आज के टॉप करेंट अफेयर्स

सामयिकी: 4 अप्रैल 2020

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Current Affairs: 4 April 2020

1. विश्व बैंक ने भारत के लिए एक अरब डॉलर के आपातकालीन कोष को दी मंजूरी

विश्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत के लिए एक अरब डॉलर के आपातकालीन कोष को मंजूरी दी है। इस महामारी से देश में अब तक 76 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 2,500 लोग संक्रमित हैं।

  • विश्व बैंक ने कहा कि उसने सहायता परियोजनाओं के पहले चरण के रूप में 1.9 अरब अमरीकी डालर का प्रावधान किया है, जिससे 25 देशों की मदद की जाएगी, और त्वरित प्रक्रिया के जरिए 40 देशों में नए अभियान शुरू किए जाएंगे। इस आपातकालीन वित्तीय सहायता का सबसे बड़ा हिस्सा (एक अरब डॉलर) भारत को मिला है।
  • निदेशक मंडल द्वारा कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए विकासशील देशों को पहले चरण की सहायता को मंजूरी देने के बाद विश्व बैंक ने कहा, “भारत में एक अरब डॉलर के आपातकालीन वित्तपोषण से बेहतर ढ़ग से जांच, निजी सुरक्षा उपकरणों की खरीदारी और नई पृथक इकाइयों की स्थापना में मदद मिलेगी।”
  • विश्व बैंक ने दक्षिण एशिया में पाकिस्तान के लिए 20 करोड़ डॉलर, अफगानिस्तान के लिए 10 करोड़ डालर, मालदीव के लिए 73 लाख डॉलर और श्रीलंका के लिए 12.86 करोड़ डालर की मंजूरी दी है।
  • विश्व बैंक ने यह भी कहा कि उसने वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से निपटने में देशों की मदद करने के लिए 15 महीने के लिहाज से 160 अरब डॉलर की आपातकालीन सहायता जारी करने की योजना को मंजूरी दी है।

विश्व बैंक

  • विश्व बैंक विशिष्ट संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों को पुनर्निमाण और विकास के कार्यों में आर्थिक सहायता देना है। विश्व बैंक समूह पांच अन्तरराष्ट्रीय संगठनों का एक ऐसा समूह है जो सदस्य देशों को वित्त और वित्तीय सलाह देता है। इसका मुख्यालय वॉशिंगटन, डी॰ सी॰ में स्थित है।
  • विश्व बैंक के समूह निम्नलिखित पाँच अंतर्राष्ट्रीय संगठन हैं –
  1. i)   पुनर्निर्माण और विकास के लिये अंतर्राष्ट्रीय बैंक (International Bank for Reconstruction and Development-IBRD)
  2. ii)  अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (International Finance Corporation-IFC)
  3. iii) अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (International Development Association-IDA)
  4. iv) निवेश विवादों के निपटारे के लिये अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (International Centre for Settlement of Investment Disputes-ICSID)
  5. v)  बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (Multilateral Investment Guarantee Agency-MIGA)
  • वर्तमान में विश्व बैंक के अध्यक्ष अमेरिका के डेविड आर. मल्पास है जिन्होंने क्रिस्ट्लीना जीओर्जीवा का स्थान लिया है।

2. राज्यसभा दिवस की सभापति वेंकैया नायडू ने दी शुभकामनायें

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने संसद के उच्च सदन के रूप में राज्यसभा के स्थापना दिवस की 3 अप्रैल को शुभकामनायें देते हुये कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सार्थक संवाद की परंपरा को सुदृढ़ करने वाले इस सदन में सदस्यों को सार्थक विमर्श द्वारा जनता के समक्ष प्रेरक मानदंड स्थापित करना चाहिये।

  • नायडू ने ट्वीट कर कहा, ‘‘आज राज्यसभा दिवस के अवसर पर माननीय सदस्यों, भूतपूर्व सदस्यों तथा राज्य सभा सचिवालय के सदस्यों को शुभकामनाएं देता हूं। विगत दशकों में सभा ने भारतीय लोकतंत्र में स्वतंत्र, सौम्य और सार्थक संवाद की परंपरा को दृढ़ किया है। यह स्थाई सदन, लोकतंत्र में परम्परा और परिवर्तन का द्योतक है।’’
  • विदित है कि 3 अप्रैल को राज्यसभा दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन 1952 में स्वतंत्रता के बाद पहली बार उच्च सदन का गठन किया गया था।

राज्य सभा

  • काउंसिल ऑफ स्टेट्स, जिसे राज्य सभा भी कहा जाता है, एक ऐसा नाम है जिसकी घोषणा सभापीठ द्वारा सभा में 23 अगस्त, 1954 (स्थापना 3 अप्रैल 1952) को की गई थी। इसकी अपनी खास विशेषताएं हैं। भारत में द्वितीय सदन का प्रारम्भ 1918 के मोन्टेग-चेम्सफोर्ड प्रतिवेदन से हुआ। भारत सरकार अधिनियम, 1919 में तत्कालीन विधानमंडल के द्वितीय सदन के तौर पर काउंसिल ऑफ स्टेट्स का सृजन करने का उपबंध किया गया जिसका विशेषाधिकार सीमित था और जो वस्तुत: 1921 में अस्तित्व में आया था।
  • गवर्नर-जनरल तत्कालीन काउंसिल ऑफ स्टेट्स का पदेन अध्यक्ष होता था। भारत सरकार अधिनियम, 1935 के माध्यम से इसके गठन में शायद ही कोई परिवर्तन किए गए। संविधान सभा, जिसकी पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई थी, ने भी 1950 तक केन्द्रीय विधानमंडल के रूप में कार्य किया, फिर इसे ‘अनंतिम संसद’ के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। इस अवधि के दौरान, केन्द्रीय विधानमंडल जिसे ‘संविधान सभा’ (विधायी) और आगे चलकर ‘अनंतिम संसद’ कहा गया, 1952 में पहले चुनाव कराए जाने तक, एक-सदनी रहा।

संवैधानिक उपबंध

  • संविधान के अनुच्छेद 80 में राज्य सभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 निर्धारित की गई है, जिनमें से 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्देशित किए जाते हैं और 238 सदस्य राज्यों के और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि होते हैं। तथापि, राज्य सभा के सदस्यों की वर्तमान संख्या 245 है, जिनमें से 233 सदस्य राज्यों और संघ राज्यक्षेत्र दिल्ली तथा पुडुचेरी के प्रतिनिधि हैं और 12 राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्देशित हैं। राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्देशित किए जाने वाले सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे विषयों के संबंध में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव है।

स्थानों का आवंटन

  • संविधान की चौथी अनुसूची में राज्य सभा में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को स्थानों के आवंटन का उपबंध है। स्थानों का आवंटन प्रत्येक राज्य की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है। राज्यों के पुनर्गठन तथा नए राज्यों के गठन के परिणामस्वरूप, राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को आवंटित राज्य सभा में निर्वाचित स्थानों की संख्या वर्ष 1952 से लेकर अब तक समय-समय पर बदलती रही है।

पात्रता अर्हताएं

  • संविधान के अनुच्छेद 84 में संसद की सदस्यता के लिए अर्हताएं निर्धारित की गई हैं। राज्य सभा की सदस्यता के लिए अर्ह होने के लिए किसी व्यक्ति के पास निम्नलिखित अर्हताएं होनी चाहिए:
  • क) उसे भारत का नागरिक होना चाहिए और निर्वाचन आयोग द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्ररूप के अनुसार शपथ लेना चाहिए या प्रतिज्ञान करना चाहिए और उस पर अपने हस्ताक्षर करने चाहिए;
  • ख)  उसे कम से कम तीस वर्ष की आयु का होना चाहिए;
  • ग)  उसके पास ऐसी अन्य अर्हताएं होनी चाहिए जो संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त विहित की जाएं।

निरर्हताएं

  • संविधान के अनुच्छेद 102 में यह निर्धारित किया गया है कि कोई व्यक्ति संसद के किसी सदन का सदस्य चुने जाने के लिए और सदस्य होने के लिए निरर्हित होगा-

क) यदि वह भारत सरकार के या किसी राजय की सरकार के अधीन, ऐसे पद को छोड़कर, जिसको धारण करने वाले का निरर्हित न होना संसद ने विधि द्वारा घोषित किया है, कोई लाभ का पद धारण करता है;

ख) यदि वह विकृतचित है और सक्षम न्यायालय की ऐसी घोषणा विद्यमान है;

ग) यदि वह अनुन्मोचित दिवालिया है;

घ) यदि वह भारत का नागरिक नहीं है या उसने किसी विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित कर ली हे या वह किसी विदेशी राज्य के प्रति निष्ठा या अनुषक्ति को अभिस्वीकार किए हुए है;

ड.) यदि वह संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस प्रकार निरर्हित कर दिया जाता है।

निर्वाचन/नामनिर्देशन की प्रक्रिया निर्वाचक मंडल

  • राज्य सभा में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति द्वारा किया जाता है। प्रत्येक राज्य तथा दो संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन उस राज्य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों तथा उस संघ राज्य क्षेत्र के निर्वाचक मंडल के सदस्यों, जैसा भी मामला हो, द्वारा एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार किया जाता है।
  • दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निर्वाचक मंडल में दिल्ली विधान सभा के निर्वाचित सदस्य और पुडुचेरी संघ राज्य क्षेत्र के निर्वाचक मंडल में पुडुचेरी विधान सभा के निर्वाचित सदस्य शामिल हैं।

द्वि-वार्षिक/उप-चुनाव

  • राज्य सभा एक स्थायी सदन है और यह भंग नहीं होता। तथापि, प्रत्येक दो वर्ष बाद राज्य सभा के एक-तिहाई सदस्य सेवा-निवृत्त हो जाते हैं। पूर्णकालिक अवधि के लिए निर्वाचित सदस्य छह वर्षों की अवधि के लिए कार्य करता है। किसी सदस्य के कार्यकाल की समाप्ति पर सेवानिवृत्ति को छोड़कर अन्यथा उत्पन्न हुई रिक्ति को भरने के लिए कराया गया निर्वाचन ‘उप-चुनाव’ कहलाता है।
  • उप-चुनाव में निर्वाचित कोई सदस्य उस सदस्य की शेष कार्यावधि तक सदस्य बना रह सकता है जिसने त्यागपत्र दे दिया था या जिसकी मृत्यु हो गई थी या जो दसवीं अनुसूची के अधीन सभा का सदस्य होने के लिए निरर्हित हो गया था।

3. इंदौर कलेक्टर ने चार व्यक्तियों पर लगाई रासुका

इंदौर के कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मनीष सिंह ने बुधवार 1 अप्रैल 2020 को इंदौर के टाटपट्टी बाखल में हुए घटनाक्रम के संबंध में चार व्यक्तियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत सख्त कार्रवाई की है।

  • सिंह ने चारों आरोपियों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत इंदौर से निरूद्ध करते हुए केंद्रीय जेल, रीवा में रखने के आदेश जारी किए हैं।
  • गौरतलब है कि बुधवार 1 अप्रैल को टाटपट्टी बाखल क्षेत्र में महामारी कोविड-19 की स्क्रीनिंग के लिए गए चिकित्सक दल से वहां के लोगों ने अभद्र व्यवहार व पथराव किया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून

  • राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है। यह कानून केंद्र और राज्य सरकार को गिरफ्तारी का आदेश देता है। यह कानून सरकार को संदिग्घ व्यक्ति की गिरफ्तारी की शक्ति देता है।
  • अगर सरकार को लगता कि कोई व्यक्ति उसे देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों को करने से रोक रहा है तो वह उसे गिरफ्तार करने की शक्ति दे सकती है। सरकार को ये लगे कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा खड़ा कर रहा है तो वह उसे गिरफ्तार करने का आदेश दे सकती है।
  • साथ ही, अगर उसे लगे कि वह व्यक्ति आवश्यक सेवा की आपूर्ति में बाधा बन रहा है तो वह उसे गिरफ्तार करवा सकती है। इस कानून के तहत जमाखोरों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है। इस कानून का उपयोग जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकती है।
  • अगर सरकार को ये लगे तो कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से देश में रह रहा है और उसे गिरफ्तारी की नौबत आ रही है तो वह उसे गिरफ्तार करवा सकती है।
  • कानून के तहत किसी व्यक्ति को पहले तीन महीने के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। फिर, आवश्यकतानुसार, तीन-तीन महीने के लिए गिरफ्तारी की अवधि बढ़ाई जा सकती है। एकबार में तीन महीने से अधिक की अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती है। अगर, किसी अधिकारी ने ये गिरफ्तारी की हो तो उसे राज्य सरकार को बताना होता है कि उसने किस आधार पर ये गिरफ्तारी की है।
  • जब तक राज्य सरकार इस गिरफ्तारी का अनुमोदन नहीं कर दे, तब तक यह गिरफ्तारी बारह दिन से ज्यादा समय तक नहीं हो सकती है। अगर यह अधिकारी पांच से दस दिन में जवाब दाखिल करता है तो इस अवधि को बारह की जगह पंद्रह दिन की जा सकती है। अगर रिपोर्ट को राज्य सरकार स्वीकृत कर देती है तो इसे सात दिनों के भीतर केंद्र सरकार को भेजना होता है। इसमें इस बात का जिक्र करना आवश्यक है कि किस आधार पर यह आदेश जारी किया गया और राज्य सरकार का इसपर क्या विचार है और यह आदेश क्यों जरूरी है।
  • अगर वह व्यक्ति फरार हो तो सरकार या अधिकारी, 1) वह व्यक्ति के निवास क्षेत्र के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट या प्रथम श्रेणी के ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट को लिखित रूप से रिपोर्ट दे सकता है। 2) अधिसूचना जारी कर व्यक्ति को तय समय सीमा के अंदर बताई गई जगह पर उपस्थित करने के लिए कह सकता है। 3) अगर, वह व्यक्ति उपरोक्त अधिसूचना का पालन नहीं करता है तो उसकी सजा एक साल और जुर्माना, या दोनों बढ़ाई जा सकती है।

4. भारत सरकार ने लॉन्च किया आरोग्यसेतु ऐप

भारत सरकार ने कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) नाम का मोबाइल एप लॉन्च किया है। सरकार इस एप के जरिए संक्रमित लोगों की लोकेशन को ट्रैक कर सकेगी।

  • साथ ही सरकार इस प्लेटफॉर्म के जरिए यह जान सकेगी कि यूजर्स मरीजों के संपर्क में है या नहीं। विदित है कि सरकार इससे पहले भी कोरोना कवच नाम के मोबाइल एप को पेश कर चुकी है।
  • साथ ही यह एप ब्लूटूथ के जरिए यह पता लगाता है कि यूजर संक्रमित मरीजों के संपर्क में है या नहीं। साथ ही दोनों में कितनी दूरी है। इसके अलावा यह एप अपने यूजर को कोविड-19 से बचने की टिप्स देता है।
  • आरोग्य सेतु ऐप एक सोशल ग्राफ का इस्तेमाल करता है जिससे लो और हाई रिस्क की कैटिगरी का पता चलता है। यह सोशल ग्राफ लोकेशन डिटेल्स के आधार पर बनता है। जब भी व्यक्ति लो या हाई-रिस्क कैटिगरी में आएंगे तो यह ऐप व्यक्ति को अलर्ट करता है। हाई-रिस्क कैटिगरी में आने पर ऐप टेस्ट सेंटर जाने के लिए व्यक्ति को नोटिफाई करता है।
  • आरोग्य सेतु मोबाइल एप में एक चैटबॉट मौजूद है, जो यूजर्स को इस वायरस से संबंधित सभी सवालों के जवाब देता है। साथ ही यह भी तय करता है कि यूजर्स में इस वायरस के लक्षण है या नहीं। वहीं, दूसरी तरफ इस एप में कई राज्यों के हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध हैं।
  • इस ऐप को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत NIC (नैशनल इन्फर्मेटिक सेंटर) के दिशा-निर्देश में बनाया गया है। ऐप को NIC ने पब्लिश किया है और डिवेलपर के नाम के तौर पर ऐंड्रॉयड में NIC eGov Mobile Apps और आईफोन्स में NIC दिखाई देता है।

5. पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत महिला पीएमजेडीवाई खाताधारकों को प्रत्यक्ष नकदी अंतरण

ग्रामीण विकास मंत्रालय अप्रैल 2020 के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) खाताधारकों को (जैसा कि बैंकों द्वारा ऐसे खातों की संख्या की जानकारी दी गई है) प्रति महिला 500 रुपये की दर से एकमुश्त राशि जारी कर रहा है और इस राशि को 2 अप्रैल, 2020 को अलग अलग बैंकों में निर्दिष्ट खातों में क्रेडिट कर दिया गया है।

  • यह कदम पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत, अगले तीन महीनों के लिए प्रति महिला पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 500 रुपये की अनुग्रह राशि के संबंध में वित मंत्री द्वारा 26.03.2020 को की गई घोषणा के बाद उठाया गया है।
  • लाभार्थियों द्वारा सोशल डिस्टैंसिंग बनाये रखने एवं धन की व्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने बैंकों को धन की निकासी के लिए शाखाओं, बीसी एवं एटीएम पर खाताधारकों के आगमन को क्रमबद्ध करने का निर्देश दिया है।
  • राज्य सरकारों से लाभार्थियों को धन के सुनियोजित संवितरण की व्यवस्था करने में बैंकों की सहायता करने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को उपयुक्त निर्देश जारी करने एवं स्थानीय स्तर पर प्रचार कराने का भी आग्रह किया गया है।

प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई)

  • भारत के प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को अपने प्रथम स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ नामक वित्तीय समावेश पर राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री जन धन योजना’ की परिकल्पना वित्तीय समावेश पर राष्ट्रीय मिशन के रूप में की गई है।
  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना का उद्देश्य वंचित वर्गो जैसे कमजोर वर्गो और कम आय वर्गो को विभिन्न वित्तीय सेवाएं जैसे मूल बचत बैंक खाते की उपलब्धता, आवश्यकता आधारित ऋण की उपलब्धता, विप्रेषण सुविधा, बीमा तथा पेंशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है। किफ़ायती लागत पर व्यापक प्रसार केवल प्रौद्योगिकी के प्रभारी उपयोग से ही संभव है।
  • पीएमजेडीवाई वित्तीय समावेशन संबंधी राष्ट्रीय मिशन है जिसमें देश के सभी परिवारों के व्यापक वित्तीय समावेशन के लिए एकीकृत दृष्टिकोण शामिल है इस योजना में प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक मूल बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षारता, ऋण की उपलब्धता, बीमा तथा पेंशन सुविधा सहित सभी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की अभिकल्पना की गयी है
  • इसके अलावा, लाभार्थियों को रूपे डेबिट कार्ड दिया जाएगा जिसमे एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर शामिल है। इस योजना में सभी सरकारी (केन्द्र / राज्य / स्थानीय नीकाय से प्राप्त होने वाले) लाभो को लाभार्थियों के खातो में प्रणालीकृत किए जाने तथा केन्द्र सरकार की प्रत्यक्ष लाभांतरण (डीबीटी) योजना को आगे बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।
  • बैंक खाता होने से प्रत्येक परिवार की पहुंच बैंकिंग तथा ऋण सुविधा तक होती है इससे परिवार के लोग कर्जदारों के चंगुल से बाहर आते हैं, आपात स्थिति के कारण वित्तीय संकट को दूर रख पाते हैं। और विभिन्न प्रकार के वित्तीय उत्पादों/लाभों का फल उठाते हैं।

6. एडीबी ने भारत की आर्थिक विकास दर घटाकर चार फीसदी की

कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के कारण दुनियाभर में पैदा हुए स्वास्थ्य आपात के बीच, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर चार फीसदी रह सकती है।

  • बाजार में पिछले साल आई सुस्ती के बाद से ही भारत की विकास दर धीमी होती रही है। वित्त वर्ष 2019-20 में यह 6.1 प्रतिशत से गिरकर पांच प्रतिशत रह गई थी।
  • एडीबी के अध्यक्ष मसात्सुगु असाकावा ने कहा, ‘‘कई बार काफी चुनौतीपूर्ण समय का सामना करना पड़ता है। कोविड-19 से विश्वभर में लोगों की जिंदगियां प्रभावित हुई हैं और उद्योग एवं अन्य आर्थिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं।’’
  • बैंक ने अपने ‘एशियन डेवलपमेंट आउटलुक’ (एडीओ) 2020 में कहा कि भारत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि अगले वित्त वर्ष में 6.2 प्रतिशत तक मजबूत होने से पहले वित्त वर्ष 2021 में घटकर चार फीसदी रह सकती है।

एशियाई विकास बैंक (एडीबी)

  • एशियाई विकास बैंक (ADB) एक क्षेत्रीय विकास बैंक है। इसकी स्थापना 19 दिसंबर 1966 को हुई थी। ADB का मुख्यालय मनीला, फिलीपींस में है। इसका उद्देश्य एशिया में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
  • इस बैंक की स्थापना 31 सदस्यों के साथ हुई थी, अब एडीबी के पास अब 68 सदस्य हैं जिनमें से 49 एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हैं तथा 19 सदस्य देश गैर-एशियाई देश हैं।
  • एशियाई विकास बैंक किसी सदस्य राष्ट्र-समूह को प्रत्यक्ष ऋण या तकनीकी सहायता प्रदान करता है। बैंक इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सदस्य राष्ट्रों को ऋण या तकनीकी सहायता देता है, जैसे- आर्थिक विकास को प्रेरित करना, सामान्य आर्थिक नीतियों और व्यापार में समन्वय स्थापित करना, गरीबी को कम करना, महिलाओं की स्थिति में सुधार लाना, मानव विकास (जनसंख्या नियोजन सहित) को समर्थन देना और पर्यावरण संरक्षण।
  • एशियाई विकास बैंक में शेयरों का सबसे बड़ा अनुपात जापान का है वर्तमान में इसके अध्यक्ष जापान के मासासुगु असकावा हैं।

7. प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 05 अप्रैल को सामूहिक शक्ति प्रदर्शित करने की अपील की

देश में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है और लगातार बढ़ते कोरोना के नए मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 03 अप्रैल की सुबह 9 बजे विडियो संदेश जारी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान देशवासियों से सामूहिक शक्ति प्रदर्शित करने की बात कही है।

  • प्रधानमंत्री ने सामूहिक शक्ति की विराटता, इसकी भव्यता और दिव्यता की अनुभूति के लिए पांच अप्रैल यानी रविवार को रात नौ बजे घर की सभी लाइटों को नौ मिनट तक बंद करने और दीए, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल की लाइट जलाने की अपील की है।
  • हालांकि, उन्होंने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों का पालन करने का भी निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के अभी नौ दिन हुए हैं और इस दौरान सभी ने अनुशासन का अभूतपूर्व परिचय दिया है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा’ इस रविवार यानी 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है। उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस पांच अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है। 130 करोड़ लोगों के महासंकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
  • इस वीडियों संदेश के दौरान पीएम मोदी ने संस्कृत का श्लोक पढ़ा, उत्साहो बलवान् आर्य, न अस्ति उत्साह परम् बलम्। स उत्साहस्य लोकेषु, न किंचित् अपि दुर्लभम्॥ यानि हमारे उत्साह, हमारी भाव से बड़ी शक्ति दुनिया में कोई दूसरी नहीं है।

8. लॉक डाउन से घटा प्रदूषण का स्तर, जालंधर से दिखने लगे हिमाचल के पहाड़

  • पिछले कई दिन से चल रहे कर्फ्यू और लॉकडाउन के कारण जहां लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं प्रकृति और पर्यावरण को बहुत फायदा पहुंचा है। पंजाब के जालंधर जिले में कर्प्यू और लॉकडाउन के बीच शहर के लोगों को एक शानदार नजारा देखने को मिला है।
  • वायु प्रदूषण न फैलने से शहर का वातावरण बिल्कुल साफ हो गया है ऐसे में शहर के बाहरी इलाकों से हिमाचल प्रदेश के धौलाधार पहाड़ दिखने लगे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक 30 वर्ष बाद हवा इतनी साफ हुई है कि 200 किमी. दूर ये पहाड़ जालंधर के लोगों को दिखाई दिए हैं।
  • पंजाब में भी हवा के स्तर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। राज्य के ज्यादातर शहर खुद-ब-खुद ग्रीन जोन में आ गए हैं और ऐसा शायद सालों में पहली बार हुआ है। लुधियाना जो कि आमतौर पर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, वह 23 मार्च को भारत के सबसे साफ शहर की सूची में शामिल हो गया था।

धौलाधार पर्वत शृंखला

  • धौलाधार का अर्थ सफेद है, अर्थात वह पर्वत श्रृंखला जो बर्फ से ढकी रहने के कारण सफेद दिखाई पड़ती है। यह पर्वतमाला हिमालय के मध्यम भाग में स्थित है जो हिमाचल प्रदेश के पश्चिम में चम्बा जिले से शुरू होकर पूर्व में किन्नौर जिले से जाते हुए उत्तराखण्ड से होते हुए पूर्वी असम तक फैली हुई है।
  • धौलाधार पर्वत शृंखला के निचले क्षेत्र कांगड़ा व चंबा की सीमा के मध्य पड़ते हैं। वहां से यह पर्वतमाला ऊपरी उठती हुई धर्मशाला, मैकलोडगंज के ऊपरी क्षेत्रों से गुजर कर उत्तर की ओर (लाहुल-स्पीति की तरफ) उठती हुईं बड़ा भंगाल तक जाती है। यहां पर यह शृंखला पीर पंजाल पर्वत श्रेणी को छूती है
  • इस पर्वतमाला को देखने के लिए हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले के उत्तर में खूबसूरत पर्यटन-स्थल धर्मशाला के नाम से जाना जाता है। इसके ठीक सामने हिमाच्छादित गगनचुम्बी धौलाधार पर्वत-श्रृंखला का अनुपम दृश्य सालों भर देखा जा सकता है।
  • धौलाधार पर्वत शृंखला की एक शृंखला बड़ा भंगाल से दक्षिण की ओर झुकती हुई कुल्लू की ओर आती हैं जो दक्षिण पूर्व की ओर ऊपर उठ जाती है। रामपुर के पास इस पर्वतमाला को सतलुज नदी काटती है तथा लारजी (कुल्लू) में इस पर्वतमाला को व्यास नदी काटती है। चंबा जिले के बिल्कुल दक्षिण में रावी नदी काटती है। मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्र इस पर्वत शृंखला के अंतर्गत आते हैं।
  • धौलाधार रेंज की समुद्र तल से ऊंचाई 3500 और 6000 के बीच मीटर है। हनुमान का टिबा (5982m) इस पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी है।

9. पद्मश्री प्राप्त गुरबानी गायक निर्मल सिंह खालसा का निधन

गुरबानी के भजनों के जाने माने गायक निर्मल सिंह खालसा की अमृतसर में कोरोना वायरस के कारण मृत्यु हो गई है। कोरोना वायरस से पंजाब में यह पांचवी मृत्यु है जबकि अमृतसर में मौत का यह पहला मामला है। उन्हें कोविड-19 से संक्रमित पाया गया था।

  • कुछ दिन पहले कोरोना के लक्षणों के चलते खालसा ने खुद ही विभाग को सूचित किया था। कुछ दिन पहले उन्होंने इंग्लैंड की यात्रा की थी। विदेश से लौटने के बाद वो दिल्ली और कुछ अन्य स्थानों पर सम्मेलनों और धार्मिक सभाओं में शिरकत की थी।
  • चंडीगढ़ प्रशासन ने चंडीगढ़ के सेक्टर-27 का वह मकान सील कर दिया है जहां निर्मल सिंह खालसा ने 19 मार्च को कीर्तन में हिस्सा लिया था। कीर्तन में करीब डेढ़ सौ श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था।
  • पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह व उनकी पत्नी डॉ. गुरशरण कौर निर्मल सिंह खालसा की गायन शैली से बहुत प्रभावित थे। 2004 में डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली तो श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर निर्मल सिंह खालसा को उन्होंने प्रधानमंत्री निवास पर गुरबाणी कीर्तन के लिए बुलाया था। बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के आग्रह पर राष्ट्रपति भवन में भी गुरुपर्व के कार्यक्रम में खालसा गुरबाणी कीर्तन दरबार में शामिल हुए थे।
  • निर्मल सिंह पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने वाले स्वर्ण मंदिर के पहले हजूरी रागी थे। उन्हें 2009 में यह सम्मान मिला था। वह स्वर्ण मंदिर के पूर्व हजूरी रागी रह चुके हैं। निर्मल सिंह को गुरु ग्रंथ साहिब के गुरबानी में सभी 31 रागों का ज्ञान था।

10. कोरोना वायरस महामारी के कारण रद्द किया गया विम्बलडन टेनिस टूर्नामेंट

इस साल (2020) विम्बलडन का आयोजन नहीं होगा। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब विम्बलडन का आयोजन रद्द कर दिया गया है। आल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब को कोरोना के बढ़ते कहर के कारण यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

  • आल इंग्लैंड क्लब ने यह घोषणा की है और कहा है कि इस साल विम्बलडन चैंपियनशिप नहीं खेली जायेगी। पिछले कुछ समय से यह आशंका जताई जा रही थी कि कोरोना के चलते विम्बलडन को रद्द किया जा सकता है। इस वर्ष विम्बलडन का आयोजन 29 जून से 12 जुलाई तक होना था।
  • इससे पहले वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लेम फ्रेंच ओपन को स्थगित कर दिया गया था और साल के आखिरी ग्रैंड स्लेम यूएस ओपन को भी स्थगित किया जा सकता है। अमेरिकी टेनिस संघ (यूएसटीए) कोरोना वायरस के कारण यूएस ओपन को स्थगित करने पर विचार कर रहा है।
  • यूएस ओपन का आयोजन 24 अगस्त से 13 सितंबर तक होना है। इससे पहले फ्रेंच ओपन को 20 सितंबर तक स्थगित किया गया था। फ्रेंच ओपन का आयोजन 24 मई से सात जून तक होना था। लेकिन यह टूर्नामेंट अब 20 सितंबर से शुरू होकर चार अक्टूबर तक चलेगा।
  • विम्बलडन प्रतियोगिता  सबसे पुराना टेनिस टूर्नामेंट (खेल प्रतियोगिता) है और इसे सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के रूप में जाना जाता है। 1877 के बाद से यह प्रतियोगिता लन्दन उपनगर के विम्बलडन में ऑल इंग्लैण्ड क्लब में आयोजित की जाती रही है। यह चार ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट्स (खेल प्रतियोगिताओं) में से एक है और यह एकमात्र प्रतियोगिता है, जिसे आज भी खेल की मूल सतह, घास, पर खेला जाता है।

टेनिस की प्रमुख प्रतियोगिताएँ

  • टेनिस की 4 प्रमुख वार्षिक प्रतियोगिताओं को ग्रैंड स्लैम कहते है –

1)              आस्ट्रेलियाई ओपन

2)              फ्रेंच ओपन

3)              विबंलडन

4)              यूएस ओपन

  • इनमें यदि वार्षिक कैलेण्डर की बात करे तो सामान्यतः सबसे पहले आस्ट्रेलियाई ओपन होता है जो जनवरी में होता है। उसके बाद फ्रेंच ओपन होता है जो मई में होता है इसके बाद विबंलडन (इंग्लैण्ड) आयोजित किया जाता है जो जून माह में होता है। अन्त में यूएस ओपन आयोजित किया जाता है जो अगस्त-सितम्बर में आयोजित होता है।
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