आज के टॉप करेंट अफेयर्स

सामयिकी: 10 अप्रैल 2020

Current Affairs: 10 April 2020 हम यहां आपके लिए महत्वपूर्ण हालिया और नवीनतम करेंट अफेयर्स प्रदान करने के लिए हैं 10 अप्रैल 2020, हिंदू, इकनॉमिक टाइम्स, पीआईबी, टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, बिजनेस जैसे सभी अखबारों से नवीनतम करेंट अफेयर्स 2020 घटनाओं को यहा प्रदान कर रहे है। यहा सभी डाटा समाचार पत्रों से लिया गया हे।

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Current Affairs: 10 April 2020

1. ट्राइफेड यूनिसेफ के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों के लिए एक डिजिटल अभियान की करेगा शुरुआत

ट्राइफेड यूनिसेफ के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूहों के लिए एक डिजिटल अभियान की शुरुआत करेगा। इसके लिए डिजिटल संचार रणनीति विकसित की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनजातीय-संग्राहक सुरक्षित रूप से अपना कार्य कर सकें।

  • इस अभियान में एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखने के संदेश को प्राथमिकता दी जाएगी। यूनिसेफ डिजिटल मीडिया सामग्री प्रदान करेगा जिसे सभी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) केन्द्रों पर वितरित किया जाएगा। यूनिसेफ के सहयोग से वर्चुअल प्रशिक्षण (कोविड के संबंध में मूल जानकारी, प्रमुख रोकथाम व्यवहार) के लिए वेबिनार आयोजित किए जाएंगे; सोशल मीडिया अभियान (एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखना घर में क्वारंटाइन होना) चलाए जाएंगे तथा वन्य रेडियो का संचालन किया जाएगा।
  • इसके अलावा ट्राइफेड ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के #स्टैंड विथ ह्यूमिनिटी कार्यक्रम से संपर्क किया है। इसमें स्टैंड विथ ट्राइवल फैमिलीज (जनजातीय परिवारों के साथ खड़े हों) घटक जोड़ने से जनजातीय समूहों को अस्तित्व के लिए आवश्यक भोजन और राशन प्राप्त होगा।
  • अभियान को बढ़ावा देने के लिए कल 9 अप्रैल, 2020 को वेबिनार आयोजित किया गया। इसका लक्ष्य 18,000 से अधिक प्रतिभागियों तक पहुंच बनाना है। यह सभी 27 राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों को कवर करेगा।
  • 27 राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश में कुल 1205 वन धन विकास केन्द्रों (वीडीवीके) को मंजूरी मिली है। उनसे 18,075 वन धन स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं। इस योजना से लगभग 3.6 लाख जनजातीय संग्राहक जुड़े हुए हैं। प्रारंभ में, एक डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 15,000 स्वयं सहायता समूहों को वन धन सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) अभियान सह आजीविका केन्द्रों के रूप में प्रोन्नति दी जाएगी। स्वयं सहायता समूह समुदाय में एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखने के बारे में जागरूकता फैलाएंगे और इसके पालन के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी देंगे।

ट्राइफेड (TRIFED)

  • भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (TRIFED – द ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) को भारत सरकार द्वारा 1987 में स्थापित किया गया था ट्राइफेड का मूल उद्देश्य आदिवासी लोगों द्वारा जंगल से एकत्र किये गए या इनके द्वारा बनाये गए उत्पादों को बाजार में सही दामों पर बिकवाने की व्यवस्था करना है।
  • भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (ट्राइफेड) जनजातीय मंत्रालय के अंतर्गत बहु-राज्य सहकारी सोसायटी है। ट्राइफेड राष्ट्रीय जनजातीय क्रॉफ्ट एक्सपो “आदि महोत्सव” जैसे प्रदर्शनियां भी आयोजित करता है और जनजातीय उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहित करता है। यह जनजातीय दस्तकारों को सुविधा उपलब्ध कराता है, ताकि वे बाजार आवश्यकताओं का जायजा लेने के लिए कला प्रेमियों के साथ सीधी बातचीत कर सकें। पिछले चार वर्षों में उत्पादों की बिक्री के लिए यह जनजातीय दस्तकारों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है।
  • ट्राइफेड का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है इसके प्रधान कार्यालय के अलावा देश के विभिन्न स्थानों पर इसके 13 क्षेत्रीय कार्यालयों का नेटवर्क है। ट्राइफेड, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च संस्था है।

 

2. सीआरपीएफ ने मनाया शौर्य दिवस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल (सीआरपीएफ) के शौर्य दिवस (9 अप्रैल) पर संगठन के साहस की सराहना की और कहा कि वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘सीआरपीएफ इंडिया के साहस को व्यापक रूप से जाना जाता है। सीआरपीएफ के शौर्य दिवस पर मैं इस बहादुर बल को सलाम करता हूं और 1965 में गुजरात के सरदार पटेल पोस्ट में तैनात हमारे सीआरपीएफ कर्मियों की बहादुरी को याद करता हूं। वीर शहीदों की कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

9 अप्रैल को को ही क्यों मनाया सीआरपीएफ शौर्य दिवस?

  • 9 अप्रैल 1965 को सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन के एक छोटे दल ने गुजरात में कच्छ के रण के पास सरदार चौकी पर पाकिस्तान की एक ब्रिगेड (3000 जवान से अधिक) के हमले को नाकाम कर दिया था इसमें सीआरपीएफ बलों द्वारा 34 पाकिस्तानी सैनिक मारे गिराए गए थे और 4 सैनिकों को पकड़ लिया गया था।

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)

  • आंतरिक सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलि बल (सीआरपीएफ) भारत संघ का प्रमुख केंद्रीय पुलिस बल है। यह सबसे पुराना केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल (अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रूप में जानते हैं) में से एक है जिसे 1939 में क्राउन रिप्रजेंटेटिव पुलिस के रूप में गठित किया गया था।
  • क्राउन रिप्रजेंटेटिव पुलिस द्वारा भारत की तत्कालीन रियासतों में आंदोलनों एवं राजनीतिक अशांति तथा साम्राज्यिक नीति के रूप में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में लगातार सहायता करने की इच्छा के मद्देनजर, 1936 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मद्रास संकल्प के मद्देनजर केंद्रीय रिजर्व पुलि बल की स्थापना की गई।
  • आजादी के बाद 28 दिसम्बर, 1949 को संसद के एक अधिनियम द्वारा इस बल का नाम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दिया गया था। तत्कालीन गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने नव स्वतंत्र राष्ट्र की बदलती जरूरतों के अनुसार इस बल के लिए एक बहु आयामी भूमिका की कल्पना की थी।
  • समस्त भारत में के. रि. पु. बल की तैनाती होती है, साथ ही साथ हर जगह इसके केन्द्र होते हैं। इसकी अद्भुत क्षमता के कारण, किसी भी शीघ्र आवश्यकता पड़ने वाली स्थितियों में सीआरपीएफ को बुलाया जाता है, चूंकि यह राज्य पुलिस के साथ सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करती है, इसलिए यह अनुकूल होती है; पिछले कई सालों से के. रि.पु. बल ने लोगों और राज्य प्रशासन के द्वारा सबसे अधिक स्वीकार्य बल का दर्जा हासिल कर लिया है।
  • उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद प्रकाश माहेश्वरी ने 15 जनवरी से दुनिया के सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल सीआरपीएफ के नए महानिदेशक का पदभार संभाला है।
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3. आईटी पेशेवरों के लिए बेंगलुरू है सर्वश्रेष्ठ शहर: सर्वेक्षण

टेकगिग के सर्वेक्षण के अनुसार ज्यादातर आईटी पेशेवरों का मानना है कि ट्रैफिक जाम के बावजूद काम करने के लिहाज से बेंगलुरू सबसे अच्छा शहर है, जहां जीवन स्तर काफी बेहतर है और वेतन में वृद्धि और आगे बढ़ने की संभावनाएं सबसे अधिक हैं।

  • टेकगिग के इस सर्वेक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के 40 प्रतिशत से अधिक पेशेवरों ने काम करने के लिए सर्वश्रेष्ठ शहर के रूप में बेंगलुरू को वोट दिया है। इसके बाद हैदराबाद दूसरे और पुणे तीसरे स्थान पर रहा। इस सर्वेक्षण में शामिल शहरों में दिल्ली-एनसीआर को सबसे कम वोट मिले हैं।
  • यह सर्वेक्षण अप्रैल में 1,830 आईटी पेशेवरों के बीच किया गया है, आईटी पेशेवरों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच थी और जिन्हें कम से कम दो साल का अनुभव था।
  • आईटी पेशेवरों ने उच्च जीवन स्तर प्रदान करने, वेतन वृद्धि की अच्छी संभावनाएं और करियर विकास तथा नौकरी के अवसरों के लिए बेंगलुरू को पंसद किया है। सर्वेक्षण से यह भी पता चला है कि 57 प्रतिशत आईटी पेशवर अपने पसंद के शहर में काम कर रहे हैं।

 

4. किसान वैज्ञानिक द्वारा विकसित की गई गाजर की बायो-फोर्टिफाइड किस्म

गुजरात के जूनागढ़ जिले के एक किसान-वैज्ञानिक वल्लभभाई वसरमभाई मरवानिया ने गाजर की एक जैव-सशक्त (बायो-फोर्टिफाइड) किस्म मधुवन गाजर को विकसित किया है, जिसमें-बीटा कैरोटीन और लौह तत्व की उच्च मात्रा मौजूद है।

  • इसकी औसत पैदावार 40-50 टन प्रति हेक्टेयर है। स्थानीय किसानों के लिए यह आमदनी का प्रमुख स्रोत बन गया है। पिछले 3 वर्षों के दौरान गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर प्रदेश के लगभग 1000 हेक्टेयर में मधुवन गाजर की खेती की जा रही है।
  • मधुवन गाजर उच्च पौष्टिकता वाली गाजर की एक किस्म है, जिसमें बीटा-कैरोटीन (277.75 मिलिग्राम प्रतिकिलो) तथा लौह तत्व (276.7 मिलीग्राम प्रति किलो) मौजूद है। इसे चयन प्रक्रिया द्वारा विकसित किया गया है। इसका उपयोग अन्य मूल्य वर्धित उत्पादों के लिए भी किया जाता है जैसे गाजर चिप्स, गाजर का रस और अचार। जांच की गई सभी किस्मों में बीटा कैरोटीन और लौह तत्व की उच्च मात्रा पाई गई है।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान- नेशनलइनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) ने 2016 से 2017 के दौरान जयपुर स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्था (आरएआरआई) में मधुवन गाजर का सत्यापन परीक्षण किया गया था। परीक्षण में पाया गया कि मधुवन गाजर की उपज 74.2 टन प्रति हेक्टेयर है और पौधे का बायोमास 275 ग्राम प्रति पौधा है।
  • नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) ने मधुवन गाजर किस्म का कृषि परीक्षण गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, असम, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम बंगाल राज्यों के 25 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में किया, जिसमें 100 किसानों ने हिस्सा लिया था। यह पाया गया कि उपज और अन्य गुणों के मामले में गाजर की यह किस्म बेहतर है।
  • इस हेतु भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन (एफओआईएन)-2017 कार्यक्रम में वल्लभभाई वसरमभाई मरवानिया को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्हें असाधारण कार्य के लिए 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

 

5. गृह मंत्रालय ने राज्यों से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा

 

देश में आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति को बनाए रखने के क्रम में, केंद्रीय गृह सचिव, अजय कुमार भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जरूरी कदम उठाते हुए आवश्यक वस्तु (ईसी) अधिनियम 1955 के प्रावधानों को लागू करने को कहा है। इन उपायों में स्टॉक सीमा का निर्धारण, मूल्यों की अधिकतम सीमा, उत्पादन में वृद्धि, विक्रेताओं के खातों का निरीक्षण और इसी प्रकार की अन्य गतिविधियां शामिल हैं।

  • विशेष रूप से श्रम आपूर्ति में कमी जैसे कई कारकों के कारण उत्पादन में हानि की खबर है। इस स्थिति में, स्टॉक संचयन/ जमाखोरी और कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और सट्टा व्यवसाय जैसी संभावनाओं के परिणामस्वरूप आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती है। राज्यों को बड़े पैमाने पर जनता के लिए उचित मूल्य पर इन वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए कहा गया है।
  • इससे पूर्व, गृह मंत्रालय (एमएचए) आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपने आदेशों में खाद्य पदार्थों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों जैसे आवश्यक सामानों के संबंध में निर्माण/ उत्पादन, परिवहन और अन्य संबंधित आपूर्ति-श्रृंखला गतिविधियों की अनुमति दे चुका है।
  • इसके अतिरिक्त, भारत सरकार का उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय 30 जून, 2020 तक केंद्र सरकार की पूर्व सहमति जैसी आवश्यकता में भी छूट देते हुए आवश्यक वस्तु (ईसी)  अधिनियम, 1955 के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश देने के लिए अधिकृत कर रहा है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 को उपभोक्ताओं को अनिवार्य वस्तुओं की सहजता से उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा कपटी व्यापारियों के शोषण से उनकी रक्षा के लिए बनाया गया है।
  • अधिनियम में उन वस्तुओं के उत्पादन वितरण और मूल्य निर्धारण को विनियमित एवं नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है, जिनकी आपूर्ति बनाए रखने या बढ़ाने तथा उनका समान वितरण प्राप्त करने और उचित मूल्य पर उनकी उपलब्धता के लिए अनिवार्य घोषित किया गया है। अधिनियम के तहत अधिकांश शक्तियां राज्य सरकारों को दी गई हैं।
  • अनिवार्य घोषित की गई वस्तुओं की सूची की आर्थिक परिस्थितियों में, परिवर्तनों विशेषतया उनके उत्पादन मांग और आपूर्ति के संबंध में, के आलोक में समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
  • आवश्यक वस्तु (ईसी) अधिनियम के तहत अपराध, एक आपराधिक जुर्म हैं और इसके परिणामस्वरूप 7 वर्ष की सज़ा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, कालाबाजारी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के रखरखाव निवारण अधिनियम, 1980 के तहत अपराधियों को हिरासत में लेने पर भी विचार कर सकते हैं।

 

6. दीक्षा प्लेटफॉर्म पर समेकित सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल आईजीओटी शुरू

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के लिये मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दीक्षा प्लेटफॉर्म पर समेकित सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल आईजीओटी शुरू किया है। इस पोर्टल पर स्वास्थ्य कर्मियों और कार्यकर्ताओं को कोविड-19 से निपटने का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

  • स्वास्थ्य कर्मियों और कार्यकर्ताओं में चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिक्स,हाईजीन कार्यकर्ता,टेक्निशियन,आक्जीलरी नर्सिंग मिडवाइव्स (एएनएम),केंद्रीय एवं राज्य सरकार के अधिकारी,सिविल डिफेंस अधिकारी,विभिन्न पुलिस संगठन, नेशनल कैडेट काप्र्स (एनसीसी),नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस),नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस),इंडियन रेड क्रास सोसाइटी (आईआरसीएस),भारत स्काउंट्स एंड गाइड्स (बीसीजी) और अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं।
  • इससे कोविड-19 महामारी से निपटने के कार्य में सीधे तौर से जुड़े कर्मियों को मौजूदा संकट से निपटने के लिये जानकारी और कौशल प्राप्त होंगे तथा इस महामारी से निपटने के लिये उनकी क्षमता भी बढ़ेगी।
  • आईजीओटी प्लेटफार्म की डिजाइन जनसंख्या के परिमाण के अनुरूप बनाई गई है और यह आने वाले सप्ताहों में लगभग 1.50 करोड़ श्रमिकों एवं स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कोविड के बेसिक्स, आईसीयू केयर एवं वेंटिलेशन प्रबंधन, क्लिनिकल प्रबंधन, पीपीई के जरिये संक्रमण रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण एवं बचाव, क्वारांटाइन एवं आइसोलेशन, प्रयोगशाला नमूना संग्रहण एवं परीक्षण, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन, कोविड-19 प्रशिक्षण जैसे विषयों पर नौ (9)पाठ्यक्रमों के साथ आईजीओटी पर इसे आरंभ किया गया है।
  • अपने विशिष्ट रूप से निर्मित दृष्टिकोण के साथ, कोविड के योद्धा वास्तविक समय में अपडेट रहने के द्वारा इस वन-स्टेप सोर्स से गहन क्षेत्रों के बारे में सीख सकते हैं और विद्यमान तथा उभरती स्थितियों को रिस्पांड कर सकते हैं। यह प्लेटफार्म किसी भी जगह, किसी भी समय लर्निंग के असीमित आग्रहों की मांग को पूरा करने में सुसज्जित है। इस प्लेटफार्म को डेस्कटाप एवं मोआइल वर्जनों के लिए एक आसान यूज मैनुअल का अनुसरण करने के द्वारा एक्सेस किया जा सकता है जिससे कि यह सभी के लिए सुविधाजनक बन जाता है।
  • इन सभी आवश्यकताओं के अनुकूल आईजीओटी का एक वर्जन निम्नलिखित यूआरएल लिंक (https://igot.gov.in) के साथ लांच किया गया है। प्लेटफार्म का पहला वर्जन उपयोग के लिए गूगल क्रोम एवं मोजिला फायरफाक्स के साथ उपलब्ध है और बाद के वर्जन अन्य ब्राउजर्स को सपोर्ट करेंगे।
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क्या है दीक्षा पहल/प्लेटफॉर्म?

  • दिक्षा कार्यक्रम के तहत विभिन्न भाषाओं में 12वीं कक्षा के लिए सीबीएसई, एनसीआरटी और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा तैयार किए किए 80000 ई-बुक्स उपलब्ध हैं। पाठ्यपुस्तकों की सामग्री को क्यूआर कोड के माध्यम से भी देखा जा सकता है। इस ऐप को iOS और गूगल प्ले स्टोर के जरिये डाउनलोड किया जा सकता है।

 

7. ओडिशा सरकार ने 30 अप्रैल तक बढ़ाया लॉकडाउन

 

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए देश में लगे 21 दिनों के लॉकडाउन के खत्म होने से पहले ही ओडिशा सरकार ने इस लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने का फैसला किया है। ऐसा करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य बन गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसकी घोषणा की है।

  • राज्य में सभी शैक्षणिक संस्थान 17 जून तक बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से 30 अप्रैल तक ट्रेन और हवाई सेवा शुरू नहीं करने का अनुरोध किया है। विदित है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का ऐलान किया है।
  • ओडिशा सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब केंद्र सरकार भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। कहा जा रहा है कि 11 अप्रैल को सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन को लेकर अंतिम फैसला ले सकते हैं।

ओडिशा में कोरोना के मामले

  • ओडिशा में अब तक कोरोना वायरस के 45 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 45 है। इनमें से दो लोगों का उपचार कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, वहीं एक की मौत हो चुकी है।

देश में कोरोना की स्थिति

  • भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 5,734 हो गई है, जबकि देश में महामारी के चलते कुल 166 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण से कुल 5095 लोग संक्रमित है, जबकि उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए 472 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
  • वर्तमान में कुल 1,135 सक्रिय मामलों के साथ महाराष्ट्र की स्थिति सबसे अधिक खराब है। यहां 117 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि महामारी से अब तक के सबसे अधिक प्रभावित राज्य में 72 लोगों की मौत हो गई है।

 

8. एचडीएफसी बैंक ने शुरू की मोबाइल एटीएम सेवा

 

कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लागू लॉकडाउन के चलते लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैसा निकालने के लिए एटीएम तक जाना भी इस दौरान काफी मुश्किल हो गया है। एचडीएफसी बैंक ने इस समस्या को हल करने के लिए एक पहल की है।

  • एचडीएफसी बैंक ने मोबाइल एटीएम मशीनें सड़क पर उतारी हैं ये एटीएम मशीनें एक दिन में  3-5 जगहों पर रुकेगी। इनकी मदद से लोगों को एटीएम तक जाने के लिए बाहर नहीं निकलना पड़ेगा बल्कि एटीएम खुद चलकर उनके पास आएगा। मोबाइल एटीएम की सुविधा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच मिलेगी।
  • एचडीएफसी बैंक के मोबाइल एटीएम वैन का मुंबई तथा नोएडा में बुधवार को ट्रायल सफलतापूर्वक कर लिया गया है और इस सेवा का विस्तार जल्द ही पूरे देश में करने की योजना है। इन एटीएम को कहां रखा जाएगा, इसके बारे में फैसला संबंधित शहरों के स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों के परामर्श से किया जा रहा है। इस दौरान सामाजिक दूरी रखने और स्टाफ व ग्राहकों के सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

एचडीएफसी बैंक

  • एचडीएफसी बैंक भारत का एक प्रमुख निजी क्षेत्र का बैंक है।  इसकी स्थापना अगस्त 1994 में मुंबई में की गयी थी। एचडीएफसी बैंक ने जनवरी 1995 में एक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक के रूप में कार्य शुरू किया था। इसकी शाखाओं की अधिकतम संख्या मुंबई और नई दिल्ली में है।

 

9. संक्रमित श्वसन स्त्रावों के सुरक्षित प्रबंधन के लिए सुपर एब्सौरबेंट

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत एक स्वायत्तशासी संस्थान श्री चित्र तिरुनल इंस्टीच्यूट फार मेडिकल साईंसेज एंड टेक्नोलाजी (एससीटीआईएमएसटी) के वैज्ञानिकों ने संक्रमित श्वसन स्त्रावों के सुरक्षित प्रबंधन के लिए तरल श्वसन तथा अन्य शरीर फ्लुड सालिडिफिकेशन एवं डिइंफेक्शन के लिए एक बेहद प्रभावी सुपर एब्सौरबेंट सामग्री की डिजाइन बनाई है तथा इसका विकास किया है।

  • सामग्री का शीर्षक है ‘चित्र एक्रीलोसौर्ब सेक्रेशन सालिडिफिकेशन स्स्टिम‘ और इसे श्री चित्र तिरुनल इंस्टीच्यूट फार मेडिकल साईंसेज एंड टेक्नोलाजी (एससीटीआईएमएसटी) के बायोमेडिकल टेक्नोलाजी विंग के बायोमैटेरियल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. मंजू एस और डॉ. मनोज कामथ ने विकसित किया है और यह संक्रमित श्वसन स्त्रावों के सुरक्षित प्रबंधन के लिए तरल श्वसन तथा अन्य शरीर फ्लुड सालिडिफिकेशन एवं डिइंफेक्शन के लिए एक बहुत प्रभावी सुपर एब्सौरबेंट सामग्री है।
  • कई प्रकार की संक्रामक स्थितियों में रोगियों से संक्रमित स्त्रावों का सुरक्षित निपटान बेहद महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, सन्निहित डिइंफेक्टिंग सामग्री के साथ एक सुपर एब्सौरबेंट जैल उनके भस्मीकरण से पहले स्त्रावों के सुरक्षित संग्रहण, समेकन एवं क्वारांटाइन के लिए एक आकर्षक सुझाव है।
  • क्योंकि रोगियों से संक्रमित स्त्रावों का निपटान प्रत्येक अस्पताल के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है। विशेष रूप से यह कोविड-19 जैसे उच्च संक्रामक रोगों वाले रोगियों के स्त्रावों के मामले में होता है। ऐसे अपशिष्टों का संग्रहण एवं निपटान नर्सिंग एवं सफाई कर्मचारियों को बहुत अधिक जोखिम में डाल देता है।
  • सामान्य रूप से, आईसीयू में स्त्रावों को एक चूषक मशीन द्वारा सूच कर बोतलों या कनस्तरों में रखा जाता है जिन्हें भर जाने के बाद खाली कर दिया जाता है और वे एक स्लूइस रूम में विसंदूषण प्रक्रिया के अध्यधीन होते हैं और उन्हें तरल निपटान प्रणाली के जरिये हटा दिया जाता है। इन प्रक्रियाओं में शामिल हैंडलिंग के दौरान पुनःसंदूषण जोखिम के अतिरिक्त, विसंक्रमण सुविधाओं के साथ सुसज्जित स्लूइस कमरों की आवश्यकता होती है, जोकि महामारियों के दौरान कम सुविधापूर्ण अस्पतालों या मेकशिफ्ट आइसोलेशन वार्डों के लिए एक समस्या हो सकती है। सुपरएब्सौरबेंट सामग्री संक्रमित श्वसन स्त्रावों के सुरक्षित प्रबंधन में प्रभावी हो सकती है।
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क्या है एक्रीलोसौर्ब सेक्रेशन सालिडिफिकेशन स्स्टिम?

  • एक्रीलोसौर्ब अपने शुष्क वजन की तुलना में कम से कम 20 गुना अधिक तरलों को अवशोषित कर सकता है और इसमें स्व स्थाने डिस्इंफेक्शन के लिए एक डिस्कौंटेनमेंट भी निहित है। इस सामग्री से भरे हुए कंटेनर इस प्रकार छलकाव से बचते हुए इसे सालिडीफाई (जैल प्रकार से) करने के द्वारा दूषित तरल को इम्मोबिलाइज कर देंगे और साथ ही इसे डिस्इंफेक्ट भी करेंगे।
  • इसके बाद ठोस अपशिष्ट कनस्तर युक्त कनस्तर को भस्मीकरण द्वारा अन्य सभी बायोमेडिकल अपशिष्ट की तरह विघटित किया जा सकता है। यह प्रौद्योगिकी अस्पताल के कर्मचारियों के लिए जोखिम को कम करता है, जोकि कार्मिकों के लिए बोतलों एवं कनस्तरों की सफाई और उनके पुर्नउपयोग तथा विसंक्रमण के लिए आवश्यक है तथा निपटान को सुरक्षित एवं सरल बनाता है।
  • विकसित प्रणाली में, सक्शन कनस्तर, डिस्पोजेबल स्पिट बैग्स की डिजाइन ‘एक्रीलोसौर्ब‘ प्रौद्योगिकी के साथ की गई है। उन्हें एक्रीलोसौर्ब सामग्री के साथ भीतर लाइन किया गया है। एक्रीलोसौर्ब सक्शन कनस्तर आईसीयू रोगियों या वार्डों में उपचारित प्रचुर तरल श्वसन स्त्राव वालों से संग्रह करेगा। यह कंटेनर स्पिल-प्रूफ होगा और इसे बायोमेडिकल अपशिष्टों के लिए सामान्य भस्मीकरण प्रणाली के जरिये निपटान के लिए सुरक्षित तथा अनुकूल बनाते हुए उपयोग के बाद सील किया जा सकता है।
  • सीलयोग्य एवं निपटान योग्य एक्रीलोसौर्ब स्पिट बैग्स श्वसन संक्रमणों वाले सफाई संबंधी रोगियों के थूक तथा लार को ठोसकृत करने के लिए उपलब्ध कराये जाते हैं जिन्हें बाद में भस्मीकृत किया जा सकता है।

 

10. बेन स्टोक्स बने विजडन के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर

इंग्लैंड के आलराउंडर बेन स्टोक्स ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के पिछले तीन साल से चले आ रहे दबदबे को खत्म करके वर्ष 2019 के लिये विजडन का विश्व का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर (विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड) का सम्मान हासिल किया है।

  • विजडन क्रिकेटर्स अलमानैक ने 2020 के अपने संस्करण में 2019 के प्रदर्शन के लिये स्टोक्स को यह सम्मान दिया जो इससे पहले तीन वर्षों तक लगातार कोहली को मिल रहा था। भारत के स्टार बल्लेबाज को 2016, 2017 और 2018 में लगातार तीन बार विजडन ने साल का अपना अग्रणी क्रिकेटर चुना था जो कि एक रिकार्ड है।
  • स्टोक्स ने पहली बार यह सम्मान हासिल किया है। यह पुरस्कार 2003 से शुरू किया गया था जिसके बाद स्टोक्स इसे हासिल करने वाले इंग्लैंड के केवल दूसरे क्रिकेटर हैं। उनसे पहले एंड्रयू फ्लिंटाफ को 2005 में यह सम्मान मिला था।
  • विजडन ने इसके अलावा आस्ट्रेलियाई आलराउंडर एलिस पेरी को विश्व की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना है। पेरी उन पांच खिलाड़ियों में भी शामिल हैं जिन्हें विजडन का वर्ष का क्रिकेटर चुना गया है। वह इस सूची में शामिल तीन आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों में से एक है।
  • पेरी को इससे पहले 2016 में भी विजडन ने सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना था। वह विजडन की पांच क्रिकेटरों में जगह बनाने वाली सातवीं महिला क्रिकेटर हैं। यही नहीं वह पहली विदेशी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस सूची में जगह बनायी है।
  • आस्ट्रेलियाई पुरुष टीम के तेज गेंदबाज पैट कमिन्स और बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन तथा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और दक्षिण अफ्रीका के सिमोन हार्मर को इस सूची में जगह मिली है। इस बार हालांकि विजडन की सम्मान सूची में कोई भी भारतीय पुरुष या महिला खिलाड़ी जगह नहीं बना पाया।
  • वेस्टइंडीज के आंद्रे रसेल को टी20 का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना गया है।

बेन स्टोक्स

  • बेन स्टोक्स इंग्लैंड के एक आल राउंडर हैं जिसने पिछले साल इंग्लैंड को पहला विश्व कप दिलाने में अहम भूमिका निभायी थी और इसके अलावा उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ हैंडिग्ले एशेज टेस्ट में बेहतरीन पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलायी थी।
  • विजडन अलमानैक ने अपने मुखपृष्ठ पर उस चित्र को लिया है जिसमें पिछले साल फाइनल में जोस बटलर न्यूजीलैंड के मार्टिन गुप्टिल को रन आउट कर रहे हैं। यह निर्णायक क्षण था जिससे इंग्लैंड का पहली बार वनडे क्रिकेट में विश्व चैंपियन बनने का सपना पूरा हुआ था।
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