्यक दृष्टि से पालन करने पर जोर दिया|

3. आयुष्मान भारत योजना के गरीब और वंचित वर्ग, कोविड-19 की मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा के पात्र

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA – National Health Authority) ने बताया है कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए चयनित अस्पतालों में इलाज और निजी प्रयोगशालाओं में जांच की सुविधा नि:शुल्क दी जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने की जिम्मेदारी निभा रहे एनएचए ने कहा कि इससे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई मजबूत होगी।

  • एनएचए ने विज्ञप्ति में कहा, ‘कोरोना वायरस संक्रमण की जांच पहले ही सरकारी प्रयोशालाओं में मुफ्त है। अब 50 करोड़ से अधिक नागरिक जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आते हैं, निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस संक्रमण की मुफ्त जांच और पैनल के अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे।’
  • अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) से संबद्ध अस्पताल अपने अधिकृत जांच प्रयोगशाला का इस्तेमाल कर सकेंगे या अधिकृत जांच प्रयोगशाला से करा सकेंगे। प्राधिकरण ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की जांच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा तय दिशानिर्देशों के अनुरूप और उससे मंजूरी प्राप्त या पंजीकृत प्रयोगशाला में ही किया जाना चाहिए।
  • आईसीएमआर द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं को जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक उन्हीं प्रयोगशालाओं में जांच हो सकती है, जो नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग ऐंड कैलिब्रेशन ऑफ लेबोरट्रीज (एनएबीएल) से इस विषाणु की संबंधित जांच के लिए मान्यता प्राप्त हो।

आयुष्मान भारत योजना

  • आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे 23 सितंबर, 2018 को पूरे देश में लागू किया गया था। 2018 के बजट सत्र में स्वर्गीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस योजना की घोषणा की थी।
  • इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है।
  • इसका लक्ष्य 10 करोड़ परिवार (लगभग 50 करोड़ लोग) को इस योजना के अंतर्गत लाना है। इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है।
  • इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती के दिन झारखण्ड के रांची से आरम्भ किया था।

4. एम्स दिल्ली के डॉक्टर दीपक अग्रवाल ने ईजाद किया एक छोटा वेंटिलेटर

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के डॉक्टर दीपक अग्रवाल ने एक सस्ता और छोटा वेंटिलेटर ईजाद किया है।  यह वेंटिलेटर्स आकार में टोस्टर जितना है।
  • रोबोट विज्ञानी दिवाकर वैश के साथ मिलकर डॉक्टर दीपक अग्रवाल ने पांच वर्ष पहले वेंटिलेटर को विकसित किया था, जिसे अब उन्नत किया गया है, ताकि यह कोविड-19 के प्रभाव को निष्क्रिय कर सके।
  • वर्ष 2015 में इसके कई प्रोटोटाइप बनाए गए थे। वर्ष 2017 में इसे कमर्शल किया गया था। वर्तमान में AGVA नाम के स्टार्टअप के साथ मिलकर इन वेंटिलेटर्स का निर्माण किया जा रहा है। इन्हें आसानी से एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाया जा सकता है।
  • एम्स में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उन्हें एम्स में भर्ती ऐसे रोगियों से वेंटिलेटर बनाने की प्रेरणा मिली, जो एम्स में सिर्फ इसलिए भर्ती थे कि उनका जीवन वेंटिलेटर पर निर्भर था।
  • डॉ. अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ मंत्रालय ने उनसे दस हजार वेंटिलेटर की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे प्रति माह बीस हजार वेंटिलेटर बना सकते हैं।

वेंटिलेटर की खूबियाँ

  • इस वेंटिलेटर में शरीर की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए एक मोबाइल जो पामटॉप की तरह है उसका इस्तेमाल किया गया है। इस मोबाइल में मरीज संबंधित सभी तरह की जानकारी है और उसके शरीर में जिस किस्म की जरूरत है, उस हिसाब से मोबाइल में प्रोग्रामिंग तय किया जाता है।
  • इस वेंटिलेटर का वजन महज 3.5 किलोग्राम है और इसकी कीमत केवल 1.5 लाख रुपए है। जबकि आईसीयू में आमतौर पर जो वेंटिलेटर्स इस्तेमाल होते हैं उनकी कीमत सामान्यतः 10 से 15 लाख रुपये होती है।

वेंटिलेटर

  • वेंटिलेटर एक मशीन है जो रोगी को सांस लेने में मदद करती है। इसके लिए मुंह, नाक या गले में एक छोटे से कट के माध्यम से एक ट्यूब श्वास नली में डाली जाती है। इसे मैकेनिकल वेंटिलेशन भी कहा जाता है। यह एक जीवन सहायता उपचार है। मैकेनिकल वेंटिलेशन की जरुरत तब पड़ती है जब कोईरोगी प्राकृतिक तरीके से अपने आप सांस लेने में सक्षम नहीं होता है। इसके कई अन्य नाम भी हैं जैसे – ब्रीथिंग मशीन या रेस्पिरेटर या मैकेनिकल वेंटिलेटर इत्यादि।

5. मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन के निर्यात पर पाबंदी और सख्त

  • सरकार ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन के निर्यात पर पाबंदी और सख्त कर दी है तथा विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) की इकाइयों को भी रोक के दायरे में शामिल कर दिया गया है।
  • सरकार देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण परिस्थिति बिगड़ने की आशंकाओं को देखते हुए ये रोक लगा रही है, ताकि देश में जरूरी दवाओं की कमी नहीं हो।
  • विदेशी व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि, “हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन तथा इससे बनने वाली अन्य दवाओं का निर्यात अब सेज से भी नहीं हो सकेगा, भले ही इसके लिये पहले मंजूरी दी जा चुकी हो अथवा भुगतान किया जा चुका हो। निर्यात पर बिना किसी छूट के पाबंदी रहेगी।“
  • विदित है कि सीमा शुल्क नियमों के मामले में सेज को विदेशी निकाय माना जाता है। इस कारण निर्यात पर रोक के आदेश आम तौर पर सेज पर लागू नहीं होते हैं। इससे पूर्व सरकार ने घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन के निर्यात पर 25 मार्च को रोक लगाने की घोषणा की थी।
  • इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन की आपूर्ति करने का अनुरोध किया है।

हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन

  • हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन(एंटी मलेरिया ड्रग क्लोरोक्वीन से अलग) एक मौखिक दवा है जिसका उपयोग ऑटोइम्यून रोगों जैसे कि संधिशोथ के उपचार में किया जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 मार्च को कोरोना से बचाव के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन -एज़िथ्रोमाइसिन के कॉकटेल के उपयोग के बारे में ट्वीट किया था जिसके बाद दवा का इस्तेमाल किया गया था।
  • 19 मार्च को द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में को लिखे गए एक लेख में इस दवा के फायदे और बीमारियों से लड़ने की क्षमता के बारे में बताया गया था। खासतौर से  यह दवा कोरोनोवायरस के खिलाफ एंटीवायरल गतिविधि को दर्शाती है।
  • इस दवा का खास असर SARS-CoV-2  [ यह वही वायरस जो COVID-2 का कारण बनता है] ड्रग कंसंट्रेशन और विट्रो ड्रग टेस्टिंग पर आधारित फार्मालॉजिकल मॉडलिंग के मुताबिक हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के साथ प्रोफिलैक्सिस SARS-CoV-2 संक्रमण और वायरल को रोक सकता है।

6. नीति आयोग के सीईओ की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समूह का गठन

कोविड-19 से संबंधित जवाबी गतिविधियों के लिए सरकार द्वारा निजी क्षेत्र, एनजीओ और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए अधिकार प्राप्त समूह का गठन 29 मार्च, 2020 को किया गया है

  • नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में गठित इस अधिकार प्राप्त समूह के सदस्यों में डॉ. विजयराघवन, पीएसए;  कमल किशोर (सदस्य एनडीएमए); संदीम मोहन भटनागर (सदस्य, सीबीआईसी);  अनिल मलिक (एएस एमएचए);  विक्रम दोरईस्वामी (एएस, एमईए); पी हरीश (एएस, एमईए); गोपाल बागले (जेएस, पीएमओ); ऐश्वर्या सिंह (डीएस, पीएमओ); टीना सोनी (डीएस, कैबिनेट सचिवालय) शामिल हैं।
  • यह अधिकार प्राप्त समूह हितधारकों के तीन समूहों के माध्यम से समस्याओं की पहचान, प्रभावी उपाय और योजनाओं के निर्माण संबंधी मुद्दों का समाधान प्रस्तुत करेगा।
  • समूह के तीन हितधारक निम्न हैं –
  • i)   अंतर्राष्ट्रीय संगठन – संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक
  • ii)  नागरिक समिति संगठन और विकास भागीदार
  • iii) उद्योग संघ – सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम और उद्योग जगत के प्रतिनिधि।

7. राष्ट्रपति ने महावीर जयंती पर दीं शुभकामनाएं

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महावीर जयंती पर अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि महावीर जयंती के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों, विशेषकर जैन समुदाय को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
  • उन्होंने आगे कहा कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह की भगवान महावीर की शिक्षाएं हर युग में और हर व्यक्ति के लिए प्रासंगिक हैं। इन शिक्षाओं का पालन करके एक ऐसे समावेशी और समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है जहां सभी को समान अवसर मिलें और परस्पर समन्वय एवं सद्भाव को बढ़ावा मिले।
  • विश्व में शांति, प्रेम, सदाचार और सौहार्द के प्रसार के लिए भगवान महावीर के जीवन और उनकी शिक्षाओं से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।

भगवान महावीर

  • भगवान महावीर का जन्म बिहार प्रान्त के कुण्डलपुर नगर में (वर्तमान में नालन्दा जिले में है) ईसा से 599 वर्ष पूर्व चैत्र शुक्ला त्रयोदशी को हुआ था वह वैशाली गणतंत्र के कुण्डलपुर में इक्ष्वाकु वंश के क्षत्रिय  थे राजा सिद्धार्थ उनके पिता और रानी त्रिशला उनकी माता थीं।
  • दिगम्बर परम्परा के अनुसार महावीर बाल ब्रह्मचारी थे। भगवान महावीर शादी नहीं करना चाहते थे क्योंकि ब्रह्मचर्य उनका प्रिय विषय था। भोगों में उनकी रूचि नहीं थी। परन्तु इनके माता-पिता शादी करवाना चाहते थे। दिगम्बर परम्परा के अनुसार उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था। श्वेतांबर परम्परा के अनुसार इनका विवाह यशोदा नामक सुकन्या के साथ सम्पन्न हुआ था और कालांतर में प्रियदर्शिनी नाम की कन्या उत्पन्न हुई जिसका युवा होने पर राजकुमार जमाली के साथ विवाह हुआ था।
  • भगवान महावीर जैन धर्म के चौंबीसवें (24वें) तीर्थंकर है। जैन ग्रन्थों के अनुसार समय समय पर धर्म तीर्थ के प्रवर्तन के लिए तीर्थंकरों का जन्म होता है, जो सभी जीवों को आत्मिक सुख प्राप्ति का उपाय बताते है। तीर्थंकरों की संख्या चौबीस ही कही गयी है। भगवान महावीर वर्तमान अवसर्पिणी काल की चौबीसी के अंतिम तीर्थंकर थे और ऋषभदेव पहले।
  • तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये। 12 वर्षो की कठिन तपस्या के बाद उन्हें केवल ज्ञान प्राप्त हुआ जिसके पश्चात् उन्होंने समवशरण में ज्ञान प्रसारित किया।
  • 72 वर्ष की आयु में उन्हें पावापुरी से मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस दौरान महावीर स्वामी के कई अनुयायी बने जिसमें उस समय के प्रमुख राजा बिम्बिसार, कुनिक और चेटक भी शामिल थे। जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी के जन्मदिवस को महावीर-जयंती तथा उनके मोक्ष दिवस को दीपावली के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है।
  • तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया। उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) और ब्रह्मचर्य हैं। उन्होंने अनेकांतवाद, स्यादवाद और अपरिग्रह जैसे अद्भुत सिद्धांत दिए।

भगवान महावीर के पाँच व्रत

  • सत्य ― सत्य के बारे में भगवान महावीर स्वामी कहते हैं, हे पुरुष! तू सत्य को ही सच्चा तत्व समझ। जो बुद्धिमान सत्य की ही आज्ञा में रहता है, वह मृत्यु को तैरकर पार कर जाता है।
  • अहिंसा – इस लोक में जितने भी त्रस जीव (एक, दो, तीन, चार और पाँच इंद्रीयों वाले जीव) है उनकी हिंसा मत कर, उनको उनके पथ पर जाने से न रोको। उनके प्रति अपने मन में दया का भाव रखो। उनकी रक्षा करो। यही अहिंसा का संदेश भगवान महावीर अपने उपदेशों से हमें देते हैं।
  • अचौर्य – दुसरे के वस्तु बिना उसके दिए हुआ ग्रहण करना जैन ग्रंथों में चोरी कहा गया है।
  • अपरिग्रह – परिग्रह पर भगवान महावीर कहते हैं जो आदमी खुद सजीव या निर्जीव चीजों का संग्रह करता है, दूसरों से ऐसा संग्रह कराता है या दूसरों को ऐसा संग्रह करने की सम्मति देता है, उसको दुःखों से कभी छुटकारा नहीं मिल सकता। यही संदेश अपरिग्रह का माध्यम से भगवान महावीर दुनिया को देना चाहते हैं।
  • ब्रह्मचर्य- महावीर स्वामी ब्रह्मचर्य के बारे में अपने बहुत ही अमूल्य उपदेश देते हैं कि ब्रह्मचर्य उत्तम तपस्या, नियम, ज्ञान, दर्शन, चारित्र, संयम और विनय की जड़ है। तपस्या में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठ तपस्या है। जो पुरुष स्त्रियों से संबंध नहीं रखते, वे मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ते हैं।

8. लीबिया के पूर्व प्रधानमंत्री महमूद जिब्रिल का निधन

  • दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में रोजाना ही इजाफा हो रहा है। इसमें आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों की भी जानें जा रही हैं इसी क्रम में लीबिया के पूर्व प्रधानमंत्री महमूद जिब्रिल (68 साल) का मिस्र की राजधानी काहिरा में निधन हो गया है।
  • बताया गया कि वो भी कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित थे। जिब्रिल कुछ समय पहले ही कोविड-19 से संक्रमित हुए थे। इसी संक्रमण की वजह से वो कई दिनों से बीमार भी चल रहे थे। इससे पहले कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें काहिरा के एक अस्पताल में 10 दिनों तक आइसोलेशन में भी रखा गया था।
  • लीबिया के पूर्व नेता मुअम्मर अल-गद्दाफी को हटाने और मारने के एक साल बाद साल 2012 में उदारवादी दलों का गठबंधन ‘नेशनल फोर्सेस एलायंस’ गठित हुआ था जिब्रील इस संगठन के प्रमुख थे।

9. महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने जरूरतमंदों के लिये ‘गेमचेंजर’ नाम से शुरू किया कोष

  • पिछले रणजी सत्र में कुछ समय के लिये महाराष्ट्र रणजी टीम का नेतृत्व करने वाले नौशाद शेख की की अगुवाई में खिलाड़ियों ने मैदानकर्मियों सहित जरूरतमंदों के लिये एक कोष तैयार किया है जिससे कोविड-19 महामारी के कारण तीन सप्ताह के बंद में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
  • नौशाद के साथ कुछ खिलाड़ी जुड़े हुए है जिनमें तेज गेंदबाज निखित धूमल, सूरज शिंदे (महाराष्ट्र अंडर -23), यश क्षीरसागर (अंडर-23 कप्तान और रणजी खिलाड़ी) और शुभम चौहान (रणजी टीम का मालिशिया) शामिल हैं।
  • इन सभी ने ‘गेमचेंजर राहत कोष’ नाम से कोष तैयार किया है। नौशाद ने कहा कि उन्होंने स्थानीय स्कोररों से प्रेरित होकर यह कदम उठाया है। इस कोष में अब तक 1.50 लाख रुपये जुटाये गए हैं इससे मैदानकर्मियों और झुग्गियों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूरों में राशन के पैकेट बांटने का काम शुरू किया जायेगा।

10. कोबे ब्रायंट हॉल आफ फेम में शामिल

दिग्गज बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट जो इस साल के शुरू में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके हैं, को हाल ऑफ फेम में शामिल किया गया है।

  • नेसिमित मेमोरियल बास्केटबॉल हाल ऑफ फेम में इस साल नौ लोगों को शामिल किया गया है। इनमें ब्रायंट के अलावा एनबीए के अन्य स्टार टिम डंकन और केविन गार्नेट भी शामिल हैं।
  • ब्रायंट की इस साल 26 जनवरी को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गयी थी जिसमें उनकी तेरह साल की बेटी जियाना भी उनके साथ थीं। उनके रहते हुए लांस एंजिलिस लेकर्स पांच बार एनबीए चैंपियन बना था। डंकन ने सैन एंटोनिया स्पर्स के साथ यही उपलब्धि हासिल की थी।
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