आज के टॉप करेंट अफेयर्स

सामयिकी: 22 अप्रैल 2020

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Current Affairs: 22 April 2020

1. केंद्र सरकार ने कोविड-19 की स्थिति का आकलन करने हेतु 6 अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीमों का किया गठन

केंद्र सरकार ने आम जनता के हित में कोविड-19 से जुड़ी स्थिति का मौके पर ही आकलन करने और इससे निपटने के लिए राज्य प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश देने एवं अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के लिए 6 अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीमों (IMCTs – Inter-Ministerial Central Teams) का गठन किया है।

  • इनमें से दो-दो टीमों का गठन पश्चिम बंगाल एवं महाराष्ट्र के लिए और एक-एक टीम का गठन मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए किया गया है। स्थिति विशेष रूप से इंदौर (मध्य प्रदेश), मुंबई एवं पुणे (महाराष्ट्र), जयपुर (राजस्थान) और कोलकाता, हावड़ा, मेदिनीपुर पूर्व, 24 परगना उत्तर, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में गंभीर है।
  • केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 35(1), 35(2)(ए), 35(2)(ई) और 35(2)(i) के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए इन समितियों का गठन किया है।

क्या होगा अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीमों का कार्य?

  • ये आईएमसीटी दिशा-निर्देशों के अनुसार लॉकडाउन के उपायों के कार्यान्वयन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, सामाजिक दूरी बनाए रखने, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे की तैयारी, स्वास्थ्य प्रोफेशनलों की सुरक्षा और श्रमिकों एवं गरीब लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों की स्थितियों से जुड़ी शिकायतों पर फोकस करेंगी।
  • इसके अलावा ये टीमें स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की तैयारी, जिले में अस्पताल की सुविधा और सैंपल के आंकड़ों, स्वास्थ्य प्रोफेशनलों की सुरक्षा, टेस्ट किटों, पीपीई, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर भी अपना ध्यान केंद्रित करेंगी।
  • उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी 2020 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 468 में अपने आदेश (दिनांक 31.03.2020) में कहा है कि हम भरोसा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि सभी संबंधित हितधारक यथा राज्य सरकारें, सार्वजनिक प्राधिकरण और इस देश के नागरिक केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा के हित में जारी किए गए निर्देशों और आदेशों का ईमानदारी से अक्षरश: पालन करेंगे।

प्रष्ठभूमि

  • हॉटस्पॉट जिलों या उभरते हॉटस्पॉट अथवा यहां तक कि व्यापक प्रकोप या क्लस्टरों की आशंका वाले स्थानों पर संबंधित दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की घटनाएं किसी भी सख्त उपाय के बिना निरंतर हो रही हैं, तो वैसी स्थिति में इन जिलों की आबादी के साथ-साथ देश के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य खतरा उत्पन्न हो रहा है।
  • प्रमुख हॉटस्पॉट जिलों में इस तरह के उल्लंघन की व्यापकता या चलन का विश्लेषण करने के बाद केंद्र सरकार को यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि स्थिति विशेष रूप से उपर्युक्त क्षेत्रों में गंभीर है और केंद्र की विशेषज्ञता का उपयोग करने की आवश्यकता है।

 

2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल सेवा दिवस पर सिविल सेवकों दी बधाई

भारत सरकार हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) के तौर पर मनाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कोरोना संकट में मानवता की मदद कर रहे सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दी हैं।

  • इस मौके पर अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को उनकी सर्वश्रेष्ठ सेवा के लिए पुरस्कृत किया जाता है। यह पुरस्कार उन्हें नागरिकों को उत्तम सेवाएं प्रदान करने के लिए दिया जाता है।
  • पुरस्कृत किये जाने से सिविल सेवा अधिकारियों में और अधिक बेहतर प्रदर्शन करने की भावना आती है। साथ ही उन्हें बदलते समय के हिसाब से नई चुनौतियों से निपटने की लिए अपनी नीतियों पर आत्मनिरीक्षण करने का अवसर भी मिलता है।

सिविल सेवा दिवस

  • भारत सरकार ने वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को ‘सिविल सेवा दिवस’ के रूप में सिविल सेवकों को स्वयं को नागरिकों के लिए पुनर्समर्पित करने तथा लोक सेवा और कार्य में उत्कृष्टता हेतु अपनी वचनबद्धता को पुनर्सज्जित करने के लिए एक अवसर के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस प्रकार का पहला समारोह 21.04.2006 को विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था।
  • 21 अप्रैल के ही दिन आजाद भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारतीय लोक सेवा आयोग के पहले दल को ‘STEEL FRAME OF INDIA’ के नाम से संबोधित किया था इसीलिए इस दिन को चुना गया है।
  • इस दिवस का उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा के सदस्यों द्वारा अपने आप को नागरिकों के लिए एक बार फिर समर्पित और वचनबद्ध करना है। इस अवसर पर, केंद्रीय और राज्य सरकारों के सभी अधिकारियों को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया जाता है।
  • लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रस्तुत किया जाता है। सम्मान/पुरस्कारों की इस योजना का गठन 2006 में किया गया, इस योजना के तहत, व्यक्तिगत रूप से या ग्रुप के रूप में या संगठन के रूप में सभी अधिकारी इसके पात्र हैं।
  • पुरस्कार में एक पदक, स्क्रॉल और रू 1 लाख की नकद राशि भी शामिल है। एक ग्रुप के मामले में कुल पुरस्कार राशि 5 लाख रुपए है, प्रति व्यक्ति अधिकतम 1 लाख रूपए का भागीदार होता है। किसी संगठन के लिए नकद राशि 5 रु लाख तक सीमित है।

 

3. भारतीय खाद्य निगम के पास उपलब्ध अतिरिक्त चावल से बनाया जायेगा एथनॉल

देश में अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम के पास उपलब्ध अतिरिक्त चावल से एथनॉल बनाया जायेगा। केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति की बैठक में इसे मंजूरी दी है।

  • विदित है कि राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति, 2018 में अन्य बातों के अलावा, इसकी परिकल्पना की गई है कि किसी कृषि फसल वर्ष के दौरान, जब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रत्याशित से अधिक खाद्यान्न आपूर्ति का अनुमान लगाया जाता है तो नीति राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति (एनबीसीसी) के अनुमोदन के आधार पर खाद्यान्न की इस अधिशेष मात्रा को एथनॉल में रूपांतरित करने की अनुमति देगी।

क्या है जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति-2018?

  • देश में जैव ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2009 के दौरान नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने जैव  ईंधनों पर एक राष्ट्रीय नीति बनाई थी। पिछले दशक में जैव ईंधन ने दुनिया का ध्यान आकृष्ट किया है क्योंकि जैव ईंधन के क्षेत्र में विकास की गति के साथ चलना आवश्यक है।
  • भारत में जैव ईंधनों का रणनीतिक महत्व है क्योंकि ये सरकार की वर्तमान पहलों मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, कौशल विकास के अनुकूल है और किसानों की आमदनी दोगुनी करने, आयात कम करने, रोजगार सृजन, कचरे से धन सृजन के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।
  • जैव ईंधन पर समय के अनुकूल परिवर्तन करके सरकार ने जैव ईंधन राष्ट्रीय नीति-2018 प्रस्तुत की जिसकी निम्न विशेषताएं हैं –
  • I. नीति में जैव ईंधनों को ‘आधारभूत जैव ईंधनों’ यानी पहली पीढ़ी (1जी) जैव इथनॉल और जैव डीजल तथा ‘’विकसित जैव ईंधनों’ – दूसरी पीढ़ी (2जी) इथनॉल,  निगम के ठोस कचरे (एमएसडब्ल्यू) से लेकर ड्रॉप इन ईंधन, तीसरी पीढ़ी (3जी) के जैव ईंधन, जैव सीएनजी आदि को श्रेणीबद्ध किया गया है ताकि प्रत्येक श्रेणी में उचित वित्तीय और आर्थिक प्रोत्साहन बढ़ाया जा सके।
  • II. नीति में गन्ने का रस, चीनी वाली वस्तुओं जैसे चुकन्दर, स्वीट सौरगम, स्टार्च वाली वस्तुएं जैसे – भुट्टा, कसावा, मनुष्य के उपभोग के लिए अनुपयुक्त बेकार अनाज जैसे गेहूं, टूटा चावल, सड़े हुए आलू के इस्तेमाल की अनुमति देकर इथनॉल उत्पादन के लिए कच्चे माल का दायरा बढ़ाया गया है।
  • III. अतिरिक्त उत्पादन के चरण के दौरान किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिलने का खतरा होता है। इसे ध्यान में रखते हुए इस नीति में राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति की मंजूरी से इथनॉल उत्पादन के लिए पेट्रोल के साथ उसे मिलाने के लिए अतिरिक्त अनाजों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है।
  • IV. जैव ईंधनों के लिए, नीति में 2जी इथनॉल जैव रिफाइनरी के लिए 1जी जैव ईधनों की तुलना में अतिरिक्त कर प्रोत्साहनों, उच्च खरीद मूल्य के अलावा 6 वर्षों में 5000 करोड़ रुपये की निधियन योजना के लिए व्यावहारिकता अन्तर का संकेत दिया गया है।
  • V. नीति गैर-खाद्य तिलहनों, इस्तेमाल किए जा चुके खाना पकाने के तेल, लघु गाभ फसलों से जैव डीजल उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला तंत्र स्थापित करने को प्रोत्साहन दिया गया।
  • VI. इन प्रयासों के लिए नीति दस्तावेज़ में जैव ईंधनों के संबंध में सभी मंत्रालयों/विभागों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का अधिग्रहण किया गया है।

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम भी चला रही है सरकार

  • सरकार ने 2014 से इथेनॉल की निर्धारित कीमत अधिसूचित करती रही है। पहली बार 2018 के दौरान, सरकार द्वारा इथेनॉल के उत्पादन के लिए व्यवहृत कच्चे माल के आधार पर इथेनॉल की कीमत घोषित की गई थी।
  • इन निर्णयों से इथेनॉल की आपूर्ति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक क्षेत्र कीतेल कंपनियों द्वारा इथेनॉल की खरीद इथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2013-14 में 38 करोड़ लीटर से बढ़कर 2018-19 में अनुमानित 200 करोड़ लीटर से अधिक हो गई है।
  • सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को लागू करती रही है, जिसके तहत तेल कंपनियों द्वारा अधिकतम 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री की जाती है।
  • यह कार्यक्रम 1 अप्रैल, 2019 से केन्द्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप द्वीपसमूह को छोड़कर पूरे भारत में विस्तारित किया गया है, ताकि वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिले।
  • इस क्रियाकलाप से ऊर्जा संबंधी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भरता घटेगी और कृषि क्षेत्र को बल मिलेगा।

 

4. बीआरओ ने अरुणाचल प्रदेश रिकॉर्ड समय में पुल का किया निर्माण

 

भले ही देश भर में लॉकडाउन है, पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सुबनसिरी नदी पर दापोरिजो पुल का निर्माण कर दिया है अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडु ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इसका उद्घाटन किया तथा इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।

  • दापोरिजो पुल भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा की दिशा में एक रणनीतिक कड़ी है। सभी आपूर्तियां, राशन, निर्माण संबंधी सामग्री और दवाएं इसी पुल से गुजरती हैं।
  • पुराने पुल में दरार आ गई थी जिसकी वजह से 26 जुलाई 1992 जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी जब एक यात्री बस पुल से नदी में गिर गई थी और उसमें किसी की भी जान नहीं बची थी। डीजीबीआर एवं सीई अरुणांक के सहयोग से रक्षा मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश से इसे शीघ्रता से मंजूरी मिल गई थी।
  • पुल के निर्माण का कार्य 23 बीआरटीएफ द्वारा 17 मार्च, 2020 को आरंभ किया गया था। आखिरकार, 27 दिनों के बाद 14 अप्रैल, 2020 को पुल को कोविड-19 के खिलाफ सर्वाधिक सावधानियों को ध्यान में रखते हुए सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूरा कर दिया गया है।
  • इसे सफलतापूर्वक क्लास 24 टन से 40 टन में अपग्रेड किया गया है जिससे कि न केवल सेना की आवश्यकता वाले भारी वाहनों को इससे गुजरने में आसानी हो बल्कि अपर सुबनसिरी जिले की भविष्य संबंधी अवसंरचना विकास आवश्यकता की भी पूर्ति हो सके।

सीमा सड़क संगठन (BRO – Border Roads Organization)

  • बीआरओ एक ऐसा संगठन है जो पूरे देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण और रखरखाव करता है और सशस्त्र बलों की सामरिक जरूरतों के लिए काम करता है । इसका गठन 7 मई 1960 को हुआ था।
  • इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है और यह रक्षा मंत्रालय के अधीन है।

 

5. निर्मला सीतारमण ने न्यू डेवलपमेंट बैंक के संचालक मंडल की पांचवीं वार्षिक बैठक में लिया भाग

 

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री ]निर्मला सीतारमण ने 20 अप्रैल को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यू डेवलपमेंट बैंक के संचालक मंडल (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) की पांचवीं वार्षिक बैठक में भाग लिया।

  • इस बैठक में अपने आरंभिक संबोधन में वित्त मंत्री ने एक विश्वसनीय वैश्विक वित्तीय संस्थान के रूप में स्वयं को स्थापित करने हेतु एनडीबी द्वारा किए गए ठोस प्रयासों के लिए उसकी सराहना की, जो और भी अधिक सतत एवं समावेशी दृष्टिकोण को अपनाकर अपने निर्दिष्ट प्रयोजन को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है।
  • कोविड-19 की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने ब्रिक्स देशों को लगभग 5 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता तेजी से उपलब्ध कराने के लिए एनडीबी द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की, जिसमें कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भारत को 1 अरब डॉलर की आपातकालीन सहायता देना भी शामिल है।
  • वित्त मंत्री ने सुझाव भी दिया कि इस सुविधा के तहत सहायता राशि को बढ़ाकर 10 अरब डॉलर कर दिया जाना चाहिए।
  • इसके साथ ही उन्होंने अन्य बहुपक्षीय विकास बैंक (MDBs – Multilateral Development Bank)/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (IFIs – International Financial Institutions) के साथ जी-20 फोरम से जुड़ने हेतु समुचित कदम उठाने के लिए एनडीबी को दृढ़ता से प्रोत्साहित किया।

न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी)

  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) को ब्रिक्स के सदस्य देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) द्वारा वर्ष 2014 में स्थापित किया गया था।
  • एनडीबी का उद्देश्य ब्रिक्स और अन्य उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे एवं सतत विकास परियोजनाओं के लिए व्यापक संसाधन जुटाना है, ताकि वैश्विक प्रगति व विकास के लिए बहुपक्षीय और क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा वर्तमान में किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाई जा सके।
  • एनडीबी ने अब तक भारत की 14 परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनमें 4,183 मिलियन डॉलर की राशि निहित है।

 

6. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री ने ‘स्वयं’ और ‘स्वयं प्रभा’ पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल ‘स्वयं’ और डीटीएच के माध्यम से प्रसारित किए जाने वाले शिक्षा चैनल ‘स्वयं प्रभा’ की विस्तृत समीक्षा की।

  • बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष डी पी सिंह, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्,एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के अध्यक्ष ह्शिकेष सेनापति , राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, (एनआईओएस) के अध्यक्ष तथा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों समेत दिल्ली, मद्रास, बेंगलूरु और हैदराबाद के अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के राष्ट्रीय संयोजको तथा प्रोफेसरों ने भाग लिया।
  • बैठक में इन योजनाओं की प्रगति पर एक संक्षिप्त प्रस्तुती दी गई थी। विदित है कि लॉकडाउन के दौरान स्वयं और स्वयं प्रभा पर प्रसारित होने वाले पाठ्यक्रमों की मांग और उपयोग में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
  • बैठक में यह भी तय किया गया कि विद्या दान कार्यक्रम के तहत योगदान देने के इच्छुक लोगों से सामग्री एकत्र करके स्वयं प्रभा को समृद्ध किया जाए। इसे स्वयं प्रभा पर अपलोड करने से पहले इन्हें अनुमोदित करने के लिए प्रत्येक एनसी द्वारा विषय विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जाएगा।
  • डीटीएच पर प्रसारित होने वाले इन कार्यक्रमों को रेडियो और सोशल मीडिया सहित सभी उपलब्ध चैनलों के माध्यम से लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जाएगा। स्वयं प्रभा के वीडियों में शामिल विषय वस्तु को  पाठ्यक्रमों और  शैक्षणिक सत्रों के अनुरुप बनाया जाएगा।
  • सभी 1900 स्वयं पाठ्यक्रमों और 60000 स्वंय प्रभा वीडियो का दस क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने का फैसला किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका लाभ मिल सके। इस क्रम में अधिक लोकप्रिय पाठ्य सामग्रियों तथा पहले वर्ष में पढ़ाए जाने वाले इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुवाद का काम  राष्ट्रीय संयोजकों (एनसी) के बीच बांटने का निर्णय लिया गया है ताकि वे इसके लिए अपने हिसाब से छात्रों, सरकारी या निजी एजेंसियों तथा अनुवाद के लिए उपलब्ध तकनीकि सेवाओं का उपयोग कर सकें।

स्वयं प्लेटफ़ॉर्म

  • ‘स्वयं’ पर वर्तमान में 1902 पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इसकी शुरुआत के बाद से अबतक देशभर में 1.56 करोड़ छात्रों के लिए इसे उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में, 26 लाख से अधिक छात्र इसके जरिए 574 पाठ्यक्रम का लाभ ले रहे हैं। इनमें से, 1509 पाठ्यक्रम स्व-अध्ययन के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
  • ‘स्वयं’- दो के तहत ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रम की सुविधा उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। एआईसीटीई मॉडल के पाठ्यक्रम जैसे पाठ्यक्रम स्वयंम पर भी शुरु करने का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए उन कमियों की पहचान की गई है जिन्हें दूर किया जाना है। यूजीसी की एक समिति द्वारा गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए भी ऐसी ही तैयारी की जा रही है।

स्वयं प्रभा

  • स्वयं प्रभा डीटीएच के 32 चैनलों का एक समूह है जो संचार उपग्रह जीसैट -15 के माध्यम से 24X7 आधार पर उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए समर्पित है।
  • इस पर प्रत्येक दिन , कम से कम चार घंटे के लिए नई सामग्री होगी जो एक दिन में 5 बार दोहराई जाएगी, जिससे छात्र अपनी सुविधा के अनुरूप इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

 

7. पाकिस्तान ने ग्वादर बंदरगाह की सुविधा अफगान के लिए खोलने की दी अनुमति

पाकिस्तान सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के बीच ग्वादर बंदरगाह के जरिये अफगान पारगमन व्यापार (Afghan Transit Trade) सुविधा फिर खोल दी है।

  • पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ग्वादर बंदरगाह पर आने वाला थोक माल अफगानिस्तान भेजा जाएगा।
  • अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘एटीटी समझौते के तहत अफगानिस्तान के लिये ग्वादर बंदरगाह से रवाना होने वाले ट्रक पूरी तरह सील होंगे।’’ ट्रकों को गेहूं, चीनी और खाद ले जाने की अनुमति होगी। ट्रकों पर निगरानी प्रणाली लगी होगी।
  • पाकिस्तान चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज, पाक-अफगान ज्वाइंट चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री तथा अन्य संबंधित संस्थानों के आग्रह पर इस बंदरगाह को खोलने की मंजूरी दी गयी है।
  • अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच पारगमन व्यापार समझौता द्विपक्षीय समझौता है जिसपर 2010 में हस्ताक्षर किये गये। इस समझौते का मकसद दोनों देशें के बीच वस्तुओं की आवाजाही को आसान बनाना है।

ग्वादर बंदरगाह

  • ग्वादर पोर्ट (Gwadar Port) पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर में स्थित एक गहरे समुद्र का बन्दरगाह है। इस बन्दरगाह को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) योजना में मुख्य माना जाता है और इसे महत्वाकांक्षी वन बेल्ट, वन रोड और समुद्री सिल्क रोड परियोजनाओं के बीच एक लिंक माना जाता है।

 

8. कपिल देव त्रिपाठी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का सचिव नियुक्त किया गया

कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी कपिल देव त्रिपाठी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का सचिव नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल राष्ट्रपति कोविन्द के पद पर बने रहने तक रहेगा।

  • प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय नियुक्ति कमेटी की ओर से उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।  वह असम-मेघालय कैडर के 1980 बैच के सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी हैं तथा फिलहाल लोक उद्यम चयन बोर्ड (PESB) के अध्यक्ष के रूप में सेवा दे रहे हैं।
  • विदित है कि पीईएसबी लोक उद्यमों में शीर्ष स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति करता है। वह संजय कोठारी का स्थान लेंगे, जिन्हें केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का प्रमुख बनाया गया है।
  • 62 वर्षीय कपिलदेव त्रिपाठी केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वह जून 2018 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह केंद्रीय सतर्कता आयोग में सचिव तथा भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय में संयुक्त सचिव रह चुके हैं।

 

9. भारतीय बैडमिंटन संघ ने पहला आनलाइन कोच विकास कार्यक्रम किया शुरू

भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने मिलकर 20 अप्रैल को मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद के नेतृत्व में आनलाइन कोच विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम आठ मई तक चलेगा।

  • यह कार्यक्रम तीन सप्ताह तक हफ्ते में पांच दिन चलेगा और पूरे कोर्स को 39 विषयों में बांटा गया है। इससे प्रशिक्षकों को शीर्ष स्तर के कोचों से विस्तार से सीखने का मौका मिलेगा।
  • इसके पहले सत्र में गोपीचंद और विदेशी कोच एगस डि सेंटोसो और नामरिह सुरोतो मौजूद थे। उन्हें देश भर के करीब 800 प्रतिभागियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।
  • पहले सत्र में गोपीचंद ने कहा ,‘‘ यह बेहतरीन मंच है जिसके जरिये विदेशी कोचों का अनुभव हमारे देश में हर स्तर के कोचों के कौशल को निखारने में काम आयेगा।’’

 

10. आई लीग के बचे हुए मैच हुए रद्द, मोहन बागान होगा चैंपियन

वैश्विक महामारी बन चुके कोरोना वायरस के कारण आई-लीग सत्र 2019-20 को समाप्त घोषित कर दिया गया है इस लीग के बाकी बचे मैच रद्द हो जाने से मोहन बागान इस सत्र का विजेता बन गया है। आई लीग में अभी 28 मैच होने बाकी थे।

  • अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एआईएफएफ लीग समिति के अध्यक्ष सुब्रत दत्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये लीग समिति की बैठक की, जिसमें यह फैसला लिया गया है।
  • कोरोना के कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर यह बैठक बुलाई गई थी ताकि सत्र और अन्य गतिविधियों पर चर्चा की जा सके, जिन्हें कोरोना के कारण स्थगित कर दिया गया था। देश में लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है इसलिए समिति का फैसला है कि लीग को आगे नहीं कराया जाएगा।
  • लीग समिति ने फैसला किया कि आई-लीग के 2019-20 सत्र को समाप्त किया जाता है और मोहन बागान इस सत्र के लिए हीरो आई-लीग का चैंपियन बन जाता है, क्योंकि 14 मार्च को लीग को स्थगित किए जाने के समय वह अंक तालिका में सबसे ऊपर था।
  • लीग की बाकी बची इनामी राशि (चैंपियन की इनामी राशि को छोड़कर) बाकी बचे 10 प्रतिस्पर्धी क्लबों के बीच समान अनुपात में बांटी जाएगी।
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