आज के टॉप करेंट अफेयर्स

सामयिकी: 23 अप्रैल 2020

Current Affairs: 23 April 2020 हम यहां आपके लिए महत्वपूर्ण हालिया और नवीनतम करेंट अफेयर्स प्रदान करने के लिए हैं 232 अप्रैल 2020, हिंदू, इकनॉमिक टाइम्स, पीआईबी, टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, बिजनेस जैसे सभी अखबारों से नवीनतम करेंट अफेयर्स 2020 घटनाओं को यहा प्रदान कर रहे है। यहा सभी डाटा समाचार पत्रों से लिया गया हे।

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Current Affairs: 23 April 2020

1. 22 अप्रैल को मनाया गया विश्व पृथ्वी दिवस

पृथ्वी पर रहने वाले तमाम जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को बचाने तथा दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लक्ष्य के साथ 22 अप्रैल के दिन ‘पृथ्वी दिवस’ यानि ‘अर्थ डे’ मनाया जाता है। 22 अप्रैल 2020 को विश्व पृथ्वी दिवस की 50वीं सालगिरह मनाई जा रही है।

  • विश्व पृथ्वी दिवस 2020 को हमेशा की तरह नहीं मनाया जा रहा है क्योंकि इस साल सम्पूर्ण विश्व कोविड-19 जैसी महामारी झेल रहा है। इस महामारी को देखते हुए खासकर भारत में लोग अपने अपने घर पर रह कर ही पृथ्वी दिवस मना रहे है।
  • भले ही यह वर्ष कोविड 19 महामारी के कारण अभूतपूर्व स्वास्थ्य आपदा से ग्रस्त है लेकिन इसने वैश्विक पर्यावरण के विषय में भी कुछ चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। विश्व भर में पूर्ण बंदी ने विश्व को थाम सा दिया है, प्रदूषण के स्तरों में कमी आई है और वायु स्वच्छ हुई है, इसने हमको आभास दिलाया है कि मानव ने किस हद तक पर्यावरणीय संतुलन को हानि पहुंचाई है।
  • हर साल इस दिवस को मनाने के लिए एक विशेष थीम भी होता है। 2020 का विषय क्लाइमेट एक्शन है।
  • हमें जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए एक प्रकृति सम्मत विश्व के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल नीतियों को अपनाने की जरूरत है यूएनडीपी के अध्ययन के अनुसार ग्रीनहाउस गैसों के स्तर में 1990 के मुकाबले 50% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • यूएनडीपी के अनुसार मौसम परिवर्तन तथा क्लाइमेट एक्शन की दिशा में साहसी कदम उठा कर 2030 तक 26 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर के लाभ अर्जित किए जा सकते हैं। यदि अक्षय ऊर्जा पर ध्यान दें तो सिर्फ ऊर्जा के क्षेत्र में ही 2030 तक 18 मिलियन रोज़गार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

प्रष्ठभूमि

  • पृथ्वी दिवस की शुरुआत अमेरिकी सीनेटर गेलोर्ड नेल्सन (Gaylord Nelson) ने पर्यावरण की शिक्षा के रूप में की थी। सबसे पहले इस दिन को मनाने की शुरुआत सन् 1970 में हुई, जिसके बाद आज इस दिन को लगभग 195 से ज्यादा देश मनाते हैं।
  • साल 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव के कारण भारी बर्बादी हुई थी, जिससे वह बहुत आहत हुए और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कुछ करने का फैसला किया।
  • 22 जनवरी को समुद्र में तीन मिलियन गैलेन तेल रिसाव हुआ था, जिससे अनेक जीव-जन्तु मारे गए थे। इसके बाद नेल्सन के आह्वाहन पर 22 अप्रैल 1970 को लगभग दो करोड़ अमेरिकी लोगों ने पृथ्वी दिवस के पहले आयोजन में भाग लिया था।

2. हर्षवर्धन ने करोड़ों भारतीयों के साथ संवाद के लिए ‘कोविड इंडिया सेवा’ प्लेटफॉर्म किया लॉन्च

 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.हर्षवर्धन और ट्विटर की सार्वजनिक नीति निदेशक (भारत और दक्षिण एशिया) महिमा कौल ने ‘कोविड इंडिया सेवा’ का शुभारंभ किया, जो इस महामारी से निपटने के बीच करोड़ों भारतीयों के साथ संवाद का सीधा चैनल स्थापित करने के लिए एक संवादात्मक प्लेटफॉर्म है।

  • इस पहल का उद्देश्य वास्तविक समय में पारदर्शी ई-गवर्नेंस डिलीवरी को सक्षम बनाना और विशेष रूप से कोविड-19 महामारी जैसी मौजूदा संकटपूर्ण परिस्थितियों में बड़ी तेजी से नागरिकों के अनगिनत प्रश्नों का जवाब देना है।
  • इसके जरिए लोग @CovidIndiaSeva पर सवाल कर सकते हैं और उन्हें लगभग वास्तविक समय में जवाब मिल जाया करेगा। @CovidIndiaSeva पिछले छोर पर स्थित एक डैशबोर्ड से काम करता है जो बड़ी संख्या में ट्वीट की प्रोसेसिंग करने में मदद करता है, उन्हें समाधान योग्य नाम-पत्र में रूपांतरित करता है और फिर उन्हें वास्तविक समय में समाधान के लिए संबंधित प्राधिकारी को सौंप देता है।
  • यह विशेष एकाउंट लोगों के लिए सुलभ होगा, चाहे उनका दायरा स्थानीय हो या राष्ट्रीय। चाहे सरकार द्वारा किए गए विभिन्न उपायों पर नवीनतम अपडेट प्राप्त करना हो, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के बारे में जानना हो अथवा किसी ऐसे व्यक्ति के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करना हो जिसमें संभवतः रोग के लक्षण हैं, लेकिन वह इस बात के बारे में अनिश्चित है कि मदद के लिए कहां जाएं, तो वैसी स्थिति में @CovidIndiaSeva लोगों को अधिकारियों तक पहुंचने के लिए सशक्त बनाएगी।
  • चूंकि ये जवाब पारदर्शी और सार्वजनिक होंगे, इसलिए एक जैसे प्रश्नों के उत्तर से सभी लोग लाभ उठा सकते हैं।

कौन देगा जवाब?

  • उल्लेखनीय है कि मंत्रालय व्यापक प्रश्नों का जवाब देगा और इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देगा। कोविड इंडिया सेवा’ सरकार के छोर पर विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा संचालित किया जाता है जो बड़े पैमाने पर प्रत्येक सवाल का विशिष्ट जवाब देने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित और माहिर हैं।
  • यह भारतीय नागरिकों के साथ एक सीधा चैनल स्थापित करने में सक्षम करेगा, जो आधिकारिक स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक जानकारियां प्रदान करने के लिए वास्तविक समय में उनके साथ जुड़ेंगे।

प्रष्ठभूमि

  • पिछले तीन महीनों में मंत्रालय ने कोरोना के खिलाफ युद्ध में कई पहल की हैं जिनमें एक संचार रणनीति का हिस्सा भी शामिल है। इसमें यात्रा एवं स्वास्थ्य संबंधी विशेष एडवाइजरी  और सरकारों, अस्पतालों, नागरिकों, विभिन्न स्वास्थ्य कर्मियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न अन्य ज्ञान संसाधनों के लिए सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों में विभिन्न हितधारकों के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश/मानक संचालन प्रक्रियाएं/प्रोटोकॉल शामिल हैं।

3. घरों में क्वारंटाइन नागरिकों की निगरानी कर रहा पुणे का मोबाइल ऐप संयम

घरों में क्वारंटाइन नागरिकों की प्रभावी निगरानी और वास्तव में वे घर पर ही रुके हुए हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन (एससीएम) के अंतर्गत आने वाले पुणे नगर निगम ने संयम नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया है।

  • सभी होम क्वारंटाइन नागरिकों को ऐप डाउनलोड करने और उसे इंस्टाल करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन चिह्नित नागरिकों को क्वारंटाइन अवधि के दौरान मोबाइल डिवाइस 24 घंटे चालू रखने और जीपीएस को हमेशा ही स्विच-ऑन रखने की सलाह दी जाती है।
  • मोबाइल एप्लीकेशन में जीपीएस ट्रैकिंग है, जिससे क्वारंटाइन नागरिकों के घर से बाहर निकलने की स्तिति में शहरी प्रशासन को तुरंत अलर्ट मिल जाता है और स्थानीय वार्ड या स्थानीय पुलिस को सूचना भेज दी जाती है, जिसके बाद परिवार से संपर्क किया जाता है।
  • निगरानी इकाई द्वारा केन्द्रीय स्तर पर क्वारंटाइन नागरिकों की आवाजाही पर रियल-टाइम आधार पर नजर रखी जा सकती है और उन्हें लाल, पीला या हरे रंग से चिह्नित किया जा सकता है। लाल रंग से पता चलता है कि लोग लंबी अवधि से बाहर हैं; पीले रंग का मतलब है कि लोग सीमित आवाजाही कर रहे हैं और हरे रंग का मतलब है कि लोग घर के भीतर ही हैं।

निगरानी टीमें एप्लीकेशन के उद्देश्य को करेंगीं सार्थक

  • इसके साथ ही शहरी प्रशासन ने दैनिक आधार पर घरों में क्वारंटाइन लोगों की निगरानी के लिए पांच क्षेत्रों के लिए समर्पित टीमों को नियुक्त किया है। ये टीम अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से हाल में लौटने वाले और कोविड-19 के उपचार के बाद डिस्चार्ज होने वाले लोगों की दैनिक आधार पर जांच करेंगी।
  • इस क्रम में ये टीम क्वारंटाइन लोगों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर और उनसे संपर्क में आए लोगों का ब्योरा हासिल करेंगी। होम क्वारंटाइन स्टैम्प लगे लोगों के लिए टीम जांच करेंगी कि क्या उन्हें अलग खाना, बिस्तर, बर्तन, कपड़े और वाशरूम उपलब्ध कराए गए हैं। टीम जांच करेंगी कि होम क्वारंटाइन में मौजूद लोगों ने संयम मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड किया है।

4. फेसबुक 9.99 फीसदी हिस्सेदारी के लिए जियो में करेगा 43,574 करोड़ का निवेश

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने मुकेश अंबानी के नेतृव वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी जियो प्लेटफार्म्स लिमिटेड में 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर या करीब 43,574 करोड़ रुपये निवेश का करार किया है। कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न वैश्विक संकट के बीच दोनों कंपनियों ने निवेश के इस बड़े सौदे की घोषणा की है।

  • इस सौदे से रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी तथा फेसबुक की भारत में स्थिति और मजबूत होगी। उसके लिए उपयोगकर्ता आधार के लिहाज से भारत इस समय भी सबसे बड़ा बाजार है।
  • इस बड़ी डील के बाद फेसबुक अब जियो की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन गई है। फेसबुक के इस निवेश के बाद जियो प्लैटफॉर्म्स की एंटरप्राइज वैल्यू 4.62 लाख करोड़ हो गई है।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कहा कि इस निवेश के साथ जियो प्लेटफार्म्स, रिलायंस रिटेल लिमिटेड और व्हाट्सएप के बीच भी एक वाणिज्यिक साझेदारी समझौता हुआ है। इसके तहत व्हाट्सएप के इस्तेमाल से जियोमार्ट प्लेटफार्म पर रिलायंस रिटेल के नए वाणिज्यिक कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और व्हाट्सऐप पर छोटे कारोबारियों को सहायता दी जाएगी।
  • छोटी हिस्सेदारी के लिए तकनीकी कंपनी का ये अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। साथ ही ये भारत में तकनीकी क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। मुकेश अंबानी ने जियो और फेसबुक के बीच समझौते पर कहा कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के दो लक्ष्यों- ईज ऑफ लिविंग और कारोबार सुगमता में मदद करेगी।

प्रष्ठभूमि

  • जियो प्लेटफार्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो तमाम प्रकार की डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है। इसके ग्राहकों की संख्या 38.8 करोड़ से अधिक है। ताजा सौदा जियो और फेसबुक दोनों के लिए फायदेमंद है क्योंकि चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है।

5. आरबीआई ने किसानों के लिए फसल ऋण पर ब्याज सहायता योजना को 31 मई तक बढ़ाया

भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस की वजह से लागू राष्ट्रव्यापी बंद के मद्देजनर किसानों के लिए दो प्रतिशत की ब्याज सहायता योजना और कर्ज के समय पर भुगतान के लिए तीन प्रतिशत ब्याज प्रोत्साहन को 31 मई, 2020 तक बढ़ा दिया है।

  • रिजर्व बैंक ने अधिसूचना जारी कर बैंकों को किसानों को फसल ऋण पर ब्याज सहायता योजना (आईएस) और त्वरित भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) अवधि को बढ़ाने का निर्देश दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से लागू राष्ट्रव्यापी बंद की वजह से लोगों की आवाजाही पर अंकुश है। इस वजह से किसान अपने लघु अवधि के फसल ऋण के बकाये का भुगतान करने के लिए बैंक शाखाओं तक नहीं जा पा रहे हैं।
  • राष्ट्रव्यापी पूर्ण बंदी को देखते हुए रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि भुगतान में विलम्ब पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाए और ब्याज छूट योजना मई महीने के अंत तक जारी रखी जाए।

ब्याज सहायता योजना

  • माननीय वित्त मंत्री जी ने वर्ष 2006 – 07 के बजट में घोषणा की कि भारत सरकार ने कृषकों को अल्पावधि ऋण का मूलधन 7% ब्याज दर पर मिलना सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है जिसकी उच्चतम सीमा रुपए 3 लाख होगी। खरीफ 2006-07 से यह नीति प्रभावी हुई। सहायता राशि की गणना फसल ऋण राशि के संवितरण से चुकौती की तारीख तक की जाती है।
  • उक्त घोषणा के अनुसरण में भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों को अल्पावधि उत्पादन ऋणों के संबंध में 2% ब्याज सहायता प्रदान की जाती है बशर्ते कि वे कृषकों को अपने संसाधनो से 03 लाख तक अल्पावधि ऋण आधार स्तर पर 7% की दर पर उपलब्ध कराए।
  • भारत सरकार ने 2009-10 से बैंकों द्वारा निर्धारित तारीख पर अथवा निर्धारित तारीख से पहले या ऋणों की अधिकतम एक वर्ष की अवधि की सीमा के तहत, त्वरित चुकौती करने वाले किसानों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देना शुरू किया है।

6. राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान ने अल्कोहल आधारित हर्बल सैनिटाइजर बनाया

राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान, लखनऊ ने कोरोनोवायरस प्रकोप के बीच सैनिटाइजर की बढ़ती मांग के मद्देनजर अल्कोहल आधारित हर्बल सैनिटाइजर बनाया है। इसमें बहुत प्रभावी प्राकृतिक रोगाणुरोधी एजेंट-तुलसी और कीटाणुओं को मारने के लिए आइसोप्रोपिल अल्कोहल है।

  • संस्थान के निदेशक डॉक्टर एस. के. बारिक ने बताया कि हर्बल हैंड सैनिटाइजर का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया है और सतह के रोगाणुओं को नष्ट करने में इसे बहुत प्रभावी पाया गया है।
  • उन्होंने बताया कि इसका प्रभाव लगभग 25 मिनट तक रहता है और यह त्वचा को निर्जलीकरण से बचाता है। डॉक्टर बारिक ने बताया कि क्लीन हैंड जेल ’के ब्रांड नाम का यह उत्पाद  बहुत जल्द बाजार में उपलब्ध हो जाएगा।

राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान

  • राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ में स्थित एक संस्थान है। यह सीएसआईआर के अंतर्गत है, एवं आधुनिक जीवविज्ञान एवं टैक्सोनॉमी के क्षेत्रों से जुड़ा है। इसके निदेशक एस. के. बारिक हैं।
  • यह संस्थान भारत की अग्रणी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में से एक है जो कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, के अन्तर्गत लखनऊ में कार्यरत है।
  • यह संस्थान ‘राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान’ के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत कार्यरत था, जिसे 13 अप्रैल, 1953 को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् ने अधिग्रहीत कर लिया। उस समय से यह संस्थान वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में परम्परागत अनुसंधान करता आ रहा है।
  • समय के साथ इसमें नये-नये विषयों पर अनुसंधान कार्य किये गये, जिनमें पर्यावरण संबंधित व आनुवांशिक अध्ययन प्रमुख थे। अनुसंधान के बढ़ते महत्व व बदलते स्वरूप को ध्यान में रखकर 25 अक्टूबर, 1978 को इसका नाम बदलकर ‘राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान’ किया गया।

7. गोवा के बाद मणिपुर हुआ कोरोना मुक्त

कोरोना वायरस महामारी से जुड़े मामलों की संख्या देश में लगातार बढ़ती जा रही है। हर रोज आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है, जो कि चिंता का विषय है। लेकिन इस सबके बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने बताया कि अब उनके राज्य में एक भी कोरोना वायरस का केस नहीं है।

  • मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने बताया कि मणिपुर अब कोरोना मुक्त राज्य है। जो दो मरीज सामने आए थे, वह अब रिकवर हो गए हैं। अब दोनों का टेस्ट नेगेटिव आया है, ऐसे में राज्य में कोई नया केस नहीं सामने आया है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही राज्य में कोविड-19 का अब कोई सक्रिय मामला नहीं है, लेकिन लोगों को हर समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। गोवा के बाद कोरोना से मुक्त होने वाला मणिपुर देश का दूसरा राज्य है।
  • इससे पहले गोवा देश का पहला राज्य बना गया था, जहां सभी मरीज स्वस्थ होकर अपने घर वापस चले गए थे। गोवा में कोविड-19 के सभी सात मरीज उपचार के बाद ठीक हो गए हैं और सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

8. दक्षिण कोरिया में कोरोना संकट के बीच सत्तारूढ़ पार्टी ने जीता चुनाव

वैश्विक कोरोना वायरस के कहर के बीच दक्षिण कोरिया में हुए चुनाव में सत्ताधारी पार्टी ने जीत हासिल कर ली है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून-जे-इन की डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसदीय चुनाव में 163 सीटों पर जीत दर्ज की है।

  • एक करोड़ 18 लाख लोगों ने मतदान के शुरुआती चरण में या ईमेल के जरिये मतदान किया था। कुल मिलाकर 66.2 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया जो 1992 के चुनाव के बाद हुए मतदान का सर्वाधिक आंकड़ा है।
  • चुनाव के परिणाम के अनुसार, मून की डेमोक्रेटिक पार्टी ने 300 सीटों वाली नेशनल असेंबली में 163 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की सयहोगी प्लेटफॉर्म पार्टी को भी 17 सीटें मिली हैं। इस तरह से सहयोगी के सीटों को मिलाकर सत्ताधारी पार्टी के पास अब कुल 180 सीटें हो गई हैं।
  • इस चुनाव में करीब 35 पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे, मगर वास्तविक टक्कर लेफ्ट झुकाव वाली डेमोक्रेटिक पार्टी और कंजर्वेटिव विपक्ष, यूनाइटेड फ्यूचर पार्टी के बीच ही देखने को मिली थी।

क्या थी मतदान की प्रक्रिया?

  • दक्षिण कोरिया दुनिया का पहला देश है जहाँ कोरोना वायरस के फैलने के बाद संसदीय चुनाव करवाए गए हैं। इसके तहत सरकार द्वारा विशेष तैय्यारियाँ की गईं थीं। जैसे ही लोग वोट डालने पहुंचते थे तो उनका तापमान लिया जाता है अगर उनका तापमान निर्धारित मानकों से अधिक निकलता था तो दूसरे स्थान पर वोट डालने के लिए ले जाया जाता था। उसका कोरोना का टेस्ट करवाया जाता था और मतदान केंद्र को डिसइंफ़ेक्ट यानि कीटाणुरहित कर दिया जाता था।

9. अमेरिका ने नए ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर 60 दिन की रोक लगाई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह देश में आव्रजन को अस्थायी रूप से निलंबित करने के अपने कार्यकारी आदेश के तौर पर अगले 60 दिन के लिए नए ग्रीन कार्ड जारी करने या वैध स्थायी निवास की अनुमति देने की प्रक्रिया पर रोक लगा रहे हैं।

  • जो लोग एच-1बी जैसे गैर आव्रजन कार्य वीजा पर रह रहे हैं हालांकि उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन इस कार्यकारी आदेश का उन हजारों भारतीय-अमेरिकियों पर असर पड़ेगा जो ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इससे प्रक्रिया में और देरी होने की संभावना है।
  • ट्रम्प ने कोरोना वायरस पर व्हाइट हाउस में अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमें पहले अमेरिकी कामगारों का ख्याल रखना चाहिए। यह आदेश 60 दिन के लिए लागू होगा जिसके बाद किसी तरह के विस्तार या बदलाव की आवश्यकता पर मैं खुद और लोगों का एक समूह उस समय की आर्थिक परिस्थितियों पर आधारित आकलन करेगा।’’  उन्होंने कहा, ‘‘यह आदेश केवल उन व्यक्तियों पर लागू होगा जो स्थायी निवास की अनुमति मांग रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहे तो जो ग्रीन कार्ड पाना चाह रहे हैं।’’
  • गौरतलब है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण 2.2 करोड़ से अधिक अमेरिकियों ने बेरोजगार भत्तों के लिए आवेदन दिया है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिक्कतें बनी रहने के कारण आगामी हफ्तों में और लाखों लोगों के बेरोजगार होने की भी आशंका है। नए आव्रजकों पर इस रोक से अहम चिकित्सा संसाधनों को अमेरिकी नागरिकों के लिए बचाकर रखने में भी मदद मिलेगी।

ग्रीन कार्ड

  • अमेरिका में स्थायी निवास करने के लिए ग्रीन कार्ड या Permanent Resident Card की आवश्यकता होती है। इसके लिए अन्य देश के नागरिकों द्वारा आवेदन किया जाता है। इसमें से केवल कुछ ही लोगों को ग्रीन कार्ड मिल पाता है। अमेरिका में कानून था कि किसी भी देश को एक वित्त वर्ष में केवल सात प्रतिशत ही ग्रीन कार्ड प्रदान किये जा सकते थे लेकिनअब इस कैप को हटा लिया गया है।

10. ओलंपिक स्थगन के खर्च को लेकर टोक्यो ओलंपिक आयोजकों और आईओसी में मतभेद

टोक्यो ओलंपिक आयोजकों और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के बीच इस बात को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है कि एक साल के लिये खेलों को स्थगित करने की लागत कौन वहन करेगा।

  • तोक्यो ओलंपिक के प्रवक्ता मासा तकाया ने कहा कि आयोजन समिति ने आईओसी से उसकी वेबसाइट पर जारी एक बयान हटाने को कहा था कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे स्थगन का अधिकांश खर्च उठाने पर राजी हो गए हैं।
  • आईओसी अध्यक्ष थामस बाक ने भी दस दिन पहले एक जर्मन अखबार को दिये इंटरव्यू में यही बात कही थी। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने अब अपनी वेबसाइट से वो विवादित बयान हटा लिया है लेकिन विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है।
  • जापान में कई रिपोर्टों में कहा गया है कि कोरोना महामारी के कारण एक साल के लिये खेल स्थगित होने से दो अरब से छह अरब डॉलर के बीच खर्च आयेगा ।

प्रष्ठभूमि

  • कोरोना वायरस के कारण इस साल जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए स्थगित किया गया है। ओलंपिक खेलों के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब इन खेलों को शांतिकाल में स्थगित किया गया है। इससे पहले सिर्फ विश्व युद्ध के दौरान इन खेलों को स्थगित किया गया था।
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