आज के टॉप करेंट अफेयर्स

Current Affairs: 23 May 2020

करेंट अफेयर्स: 23 मई 2020 हम यहां आपके लिए महत्वपूर्ण हालिया और नवीनतम करेंट अफेयर्स प्रदान करने के लिए हैं 23 मई 2020, हिंदू, इकनॉमिक टाइम्स, पीआईबी, टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, बिजनेस जैसे सभी अखबारों से नवीनतम करेंट अफेयर्स 2020 घटनाओं को यहा प्रदान कर रहे है। यहा सभी डाटा समाचार पत्रों से लिया गया हे। हमारे करेंट अफेयर्स अप्रैल 2020 सभी इवेंट्स से आपको बैंकिंग, इंश्योरेंस, SSC, रेलवे, UPSC, क्लैट और सभी स्टेट गवर्नमेंट एग्जाम में ज्यादा मार्क्स हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, आप यहा निचे दिये print बटन पर क्लिक करके PDF प्राप्त कर सकते हे .

Current Affairs: 23 May 2020

1. सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मनाया गया आतंकवादरोधी दिवस

  • देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए आतंकवादरोधी दिवस मनाया गया है। इस अवसर पर लोगों ने सभी प्रकार के आतंकवाद को इसके हर रूप में हराने के लिए दृढ संकल्प व्यक्त किया।
  • हर साल 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के पथ से दूर रखना तथा आम लोगों की पीड़ा को उजागर करना है।
  • आतंकवाद विरोधी दिवस पर विभिन्न आतंकवाद-रोधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें वाद-विवाद, लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता के साथ ही कई अन्य आयोजन किए जाते हैं। साथ ही स्कूल कॉलेज से लेकर सरकारी और निजी कार्यालयों में आतंकवाद के विरोध में शपथ दिलाई जाती है।
  • इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यालय में शपथ दिलाई गई कि हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा में दृढ़ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठापूर्वक शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे।

पृष्ठभूमि

  • पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर हत्या कर दी थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर आतंकवाद रोधी दिवस मनाया जाता है।

2. वस्त्र समिति ने पूर्ण रूप से स्वदेशी डिजाइन और ‘मेक इन इंडिया’ वाला पीपीई जांच उपकरण बनाया

  • वस्त्र समिति, मुंबई भी अब स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कोविड-19 योद्धाओं के लिए आवश्यक पीपीई बॉडी कवर का परीक्षण और प्रमाणित करेगी। हाल ही में वस्त्र मंत्रालय द्वारा वस्त्र समिति को बॉडी कवरॉल का परीक्षण करने और उसे प्रमाणित करने के लिए 9वीं अनुमोदित प्रयोगशाला के रूप में शामिल करने की घोषणा की गई।
  • इसके लिए राष्ट्रीय मान्यता निकाय, एनएबीएल (नेशनल एक्रीडिएशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) ने लैब सुविधा केंद्रों का ऑडिट किया है और इसे तीन परीक्षण मानकों के अंतर्गत अनुमोदित किया है।
  • इसके अलावा अन्य आठ प्रयोगशालाएं निम्न हैं: (i) दक्षिण भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (सीट्रा), कोयंबटूर, तमिलनाडु, (ii) डीआरडीओ-आईएनएमएएस, नई दिल्ली, (iii) हैवी व्हीकल फैक्ट्री, अवार्डी, चेन्नई (iv) स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री, कानपुर, उत्तर प्रदेश, (v) आयुध कारखाना, कानपुर, उत्तर प्रदेश (vi) आयुध कारखाना, मुरादनगर, उत्तर प्रदेश (vii) आयुध कारखाना, अंबरनाथ, महाराष्ट्र और (viii) मेटल एंड स्टील फैक्टरी, ईशापोर, पश्चिम बंगाल। इन सभी प्रयोगशालाओं को एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त है।

वस्त्र समिति

  • संसद के एक अधिनियम के द्वारा, वर्ष 1963 में स्थापित की गई यह वस्त्र समिति एक वैधानिक निकाय है जो कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है।
  • इसकी स्थापना आंतरिक खपत और निर्यात दोनों को बढ़ावा देने वाले उद्देश्यों के लिए, वस्त्र की गुणवत्ता और वस्त्र मशीनरी को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
  • समिति को वस्त्र और वस्त्र मशीनरी का परीक्षण करने के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना करने तथा वस्त्र उत्पादों और वस्त्र मशीनरी की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने जैसे मुख्य उद्देश्यों वाले कार्यों के अलावा, उनका निरीक्षण और जांच सुनिश्चित कराने वाले कार्यों का काम भी सौंपा गया है।

3. पश्चिमी घाटों के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इलाकों की अधिसूचना से संबधित मुद्दों पर चर्चा

  • केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 6 राज्यों केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों, कैबिनेट मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए संवाद किया, और  पश्चिमी घाट के  पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इलाकों की अधिसूचना से संबधित मुद्दों पर चर्चा की।
  • राज्य इस बात पर एकमत थे कि पश्चिमी घाटों के महत्व को देखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। हालांकि, राज्यों ने उक्त अधिसूचना में उल्लिखित गतिविधियों और क्षेत्र के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।
  • इस संवाद में यह तय किया गया कि राज्य के विशिष्ट मुद्दों पर और अधिक विचार विमर्श किया जाएगा ताकि इस मुद्दे पर आम सहमति बन सके। राज्यों ने पारिस्थितिकीय और पर्यावरणीय हितों की रक्षा करते हुए आरंभिक अधिसूचना शीघ्र जारी करने की इच्छा व्यक्त की है।

डॉ. कस्तूरीरंगन समिति ने की थी इसकी सिफारिश

  • पश्चिमी घाटों के चिरस्थायी और समावेशी विकास के साथ ही क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण के लिए भारत सरकार ने डॉ. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय क्रियाशील गुट का गठन किया था।
  • इस समिति ने सिफ़ारिश की थी कि केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु में चिन्हित भौगोलिक क्षेत्रों को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इलाके घोषित कर दिया जाए।  इन इलाकों के बारे में अधिसूचना का एक ड्राफ़्ट अक्टूबर 2018 में जारी किया गया था

4. आरबीआई ने अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए ब्याज दरों में की कटौती

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने कोविड-19 संकट के प्रभाव को कम करने के लिए ब्याज दरों में कटौती, कर्ज अदायगी पर ऋण स्थगन को बढ़ाने और कॉरपोरेट को अधिक कर्ज देने के लिए बैंकों को इजाजत देने का फैसला किया है।
  • आरबीआई ने प्रमुख उधारी दर को 0.40 बेसिक पॉइन्ट घटा दिया है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अचानक हुई बैठक में वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए रेपो दर में कटौती का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। इस कटौती के बाद रेपो दर घटकर चार प्रतिशत हो गई है, जबकि रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत हो गई है।
  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी ने पिछली बार 27 मार्च को रेपो दर में 0.75 प्रतिशत की कमी करते हुए इसे 4.44 प्रतिशत कर दिया था।
  • आरबीआई ने कोरोना वायरस संकट के कारण कर्ज अदायगी पर ऋण स्थगन को तीन और महीनों के लिए अगस्त तक बढ़ा दिया है, ताकि कर्जदारों को राहत मिल सके। इससे पहले मार्च में केंद्रीय बैंक ने एक मार्च 2020 से 31 मई 2020 के बीच सभी सावधि ऋण के भुगतान पर तीन महीनों की मोहलत दी थी। इसके साथ ही इन तरह के सभी ऋणों की अदायगी को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया था।
  • आरबीआई ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते आर्थिक गतिविधियां बाधित होने से भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि वित्त वर्ष 2020-21 में नकारात्मक रहने का अनुमान है।

रेपो रेट

  • इस रेट पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों और दूसरे बैंकों को अल्पकालीन ऋण देता है। रेपो रेट कम होने का मतलब यह है कि बैंक से मिलने वाले लोन सस्ते हो जाएंगे क्योंकि जब बैंकों को RBI से सस्ता ऋण मिलेगा तो बैंक भी लोगों को प्रदान किये जाने वाले ऋण में कमी करेगा। रेपो रेट कम होने से होम लोन, व्हीकल लोन वगैरह सभी सस्ते हो जाते हैं।

रिवर्स रेपो रेट

  • जिस रेट पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा धन पर ब्याज मिलता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं। यह सामान्यत: रेपो रेट से 50/40 बेसिक पॉइन्ट कम होती है। रिवर्स रेपो रेट बाजारों में नकदी को नियंत्रित करने में काम आती है। बाज़ार में नकदी को घटाने के लिए आरबीआई रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देती है और बाज़ार में नकदी को बढ़ने के लिए आरबीआई रिवर्स रेपो रेट घटा देती है, जैसा कि अभी किया है।

5. अगप्पे चित्रा मैग्ना के वाणिज्यिक लॉन्च का आयोजन

  • श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एससीटीआईएमएसटी) – त्रिवेंद्रम और अगप्पे डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड, कोचीन द्वारा विकसित अगप्पे चित्रा मैग्ना का वाणिज्यिक लॉन्च 21 मई, 2020 को आयोजित किया गया।
  • अगप्पे चित्रा मैग्ना मैग्नेटिक नैनोपार्टिकल-आधारित आरएनए एक्सट्रैक्शन किट है  जिसका उपयोग कोविड  – 19  की जांच में किया जाता है।
  • इस उत्पाद को कोविड -19  आरएनए को अलग (आइसोलेशन) करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी द्वारा स्वतंत्र रूप से मान्यता दी गयी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इस किट के व्यावसायीकरण के लिए मंजूरी दे दी है।
  • एससीटीआईएमएसटी राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत कार्य करता है। अगप्पे डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड, इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स का निर्माण करती है।
  • अनुमान है कि भारत को अगले छह महीनों के दौरान प्रति माह लगभग 8 लाख आरएनए एक्सट्रैक्शन किट की आवश्यकता होगी। अगप्पे चित्रा मैग्ना आरएनए एक्सट्रैक्शन किट की कीमत लगभग 150 रुपये प्रति किट है। इससे   परीक्षण की लागत और आयातित किट पर देश की निर्भरता कम होने की उम्मीद है, जिसकी लागत लगभग 300 रुपये है। अगप्पे डायग्नोस्टिक्स की विनिर्माण क्षमता 3 लाख किट प्रति माह है।

किस प्रकार कार्य करती है चित्रा मैग्ना?

  • यह किट स्वैब के नमूनों से आरएनए को निकालने के लिए चुंबकीय नैनोकणों का उपयोग करती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यदि रोगी के एकत्र किए गए स्वैब नमूने इकठ्ठा कर रखने या कहीं ले जाते समय विघटित हो जाते हैं तो किट किट की चुंबकीय नैनोकण धारित निष्कर्षण तकनीक इन्हें एक जगह खींच लाती है।
  • चूंकि पीसीआर या एलएएमपी परीक्षण पर्याप्त मात्रा में आरएनए प्राप्त करने पर निर्भर है, यह नवाचार, कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों की पहचान करने की संभावना को बढ़ाता है।
  • चित्रा मैग्ना का उपयोग न केवल एलएएमपी परीक्षण के लिए बल्कि आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए रोगी के नमूनों से उच्च शुद्ध स्तर के आरएनए के निष्कर्षण के लिए भी किया जा सकता है।
  • कुछ भारत में निर्मित किटों को छोड़कर, अधिकांश आरएनए आइसोलेशन किट आयात किए जाते हैं, और  इनकी उनुबलब्धता अक्सर देश  में बड़ी संख्या में आरटी-पीसीआर परीक्षण के लिए एक गंभीर अड़चन बन जाती है।

सार्स-सीओवी-2

  • सार्स-सीओवी-2, कोविड-19 महामारी का विषाणु, सभी जीवित कोशिकाओं में मौजूद एक लंबा एकल- बहुलक पदार्थ है जो एक आरएनए विषाणु है। यह जीवन के लिए आवश्यक आनुवांशिक जानकारी वहन करता है।
  • यह एक ऐसा विषाणु है जिसका निर्माण नाभिकीय अम्ल से होता है। इस विषाणु का पता लगाने के महत्वपूर्ण चरणों में से एक व्यक्तियों के गले या नाक से लिए गए स्वैब नमूने में आरएनए की उपस्थिति की पुष्टि करना है। एकत्र किए गए नमूने को निर्दिष्ट तरीके से परीक्षण प्रयोगशाला में ले जाया जाता है।

6. हांगकांग का सुरक्षा संबंधी विधेयक चीन की संसद में पेश

  • चीन की संसद में वह विवादित सुरक्षा विधेयक पेश किया गया जो हांगकांग में उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। नेशनल पीपल्स कांग्रेस के शुरू होने के साथ ही यह प्रस्ताव पेश किया गया है।
  • यह विधेयक पिछले वर्ष हांगकांग में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में लाया गया है। चीन में  एकदलीय राज व्यवस्था होने से इसका निर्विरोध पारित होना भी निश्चित है।
  • इस कानून को लाने के बाद चीन देश द्रोह जैसे मामले से और सख्ती से निपटेगा साथ ही साथ उसे हांगकांग में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को दबाने के लिए और ज्यादा अधिकार प्राप्त हो जाएंगे।
  • चीन की सरकार का कहना है कि कड़ी चेतावनी के बावजूद हांगकांग में प्रदर्शनकारियों ने लगातार सात महीने तक बड़े पैमाने पर आंदोलन को जारी रखा और कभी-कभी इसे हिंसक रूप भी दिया। इसलिए अब हम इस नए सुरक्षा कानून के द्वारा यहां शांति स्थापित करने की कोशिश करेंगे।
  • इस प्रस्ताव की अमेरिका समेत हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक लोगों ने आलोचना की है और इस विधेयक को हांगकांग की आजादी पर हमला बताया है।

पृष्ठभूमि

  • वर्ष 1997 से पहले हांगकांग के लोग एक एग्रीमेंट के तहत स्वतंत्र रूप से जिंदगी जी रहे थे लेकिन 1997 के बाद ब्रिटेन से चीन के कब्जे में आने के बाद हांगकांग में पहली बार इतनी विषम स्थिति पैदा हुई और फिर से स्वतंत्र होने के लिए आंदोलन तेज कर दी गई, जो कि अभी तक जारी है।
  • हांगकांग के आधारभूत कानून में अनुच्छेद 23 के तहत लिखा है कि चीनी सरकार अपने खिलाफ देशद्रोह, अलगाव, तोड़फोड़ को रोकने के लिए इस तरह के कानून को बना सकती है।  इससे पहले वर्ष 2003 में अनुच्छेद 23 को अधिनियमित करने का प्रयास किया गया था लेकिन लोग सड़क पर उतर गए थे और इस वजह से इसे पास नहीं किया जा सका था।

7. कोरोना संकट में भी चीन ने रक्षा बजट में की बढ़ोत्तरी

  • अमेरिका और भारत के साथ चल रहे तनाव के बीच चीन ने वर्ष 2020 के लिए रक्षा बजट में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। चीन की सरकार ने कहा क‍ि कोरोना वायरस संकट को देखते हुए अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है और पिछले कुछ वर्षों में यह सबसे कम बढ़ोत्तरी है।
  • चीन ने इस साल करीब 179 अरब डॉलर का रक्षा बजट तय किया है, जो दूनिया में अमेरिका के बाद सबसे बड़ा रक्षा बजट है। अमेरिका के मुकाबले चीन का रक्षा बजट बेहद कम है। अमेरिका ने 738 अरब डॉलर का रक्षा बजट रखा है।
  • पिछले साल चीन ने रक्षा बजट में 7.5 पर्सेंट की वृद्धि की थी। 2018 में चीन ने रक्षा बजट में रिकॉर्ड 8.1 पर्सेंट की वृद्धि की थी। इसके बाद इसने लगातार दूसरे साल रक्षा बजट में कटौती की है।
  • इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एंड एनालिसिस (Indian Institute for Defence and Analysis) के अनुसार भारत का रक्षा बजट 2020 में 66.9 अरब अमेरिकी डॉलर था। इस तरह चीन का ताजा रक्षा बजट भारत के मुकाबले 2.7 गुना अधिक है।
  • स्वतंत्र विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन रक्षा बजट छुपाता है पिछले साल चीन का वास्तविक रक्षा बजट 220 अरब डॉलर था। उन्होंने बताया कि चीन इस साल के रक्षा बजट का पैसा अपनी नौसेना के प्रसार में करेगा। चीन अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट और घातक हथियार खरीदने में अपना बजट खर्च करेगा ताकि दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ को और ज्यादा मजबूत किया जा सके और पश्चिम प्रशांत महासागर तथा हिंद महासागर में अपनी पहुंच बढ़ाई जा सके।

8. डॉ हर्षवर्धन बने विश्व स्वास्थ्य संगठन के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के 34 सदस्यीय एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने जापान के डॉ. हिरोकी नकतानी की जगह ली है।
  • भारत के नामित को नियुक्त करने के प्रस्ताव को 19 मई को 194 देशों के विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक में पारित किया गया था।
  • हर्षवर्धन का पदभार संभालना महज औपचारिकता रह गया था, जब यह निर्णय हुआ था कि वह डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया समूह के लिए भारत की ओर से नामित होंगे। इसमें सर्वसम्मति से यह भी तय हुआ था कि भारत मई से शुरू हो रहे तीन साल के कार्यकाल के दौरान कार्यकारी बोर्ड में होगा।
  • गौरतलब है कि मौजूदा वक्त में विश्व स्वास्थ्य संगठन में भारत को महत्वपूर्ण पद मिलना कई मायनों में बेहतर है। कोरोना काल में भारत ने न सिर्फ अपने देश में काफी हद तक कोरोना को रोकने का प्रयास किया है बल्कि पूरे विश्व को मदद भी की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का एग्जीक्यूटिव बोर्ड

  • कार्यकारी बोर्ड 34 व्यक्तियों से बना है जो तकनीकी रूप से स्वास्थ्य के क्षेत्र में योग्य हैं। बोर्ड साल में कम से कम दो बार बैठक करता है और मुख्य बैठक आमतौर पर जनवरी में होती है। स्वास्थ्य सभा के तुरंत बाद मई में दूसरी छोटी बैठक होती है।
  • कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष का मुख्य कार्य कार्यकारी बोर्ड की बैठकों की अध्यक्षता करना तथा स्वास्थ्य सभा के निर्णयों और नीतियों को प्रभावी बनाने के लिए सलाह देना है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी। डब्ल्यूएचओ की स्थापना के समय इसके संविधान पर विश्व के 61 देशों ने हस्ताक्षर किए थे और इसकी पहली बैठक 24 जुलाई 1948 को हुई थी।
  • इसका उद्देश्य संसार के लोगो के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है। डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है।
  • यह विश्व के देशों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानक विकसित करने की संस्था है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देश हैं। भारत भी विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक सदस्य देश है और इसका भारतीय मुख्यालय भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है।
  • इथियोपिया के डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वर्तमान महानिदेशक हैं।

9. प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के लिए 1 हज़ार करोड़ की सहायता राशि का किया ऐलान

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाती तूफान अम्फन से प्रभावित पश्चिम बंगाल के लिए 1 हज़ार करोड़ की तुरंत सहायता का ऐलान किया है साथ ही चक्रवात की वजह से हुई तबाही में मृत लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की राशि देने का ऐलान किया है।
  • उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद मोदी ने वीडियो मैसेज में यह ऐलान किया है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अम्फन चक्रवात से निपटने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर भरसक प्रयास किया लेकिन उसके बावजूद करीब 80 लोगों का जीवन नहीं बचा पाए।

चक्रवात अम्फन

  • चक्रवात-अम्फन बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व में और आस-पास के क्षेत्र में बना ऊष्ण कटिबंधीय चक्रवात है जो कि महा चक्रवात (Super Cyclone) में परिवर्तित हो गया था। अम्फन का मतलब आसमान होता है इसका नामकरण थाईलैंड के द्वारा किया गया है।

10. एनटीपीसी ने अक्षय ऊर्जा व्यापार के लिए ओएनजीसी के साथ संयुक्त उपक्रम कंपनी बनाने के लिए किया समझौता

  • ऊर्जा मंत्रालय के तहत सार्वजनिक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैसमंत्रालय के तहत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) ने अक्षय ऊर्जा व्यापार के वास्ते एक संयुक्त उपक्रम कंपनी बनाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं ।
  • इस समझौता ज्ञापन से दोनों कंपनियां अब ऊर्जा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को तेजी से आगे बढ़ने में सक्षम होंगी।
  • समझौते के अनुसार, एनटीपीसी और ओएनजीसी भारत और विदेश में ऑफशोर विंड और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं कीस्थापना से जुड़ी संभावनाओं का पता लगाएंगी।
  • दोनों कंपनियां संवहनीयता भंडारण, ई-परिवर्तनीयता और ईएसजी (पर्यावरणीय, सामाजिक एवं प्रबंधन) के अनुकूल परियोजनाओं के क्षेत्र में भी संभावनाओं का पता लगाएंगी।
  • एनटीपीसी के पास अभी 920 मेगावाट की स्थापित अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं हैं और लगभग 2300 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं अभी निर्माण की प्रक्रिया में हैं । इस समझौते से एनटीपीसी अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता योग कार्यक्रम में तेजी लाएगी और ऑफशोर विंड और विदेश में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में अपनी मौजूदगीका विस्तार करेंगी।
  • इससे भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी को 2032 तक 32 गीगा वाट (जीडब्ल्यू) अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं केमहत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी ।
  • ओएनजीसी के पास अभी 176 मेगा वाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं हैं जिसमें 153 मेगावाटपवन ऊर्जा और 23 मेगावाट सौर ऊर्जा शामिल हैं। इस नए समझौते से अक्षय उर्जा व्यापार में ओएनजीसी की मौजूदगी बढ़ेगी और 2040 तक यह अपने पोर्टफोलियोमें 10 गीगा वाट (जीडब्ल्यू) अक्षय उर्जा जोड़ने का अपना लक्ष्य हासिल करनेमें सक्षम होगी
DSGuruJi - PDF Books Notes