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Current Affairs: 19 May 2020

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Current Affairs: 19 May 2020

1. वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के पांचवीं और अंतिम किस्त की घोषणा की

 

वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए वित्तीय पैकेज और नीतिगत उपायों के पांचवें भाग की घोषणा की है। यह घोषणा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश को संबोधित करते हुए भारत के सकल घरेलू उत्पाद के दस प्रतिशत यानी बीस लाख करोड रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज के तहत की गई है।

  • इनमें मनरेगा, शहरी तथा ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा, कारोबार, कंपनी अधिनियम को गैर आपराधिक बनाने, कारोबार सुगमता, सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयों से संबंधित नीति, राज्य सरकार और उनसे संबंधित संसाधन शामिल हैं।

घोषणा के मुख्य बिंदु

  • वित्त मंत्री ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत रोजगार सृजन के लिए और चालीस हजार करोड रुपये दिए जाएंगे उन्होंने कहा कि इससे लगभग तीन सौ करोड कार्य दिवस के रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी।
  • एक अन्य प्रमुख घोषणा करते हुए सीतारामन ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य सभी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र को अनुमति देना है जो इस समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए नीति तैयार करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक रणनीतिक क्षेत्र में कम से कम एक सार्वजनिक उपक्रम अवश्य रहेगा। वित्तमंत्री ने कहा कि रणनीतिक क्षेत्रों में अधिकतम उद्योगों की संख्या चार तक सीमित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार जल्दी ही रणनीतिक क्षेत्रों को अधिसूचित करेगी जिनमें सार्वजनिक उपक्रमों की उपस्थिति की जरूरत होगी।
  • सीतारामन ने बताया कि सरकार ने राज्यों के लिए कर्ज की सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत से बढाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है। इससे राज्यों के लिए संसाधन राशि बढकर चार लाख 28 हजार करोड रुपये हो जाएगी।
  • स्वास्थ्य सुधारों और कोविड-19 से निपटने के प्रयासों के संदर्भ में उन्होंने बताया कि सार्वजनिक व्यय में वृद्धि की जाएगी और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आरोग्य केंद्रों की संख्या बढाई जाएगी।
  • सीतारामन ने कहा कि सभी जिलों में संक्रमण वाले रोगों के लिए सुविधाएं और एकीकृत सार्वजनिक चिकित्सा प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी तथा भविष्य में महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए निवेश में वृद्धि की जाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ ब्लू प्रिंट लागू किया जाएगा।
  • सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योगों को प्रमुख राहत देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की न्यूनतम सीमा बढ़ेगी। पहले यह एक लाख रुपये है जिसे बढ़ाकर अब एक करोड़ रुपये कर दिया जाएगा। इससे देश के छोटे उद्योगों को मदद मिलेगी। इसे जल्दी ही अधिसूचित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक वर्ष तक कोविड-19 से संबंधित मामलों में दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया निलंबित रहेगी।
  • वित्त मंत्री ने बताया कि डिजिटल ऑनलाइन शिक्षा के लिए पीएम-ई-विद्या कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा। इसमें सभी कक्षाओं के लिए ऑनलाइन विषय वस्तु और क्यू आर कोड आधारित पुस्तकें भी शामिल होंगी। कक्षा एक से बारहवीं तक प्रत्येक कक्षा के लिए टीवी चैनलों का कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए रेडियो और सामुदायिक रेडियो को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • वित्त मंत्री ने बताया कि इस महीने की 30 तारीख तक शीर्ष एक सौ विश्वविद्यालयों को स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और उनके परिवार को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता मनोदर्पण की शुरूआत की जाएगी।
  • वित्त मंत्री ने बताया कि कंपनी अधिनियम को गैर-आपराधिक बनाने के लिए तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी छोटे-मोटे उल्लंघन को अपराध नहीं माना जाएगा, जिससे न्यायालयों में मामलों का बोझ कम होगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से कारोबारी सुगमता में भारत की वरीयता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को विदेशी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

2. अमेरिका-चीन तनाव के बीच डब्ल्यूएचओ के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का सम्मेलन पहली बार ऑनलाइन माध्यम के जरिए होने जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का सम्मेलन अमूमन तीन सप्ताह का होता है लेकिन इस बार सिर्फ दो दिन सोमवार और मंगलवार (18 और 19 मई) को आयोजित किया जा रहा है।

  • ऐसी संभावना है कि इस बार सम्मेलन में मुद्दा सिर्फ कोविड-19 पर ही केंद्रित रहे। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से दुनिया भर में तीन लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और दुनिया भर में 47 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
  • इस सम्मेलन में दुनिया भर के सरकार के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधोनोम घेब्रेयसस ने बताया कि यह सम्मेलन डब्ल्यूएचओ की 1948 में हुई स्थापना के बाद से सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक है।

क्यों अहम है सम्मलेन?

  • हालांकि इस संकट से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर किसी भी सहमति तक पहुंचने की संभावना अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनावपूर्ण संबंधों की वजह से मुश्किल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह चीन के साथ संबंधों को खत्म करने की चेतावनी दी थी।
  • पिछले साल चीन से यह महामारी उभरी थी और इसके प्रसार को रोकने में चीन की भूमिका पर ट्रंप ने कई सवाल खड़े किए थे और बिना सत्यापित प्रमाण के यहां तक कह दिया था कि यह वायरस चीन की प्रयोगशाला से बाहर आया है।
  • हालांकि इस तनाव के बाद भी देशों को उम्मीद है कि वह इस पर सर्वसम्मति तक पहुंचेंगे। इस संबंध में यूरोपीय संघ ने एक प्रस्ताव पेश किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों की ‘निष्पक्ष, स्वतंत्र और वृहत मूल्यांकन’ की मांग की है।
  • कई देशों ने बेहद विवादास्पद सवालों को भी नहीं छोड़ा है और डब्ल्यूएचओ में भी सुधार की मांग की है क्योंकि देशों का मानना है कि ‘इतने बड़े स्तर वाले संकट को रोक पाने में इसके पास प्रयाप्त क्षमता नहीं है।’
  • वहीं ताइवान को कई वर्षों तक इस सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होने का निमंत्रण मिलता रहा लेकिन 2016 में इसे बंद कर दिया गया क्योंकि ताइवान के राष्ट्रपति तसाई इंग-वेन ने ताइवान को ‘एक चीन’ का हिस्सा मानने की अवधारणा को मान्यता देने से इनकार कर दिया था।
  • बेलीज, ग्वाटेमाला समेत 15 देशों ने डब्ल्यूएचओ प्रमुख को इस एजेंडे में ताइवान की भागीदारी के सवाल को शामिल करने के लिए पत्र लिखा है। हालांकि ऐसा करने वालों में अमेरिका शामिल नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी। डब्ल्यूएचओ की स्थापना के समय इसके संविधान पर विश्व के 61 देशों ने हस्ताक्षर किए थे और इसकी पहली बैठक 24 जुलाई 1948 को हुई थी।
  • इसका उद्देश्य संसार के लोगो के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है। डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है।
  • यह विश्व के देशों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानक विकसित करने की संस्था है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देश हैं। भारत भी विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक सदस्य देश है और इसका भारतीय मुख्यालय भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है।
  • इथियोपिया के डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वर्तमान महानिदेशक हैं।

3. एआरसीआई के वैज्ञानिकों ने स्वाभाविक तरीके से सड़नशील उन्नत धातु इम्प्लांट बनाया

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत स्वायत्त संस्थानों चूर्णिक धातु कर्म एवं नई सामग्री यानी पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मेटीरियल्स के लिए अंतरराष्ट्रीय उन्नत शोध केंद्र (International Advanced Research Centre for Powder Metallurgy and New Materials) और चित्रा तिरुनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस, तिरुअनंतपुरम के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से मानव शरीर में इस्तेमाल होने योग्य स्वाभाविक रूप से सड़नशील (Biodegradable)  धातु का इम्प्लांट बनाने के लिए लौह- मैंगनीज से युक्त उन्नत मिश्र धातु बनाया है।

  • यह नई लौह-मैंगनीज युक्त मिश्र धातु स्वाभाविक रूप से सड़नशील स्टेन्ट और ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है।

विकसित मिश्र धातु के मुख्य बिंदु

  • स्वाभाविक रूप से सड़नशील सामग्री (लौह, मैंगनीज जिंक और पॉलीमर) उपचारात्मक प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं और फिर मानव शरीर में कोई इम्प्लांट अवशेष छोड़े बिना शरीर की संरचना को बरकरार रखते हुए धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं।
  • ये सामग्री अभी इस्तेमाल हो रहे धातुओं के इम्प्लांट का बेहतर विकल्प हैं जो स्थायी रूप से मानव शरीर में पड़े रहते हैं और धीरे-धीरे विषाक्तता, स्थायी सूजन एवं फ्रोमबाउसिस जैसे साइड इफेक्ट्स का कारण बन जाते हैं।
  • एआरसीआई की टीम ने स्वाभाविक रूप से सड़नशील लौह मैंगनीज युक्त मिश्र धातु और स्टेन्ट बनाने में दोनों पारंपरिक मेल्टिंग और पाउडर मेटलर्जी तकनीक का इस्तेमाल किया है।
  • लौह और मैंगनीज युक्त मिश्र धातु लौह- मैंगनीज (भार के संदर्भ में मैंगनीज धातु 29 प्रतिशत से अधिक) एक भरोसेमंद स्वभाविक रूप से सड़नशील धातु का इम्प्लांट है जो एमआरआई के अनुकूल एकल ऑस्टेनाइटी फेस (लोहे का गैर चुंबकीय प्रारूप) दर्शाता है।
  • एआरसीआई में बनाए गए लौह- मैंगनीज मिश्र धातु ने प्रभावी यांत्रिकी गुणों के साथ 99 प्रतिशतघनत्व दर्शाया और 20 टेस्ला के चुंबकीय क्षेत्र में भी गैर चुंबकीय सामग्री की तरह व्यवहार किया। इसके ये गुण अभी इस्तेमाल हो रहे स्थाई टाइटेनियम (टीआई) और स्टेनलिस स्टील धातु के इम्प्लांट से तुलना करने योग्य हैं। इस मिश्र धातु ने कृत्रिम काया द्रव्य में सालाना 0.14 से लेकर 0.026 एमएम के दायरे में विघटन दर भी प्रदर्शित किया। इसका मतलब है कि लौह मैंगनीज मिश्र धातु 3 से 6 महीने के लिए यांत्रिकी समग्रता दिखाता है और 12 से 24 महीने में शरीर से पूरी तरह गायब हो जाता है।
  • विघटन प्रक्रिया के दौरान स्थानिक क्षारियन और कैल्शियम एवं फॉस्फेट की परिपूर्णता की वजह से इम्प्लांट पर कैल्शियम फॉस्फेट जम जाता है, इससे कोशिकाएं उत्तक बनाने के लिए सतह से चिपक जाती हैं।

4. छत्तीसगढ़ में धारा 144 अगले तीन महीने के लिए बढ़ाई गई

 

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीआरपीसी की धारा 144 की अवधि अगले तीन महीने तक के लिए बढ़ा दी है। कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्य के कई जिलों में धारा 144 लागू की गई थी।

  • राज्य के सभी जिला कलेक्टरों ने वर्तमान स्थिति में कोरोना वायरस फैलने की आशंका जताई है। इसी को ध्यान में रखकर जिलों में निषेधाज्ञा अवधि (धारा 144) को तीन महीने तक बढ़ाने का फैसला किया गया है।

धारा-144(CrPC)

  • सीआरपीसी की धारा 144, शांति कायम करने के लिए उस स्थिति में लगाई जाती है जब किसी तरह के सुरक्षा संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो। धारा-144 जहाँ लगती है, उस इलाके में पाँच या उससे ज्यादा आदमी एक साथ जमा नहीं हो सकते हैं। धारा लागू करने के लिए इलाके के जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है।
  • धारा 144 लागू होने के बाद इंटरनेट सेवाओं को भी आम पहुँच से ठप किया जा सकता है। यह धारा लागू होने के बाद उस इलाके में हथियारों को ले जाने पर भी पाबंदी होती है हालांकि अभी इसका मकसद यह नहीं है।
  • धारा-144 को 2 महीने से ज्यादा समय तक नहीं लगाया जा सकता है। अगर राज्य सरकार को लगता है कि इंसानी जीवन का खतरा टालने या फिर किसी दंगे को टालने के लिए इसकी जरूरत है तो इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है लेकिन इस स्थिति में भी धारा-144 लगने की शुरुआती तारीख से छह महीने से ज्यादा समय तक इसे नहीं लगाया जा सकता है।
  • गैर कानूनी तरीके से जमा होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम तीन साल कैद की सजा हो सकती है।
  • ध्यान रहे कि धारा 144 को कर्फ्यू के समान नहीं माना जा सकता। कर्फ्यू बहुत ही खराब हालत में लगाया जाता है। उस स्थिति में लोगों को एक खास समय या अवधि तक अपने घरों के अंदर रहने का निर्देश दिया जाता है। मार्केट, स्कूल, कॉलेज आदि को बंद करने का आदेश दिया जाता है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही चालू रखने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान ट्रैफिक पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहती है।

5. अम्फान चक्रवात के कारण ओडिशा में हाई अलर्ट जारी

  • चक्रवाती तूफान-अम्फान के और तेज होने के कारण ओडीशा के चार जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आठ अन्य जिलों में भी सतर्कता बढा दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व में और आस-पास के क्षेत्र में बने चक्रवाती तूफान अम्फान ने और तेज होकर भीषण रूप ले लिया है।
  • मौसम विभाग के अनुसार अम्फान  फिलहाल ओडिशा के पारादीप से 990 किलोमीटर दक्षिण, पश्चिम बंगाल के डीघा से एक हजार एक सौ 40 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम और बंगलादेश में खेपूपाड़ा से 1260 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित है।
  • इसके भीषण चक्रवाती तूफान में बदल जाने की संभावना है। 20 मई के मध्यहान में इस तूफान के प्रचंड़ रूप लेकर पश्चिम बंगाल के सागर द्वीव तथा बंग्लादेश के हथिया द्वीव के बीच से गुजरने की संभावना है।

चक्रवात

  • चक्रवात (साइक्लोन) घूमती हुई वायुराशि का नाम है। ये निम्नदाब के केंद्र होते हैं , जिनके चारों तरफ संकेंद्रीय , समदाब रेखाएं विस्तृत होती हैं। परिधि से केंद्र की तरफ जाने पर वायुदाब कम होता जाता है, परिणामस्वरूप परिधि से केंद्र की ओर तेज हवाएँ चलने लगती हैं।
  • कोरियालिस बल के प्रभाव से ये हवाएँ चक्राकार घूमने लगती हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में चक्रवात की दिशा घडी की सुइयों के विपरीत (Anticlockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में घडी की सुइयों के अनुरूप (Clockwise) होती है। उत्पत्ति के क्षेत्र के आधार पर चक्रवात के दो प्रकार हैं –

1)  उष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Tropical cyclone) –  ये वायुसंगठन या तूफान हैं, जो उष्ण कटिबंध में तीव्र और अन्य स्थानों पर साधारण होते हैं। इनसे प्रचुर वर्षा होती है। इनका व्यास 50 से लेकर 1000 मील तक का तथा अपेक्षाकृत निम्न वायुदाब वाला क्षेत्र होता है। ये 20 से लेकर 30 मील प्रति घंटा तक के वेग से चलते हैं। इनमें वायुघूर्णन 90 से लेकर 130 मील प्रति घंटे तक का होता है। ये वेस्ट इंडीज में  हरीकेन तथा चीनसागर एवं फिलिपिन में टाइफुन और अमेरिका में टोर्नेडो तथा ऑस्ट्रेलिया में विल्ली विलिज कहे जाते हैं।

2) शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात (Extratropical cyclone या Temperate cyclones) – यह मध्य एवं उच्च अक्षांशों का निम्न वायुदाब वाला तूफान है। इसका वेग 20 से लेकर 30 मील प्रति घंटे होता है तथा हवाये सर्पिल रूप से चलती है। प्राय: इससे हिमपात एवं वर्षा होती है। इनका विस्तार उष्ण कटिबंधीय चक्रवात से ज्यादा होता है भारत में शर्दियों में होने वाली वर्षा (मावठ) इन्ही चक्रवातों के कारण होती है।

6. बांग्लादेशी डॉक्टरों ने किया कोरोना वायरस का इलाज मिलने का दावा

 

  • बांग्लादेश के डॉक्टरों की एक टीम ने कोरोना वायरस का इलाज मिलने का दावा किया है। बांग्लादेश के डॉक्टर मोहम्मद तारिक आलम के नेतृत्व वाली इस टीम ने दो दवाओं के कॉम्बिनेशन को कोरोना वायरस के मरीजों पर आजमाया और इसके चौंकाने वाले नतीजे आए हैं।
  • उनकी टीम ने कोरोना वायरस के तीव्र लक्षण वाले 60 मरीजों को एंटी-प्रोटोजोअल दवा ‘आइवरमेक्टिन’ और एंटीबायोटिक ‘डॉक्सीसाइक्लिन’ दी और ये सभी ठीक हो गए हैं।
  • दवाएं इतनी असरदार हैं कि मरीज चार दिन के अंदर ठीक हो गए हैं। ट्रायल में इन दवाओं को जितने मरीजों पर आजमाया गया उनमें किसी भी तरह के साइड इफेक्ट भी नहीं देखे गए हैं।
  • डॉ आलम ने कहा कि उनकी टीम इन दवाओं पर एक पेपर तैयार कर रही है ताकि उसे एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक समीक्षा और स्वीकृति के लिए ऐसा किया जाना जरूरी होता है।

प्रष्ठभूमि

  • दुनियाभर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस का अब तक कोई भी इलाज नहीं मिला है। हालांकि अमेरिकी कंपनी ‘गिलियड’ की रेमडेसिवीर दवा के शुरूआती ट्रायल सकारात्मक साबित हुए हैं और इससे शुरूआती रास्ता खुलता हुआ नजर आ रहा है।

7. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने ली विधान परिषद सदस्य पद की शपथ

 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हो गए हैं। निर्विरोध चुने गए सभी उम्मीदवारों ने विधान परिषद सदस्यता की शपथ ले ली है शपथ ग्रहण में सबकी निगाहें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर ही टिकी थीं।

  • उद्धव ठाकरे 27 मई को बतौर मुख्यमंत्री अपना 6 महीने का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं लेकिन किसी भी सदन के सदस्य होने के कारण महाराष्ट्र में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था। कोरोना संक्रमण के कारण होने वाले चुनाव को पहले रद्द किया गया था. बाद में संवैधानिक संकट को देखते हुए विधान परिषद चुनाव कराने का फैसला किया गया था।
  • कुल 9 सीटों पर 9 लोग ही उम्मीदवार बचे थे, जिसके बाद निर्विरोध घोषित किया गया इन 9 सीटों में से 4 बीजेपी, 2 एनसीपी, 2 शिवसेना, 1 कांग्रेस के सदस्य निर्विरोध हुए हैं। इन सभी के सदस्यता की शपथ लेने के साथ ही महाराष्ट्र का संवैधानिक संकट टल गया है।

राज्य विधान परिषद के संवैधानिक प्रावधान

  • राज्य विधान परिषद भारत के सभी राज्यों में नहीं है यह भारत के कुछ गिने हुए राज्यों में है यथा यह कर्नाटक, महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश तथा बिहार में स्थित  है।
  • हालांकि विधानपरिषद के गठन/उन्मूलन का निर्णय राज्यों को स्वयं करना होता है इसके लिये अनुच्छेद 169 के अंतर्गत प्रावधान किया गया है।
  • अनुच्छेद 169 के अनुसार, किसी राज्य में विधानपरिषद का गठन/उन्मूलन किया जा सकता है, यदि राज्य की विधानसभा ने इस आशय का संकल्प विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों की संख्या के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित कर दिया है।
  • हालाँकि इस प्रकार के सशोधन से संविधान में परिवर्तन आता है किंतु इसे अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन नहीं माना जाता है।

8. 16 मई को माने गया अंतर्राष्ट्रीय शांति और एकजुटता दिवस

 

  • 16 मई को अंतर्राष्ट्रीय शांति और एकजुटता दिवस मानाया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2017 में वैश्विक स्तर पर शांति, सहिष्णुता, समावेश, समझ और एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए इस दिवस की घोषणा की थी।
  • करीब सौ से ज्यादा सदस्य देशों, विभिन्न क्षेत्रीय संगठनों, धार्मिक नेताओं और दो सौ से अधिक नागरिक समाज समूहों ने इस दिवस को मानाने का समर्थन किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मुहम्मद-बंदे ने एक संदेश में कहा कि इस समय द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दुनिया सबसे चुनौतीपूर्ण संकट से गुजर रही है। कोविड-19, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है जिससे सामाजिक अशांति और हिंसा में वृद्धि हो सकती है।

9. अंकिता और शरण को अर्जुन पुरस्कार के लिये नामांकित करेगा एआईटीए

  • अखिल भारतीय टेनिस महासंघ (एआईटीए) एशियाई खेलों के पदक विजेता अंकिता रैना और दिविज शरण को अर्जुन पुरस्कार के लिये नामांकित करेगा जबकि पूर्व डेविस कप कोच नंदन बाल के नाम की सिफारिश ध्यानचंद पुरस्कार के लिये करेगा।
  • बोपन्ना अंतिम टेनिस खिलाड़ी थे जिन्होंने 2018 में अर्जुन पुरस्कार जीता था।
  • अभी तक केवल तीन टेनिस खिलाड़ियों को ध्यानचंद पुरस्कार से नवाजा गया है जिसमें जीशान अली (2014), एस पी मिश्रा (2015) और नितिन कीर्तने (2019) शामिल हैं। किसी भी टेनिस कोच को द्रोणाचार्य पुरस्कार नहीं मिला है।

अंकिता रैना

  • अंकिता (27 वर्ष) ने 2018 एशियाई खेलों में महिला वर्ग का कांस्य पदक जीता था, उन्होंने फेड कप में भी शानदार प्रदर्शन दिखाया और भारत के पहली बार विश्व ग्रुप प्ले आफ के लिये क्वालीफाई करने में अहम भूमिका अदा की थी।
  • अंकिता 2018 फेड कप के दौरान एकल में एक भी मैच नहीं हारी थीं। इसके बाद से वह डब्ल्यूटीए और आईटीएफ सर्किट में भारत की सर्वश्रेष्ठ एकल खिलाड़ी बन गयीं थीं और इस साल मार्च में उन्होंने करियर की सर्वश्रेष्ठ एकल रैंकिंग 160 हासिल की थी।
  • इस साल के फेड कप में अंकिता ने पांच दिन के अंदर आठ मैच खेले थे जिसमें से दो एकल और अनुभवी स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा के साथ मिलकर तीन अहम युगल मुकाबले जीते थे जिससे भारत पहली बार प्ले आफ के लिये क्वालीफाई करने में सफल रहा था।

दिविज शरण

  • दिल्ली के खिलाड़ी शरण ने जकार्ता में हमवतन जोड़ीदार रोहन बोपन्ना के साथ पुरूष युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया था। वह अक्टूबर 2019 में भारत के शीर्ष युगल खिलाड़ी बन गये थे लेकिन बाद में बोपन्ना ने फिर यह स्थान हासिल कर लिया।
  • चौंतीस साल के इस खिलाड़ी ने 2019 सत्र में दो एटीपी खिताब भी जीते थे जिसमें बोपन्ना के साथ पुणे में टाटा ओपन महाराष्ट्र और इगोर जेलेने के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में ट्राफी शामिल थी।

नंदन बाल

  • नंदन बाल (60 वर्ष) 1980 से 1983 तक डेविस कप में खेले थे और वह कई वर्षों तक भारत के डेविस कप कोच रहे हैं।

10. श्रीलंका ने देश का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाने का किया ऐलान

 

  • श्रीलंका सरकार ने होमागामा में देश का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाने का फैसला किया है।
  • सरकार ने श्रीलंका क्रिकेट के साथ मिलकर यह घोषणा की है कि वह होमागामा में देश का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाएगी, जो 26 एकड़ में फैला होगा और जिसकी दर्शक क्षमता 60,000 होगी। इसकी लागत तीन से चार करोड़ डॉलर आएगी।
  • विदित है कि श्रीलंका के आठ क्रिकेट स्टेडियमों में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था कुछ इस तरह हैं- कैंडी में  10,000, कोलंबो में 6,000, गाले में 35,000, दाम्बुला में 16,800, हंबनटोटा में 34,300, कोलंबो (पी सारा ओवल) में 15,000, पल्लेकेले में 35,000 और आर प्रेमदासा कोलंबो स्टेडियम में 35,000 दर्शक।
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