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सामयिकी: 08 मई 2020

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Current Affairs: 08 May 2020

1. राष्ट्रपति ने दीं बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं

  • राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा है:- “बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर, मैं अपने सभी साथी, नागरिकों और पूरी दुनिया में भगवान बुद्ध के अनुयायियों को शुभकामनाएं देता हूं।
  • भगवान बुद्ध का संदेश हमें प्रेम, सत्य, करुणा और अहिंसा के साथ मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है। उनका जीवन और आदर्श समानता, सद्भाव और न्याय जैसे शाश्वत मूल्यों में हमारे विश्वास को सुदृढ़ करता है।

बुद्ध पूर्णिमा

  • बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म तथा सनातन संस्कृति में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है। यह बैसाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था।

गौतम बुद्ध

  • इनका जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनकी माँ का नाम महामाया था जो कोलीय वंश से थीं, जिनका इनके जन्म के सात दिन बाद निधन हुआ, उनका पालन महारानी की छोटी सगी बहन महाप्रजापती गौतमी ने किया था।
  • सिद्धार्थ विवाहोपरांत एक मात्र प्रथम नवजात शिशु राहुल और धर्मपत्नी यशोधरा को त्यागकर संसार को जरा, मरण, दुखों से मुक्ति दिलाने के मार्ग एवं सत्य दिव्य ज्ञान की खोज में रात्रि में राजपाठ का मोह त्यागकर वन की ओर चले गए। वर्षों की कठोर साधना के पश्चात बोध गया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे सिद्धार्थ से भगवान गौतम बुद्ध बन गए।
  • बुद्ध के प्रथम गुरु आलार कलाम थे,जिनसे उन्होंने संन्यास काल में शिक्षा प्राप्त की थी।
  • बैसाख माह की पूर्णिमा के दिन ही 483 ई. पू. में 80 वर्ष की आयु में, कुशीनगर में उन्होने निर्वाण प्राप्त किया था। वर्तमान समय में कुशीनगर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद का एक कस्बा है। कुशीनगर का इतिहास में कुशनारा नाम से उल्लेख मिलता है।

2. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इथियोपिया गणराज्य के प्रधानमंत्री के बीच टेलीफोन पर बातचीत

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इथियोपिया के संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के प्रधानमंत्री माननीय डॉ. अबिय अहमद अली के साथ टेलीफोन पर बातचीत की है।

दोनों राजनेताओं ने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न घरेलू, क्षेत्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की और इस स्वास्थ्य संकट के दौरान एक-दूसरे के साथ एकजुटता व्यक्त की।

  • प्रधानमंत्री ने इथियोपिया को आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और महामारी के आर्थिक प्रभाव को कम करने में भारत की ओर से सहयोग देने का आश्वासन डॉ. अबिय अहमद अली को दिया है।

डॉ. अबिय अहमद अली

  • 2019 का शांति का नोबेल इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद अली को दिया गया था। क्योंकि अबीय अहमद अली ने पड़ोसी देश इरीट्रिया के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए कदम उठाए थे।
  • इथोपिया और इरीट्रिया के बीच यह तकरार लगभग 20 साल तक चली थी, जिसमें खत्म कराने में अली का बड़ा योगदान है। अहमद ने जब शांति के मकसद से हाथ आगे बढ़ाया था, तब राष्ट्रपति इसाइयस अफवर्की (इरीट्रिया) ने उसे अच्छे से समझा और दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए आगे आए थे।
  • प्रधानमंत्री रहने के दौरान शुरुआती 100 दिनों में अली ने देश में लगी इमरजेंसी हटाई, हजारों सैकड़ों राजनीतिक बंदियों को माफ किया, मीडिया पर लगी सेंसरशिप वापस ली, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए सैन्य अधिकारियों और नेताओं को व्यवस्था से बाहर किया और इथोपियाई राजनीतिक और सामाजिक जीवन में महिलाओं के प्रभाव को बढ़ाने के लिए काम किया। यही वजह है कि 43 वर्षीय अली को इथोपिया के नेल्सन मंडेला के नाम से भी लोग पुकारा जाता है।
  • अबिय को मिले इस सम्मान के जरिए इथियोपिया और पूर्व व उत्तर-पूर्व अफ्रीकी क्षेत्र में शांति के लिए प्रयास कर रहे सभी लोगों को भी पहचान मिली है।
  • वर्ष 2018 के लिए यह पुरस्कार कांगो के डेनिस मुकाबे और इराक की नादिया मुराद को संयुक्त रुप से दिया गया था।

3. वैज्ञानिकों ने खोजा पृथ्वी के सबसे करीब ब्लैकहोल

यूरोपीय एस्ट्रोनॉमर्स ने धरती के करीब एक ब्लैक होल की खोज की है। यह ब्लैक होल इतना नजदीक है कि इसके स्थित दो सितारों को नंगी आंखों से देख सकते हैं। यह ब्लैक होल करीब 1000 प्रकाशवर्ष दूर है।

  • इससे पहले धरती के करीब ब्लैक होल मिला था जो तीन गुना ज्यादा दूर था यानी 3200 प्रकाश वर्ष दूर। ब्लैक होल की खोज ने संकेत दिए हैं कि वहां ऐसे और ब्लैक होल हैं।
  • इस खगोलीय खोज से संबंधित अध्ययन को पत्रिका ‘एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स’ में प्रकाशित किया गया है।

ब्लैक होल

  • ब्लैक होल्स शब्द का सर्वप्रथम इस्तेमाल अमेरिकी भौतिकविद् जॉन व्हीलर ने 1960 के दशक के मध्य में किया था।
  • किसी बड़े तारे के स्वतः विघटित होने से ब्लैक होल का निर्माण होता है। इनके नाम से ऐसा प्रतीत होता है कि गड्ढे/छिद्र होते हैं लेकिन सामान्यतः ऐसा नहीं होता है, बल्कि ये अत्यधिक सघन पदार्थों से बने पिंड हैं जिनका गुरुत्त्वाकर्षण खिंचाव इतना अधिक होता है कि कोई भी वस्तु यहाँ तक कि प्रकाश भी इसे पार नहीं कर पाता।
  • जब ब्लैक होल पदार्थ (का भक्षण करता है तब उसके चारों ओर एक अभिवृद्धि चक्र (Accretion Disk) का निर्माण होता है। ‘अभिवृद्धि चक्र किसी बड़ी खगोलीय वस्तु के इर्द-गिर्द बहतु तेज़ी से परिक्रमा कर रहे ब्रह्माण्ड के सबसे चमकीले पदार्थों का समूह होता है।’ वर्ष अप्रैल 2019 में इवेंट होराइज़न टेलीस्कोप (Event Horizen Telescope) द्वारा ली गई तस्वीर में ब्लैक होल के चारों ओर एक धुंधला प्रभामंडल (Halo) दिखाई देता है। वही अभिवृद्धि चक्र कहलाता है।

4. सौरभ लोढ़ा को मिला नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी 2020 में यंग करियर अवार्ड

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार की ओर से 2020 के लिए आईआईटी बॉम्बे के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर सौरभ लोढ़ा को नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में युवा करियर पुरस्कार मिला है।

  • यह पुरस्कार दो आयामी वैन डेर वाल्स सामग्री के आधार पर सिलिकॉन और नैनोइलेक्ट्रोनिक उपकरणों से परे ट्रांजिस्टर प्रौद्योगिकियों के विकास में उनके अग्रणी योगदान को मान्यता देता है। उन्नत ट्रांजिस्टर के क्षेत्र में प्रोफेसर लोढ़ा का हालिया काम को उद्योग साझेदारी में सराहा गया है।
  • प्रोफेसर लोढ़ा का काम न केवल दुनिया भर के बड़े सम्मेलनों में प्रस्तुत किया गया है, बल्कि उन्नत ट्रांजिस्टर प्रौद्योगिकियों के लिए अर्धचालक उपकरणों में भी शामिल किया गया है। उद्योग के साथ मिलकर काम करते हुए, सहयोगियों ने अपने शोध समूह को कम समय के बाजार नवाचारों और प्रभाव के व्यापक पैमाने के साथ व्यावहारिक महत्व की अत्याधुनिक समस्याओं का समाधान पेश करने  में मदद की है।
  • आईआईटी बॉम्बे और अमेरिका के पर्ड्यू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे प्रोफेसर लोढ़ा ने अपने समूह में सिलिकॉन कार्बाइड और गैलियम हाइडाइड जैसे विस्तृत बैंडगैप अर्धचालकों के आधार पर बिजली इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिस्टर विकसित करने के लिए क्षमताओं और विशेषज्ञता का लाभ उठाने की योजना बनाई है।
  • ये ट्रांजिस्टर उच्च वोल्टेज बिजली ग्रिड, इलेक्ट्रिक ट्रेन, नवीकरणीय बिजली रूपांतरण और भंडारण से लेकर सामरिक रक्षा, चिकित्सा और औद्योगिक इंस्ट्रूमेंटेशन तक विभिन्न अनुप्रयोगों में दक्षता और विश्वसनीयता बाधाओं को कम कर सकते हैं।
  • वाइड बैंडगैप पावर इलेक्ट्रॉनिक्स ने दुनिया भर में जबरदस्त प्रगति देखी है, लेकिन राष्ट्रीय प्रयासों में कमी है। प्रोफसर लोढ़ा को देश में बिजली ट्रांजिस्टर अनुसंधान के क्षेत्र में गति मिलने की उम्मीद है।

5. ‘आरोग्य सेतु आईवीआरएस’ सेवाओं को किया गया लागू

आरोग्य सेतु के संरक्षण में फीचर फोन और लैंडलाइन फोन वाले लोगों को भी शामिल करने के लिए ‘आरोग्य सेतु इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस)’ को लागू किया गया है। यह सेवा देश भर में उपलब्ध है।

  • यह एक टोल-फ्री यानी नि:शुल्क सेवा है, जिसके तहत नागरिकों को 1921 नंबर पर एक मिस्ड कॉल करने के लिए कहा जाता है और इसके बाद उन्हें प्राप्त कॉल बैक में उनसे अपने स्वास्थ्य के बारे में आवश्यक जानकारियां देने का अनुरोध किया जाता है।
  • पूछे जाने वाले प्रश्न आरोग्य सेतु एप से जुड़े होते हैं और इसके जो जवाब मिलते हैं उनके आधार पर संबंधित नागरिक को उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में संकेत देने वाला एक एसएमएस मिलेगा और इसके साथ ही आगे भी उनके स्वास्थ्य के बारे में अलर्ट मिलेंगे।
  • यह सेवा मोबाइल एप्लिकेशन के समान ही 11 क्षेत्रीय भाषाओं में लागू की गई है। संबंधित नागरिकों द्वारा दी जाने वाली जानकारियों को आरोग्य सेतु डेटाबेस का हिस्सा बनाया जाएगा और इन सूचनाओं की प्रोसेसिंग की जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर उन्हें अलर्ट भेजा जा सके।

स्मार्ट फोन के लिए आरोग्य सेतु एप कर रहा है यह कार्य

  • कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने ‘आरोग्य सेतु’ नामक एक एप्लिकेशन को लॉन्च किया है। आरोग्य सेतु मोबाइल एप को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने विकसित किया है।
  • इसकी मदद से लोग स्वयं को कोरोना वायरस का संक्रमण होने के जोखिम का आकलन स्वयं ही कर सकते हैं। यह एप अत्याधुनिक ब्लूटूथ तकनीक, एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके संबंधित व्यक्ति के अन्य लोगों के साथ मिलने-जुलने से उत्पन्न होने वाले इस संभावित जोखिम की गणना करता है।
  • यह एप दरअसल उपयोगकर्ता (यूजर) को तब संक्रमण के खतरे के बारे में सूचित करता है, जब वह किसी ऐसे व्यक्ति के बगल से गुजरता/गुजरती है जो कोरोना पॉजिटिव है।
  • आरोग्य सेतु को अपने मोबाइल फोन पर इंस्टॉल करने पर उपयोगकर्ता से कई सवालों के जवाब देने के लिए कहा जाता है। यदि कुछ उत्तर ऐसे होते हैं जिनसे उपयोगकर्ता में कोविड-19 के लक्षण होने के बारे में संकेत मिलता है, तो यह जानकारी एक ‘सरकारी सर्वर’ को भेज दी जाती है।
  • यह डेटा सरकार को बिल्कुल उचित समय पर ठोस कदम उठाने और यदि आवश्यक हो तो आइसोलेशन प्रक्रिया शुरू करने में मदद करता है और इसके साथ ही यह उस समय अलर्ट भी करता है जब कोई व्यक्ति किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के निकट आता है।

6. मुस्तफा अल-कदीमी ने ली ईराक के प्रधानमंत्री पद की शपथ

ईराक में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुए गंभीर आर्थिक संकट के बीच खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख मुस्तफा अल-कदीमी ने देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है।

  • संसद सत्र में 255 सांसदों ने भाग लिया और इराक के प्रधानमंत्री के तौर पर मुस्तफा अल-कदीमी के नाम के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे देश में पांच महीने से चल रहा नेतृत्व का संकट खत्म हो गया है।
  • कदीमी ने सत्र के दौरान सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह सरकार हमारे देश के सामने आ रहे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संकट से निपटने के लिए आई है। यह सरकार समस्याओं का समाधान देगी, न कि संकट बढ़ाएगी।’’
  • कदीमी को जब प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत किया गया था तो उन्होंने खुफिया प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने ऐसे समय में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला है, जब तेल राजस्व में गिरावट के बीच इराक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है।

7. घरेलू कंपनियों को चीन के आक्रामक अधिग्रहण से बचाने के लिए अमेरिका में विधेयक पेश

कोरोना वायरस संकट के दौरान चीनी कम्पनियों द्वारा अमेरिकी कंपनियों के आक्रामक अधिग्रहण को रोकने के लिए अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में विधेयक पेश किया गया है। सांसद जिम बैंक्स ने संसद में यह विधेयक पेश किया है।

  • सदन की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य बैंक्स ने ‘कोविड-19 के दौरान आक्रामक अधिग्रहण पर प्रतिबंध अधिनियम’ पेश किया है। इससे अमेरिकी विदेशी निवेश समिति (सीएफआईयूएस) का दायरा बढ़ेगा।
  • इससे अमेरिकी विदेशी निवेश समिति (सीएफआईयूएस) को कोरोना वायरस संकट के दौरान चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध रखने वाली कंपनियों के अमेरिकी कंपनियों में निवेश की समीक्षा करने में मदद मिलेगी।
  • यह विधेयक अधिग्रहण के अंतिम लेन देन से पहले उसकी जानकारी राष्ट्रपति के पास भेजने की अनुमति भी देगा। साथ ही यह विधेयक रक्षा उत्पादन अधिनियम 1950 के हिसाब से वर्गीकृत संवेदनशील बुनियादी ढांचे से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों में चीन से जुड़ी कंपनियों को 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी खरीदने से रोकेगा।
  • बैंक्स ने एक बयान में कहा, ‘‘ हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि चीन की सरकार अपने लाभ के लिए इस महामारी का फायदा ना उठाए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को अमेरिकियों का बेजा लाभ उठाने से रोकने के वादे पर ही चुनाव जीता था। ऐसे में चीन की इस कार्रवाई को रोकने में उनके साथ काम करने को लेकर मैं खुश हूं।’’

ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए भारत सरकार ने भी एफडीआई नीति में किया है संशोधन

  • भारत सरकार ने भी वर्तमान कोविड-19 महामारी की वजह से भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण/नियंत्रण में लेने को रोकने के लिए मौजूदा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति की समीक्षा की है।
  • कोई भी अनिवासी निकाय या कंपनी एफडीआई नीति के अंतर्गत भारत में निवेश कर सकती है। अनिवासी निकाय द्वारा केवल उन सेक्टरों/गतिविधियों में निवेश करने की मनाही है जो प्रतिबंधित हैं।
  • हालांकि एक ऐसे देश, जिसके साथ भारत की भूमि सीमा जुड़ी या मिली हुई है, का कोई भी निकाय अथवा कंपनी, या जहां भारत में किसी निवेश का लाभकारी मालिक अवस्थित है या इस तरह के किसी भी देश का नागरिक है, वह केवल सरकारी रूट के तहत ही यहां निवेश कर सकता है अतः यदि चीन की कंपनी भारत की कंपनी में निवेश करना चाहती है तो उसे सरकार की मंजूरी लेनी होगी पहले ऐसा केवल पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए था।

8. विशाखापट्टनम में स्टीरीन गैस हुई लीक

  • आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के आर.आर. वेंकटपुरम गांव में एक प्लांट से कैमिकल गैस स्टीरीन  के लीक होने के बाद कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद करीब हजार से ज्यादा लोगों ने खुद को अस्वस्थ बताया है और कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
  • प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में स्थित हिंदुस्तान पॉलिमर कंपनी के एक प्लांट से 07 मई की रात 2.30 बजे के आसपास गैस लीक होना शुरू हुई थी। कोरोना महामारी के फैलाव को रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन का ऐलान होने के बाद कंपनी को भी बंद कर दिया गया था।
  • 07 मई को 40 दिन के बाद कंपनी के परिचालन की तैयारी चल रही थी। इसी बीच यह बड़ा हादसा हो गया। प्लांट से गैस के रिसाव के कारणों के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।  उन्होंने बताया कि फिलहाल, प्लांट में सभी तरह के परिचालन को स्थगित कर दिया गया है।
  • मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायति राशि देने का ऐलान किया है। गैस कांड के चलते जिन लोगों का वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है उन सभी लोगों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, अन्य लोगों को जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन वे वेंटिलेटर पर नहीं हैं उन सभी को 1-1 लाख रुपये दिए जाएंगे।

स्टीरीन (C6H5CH=CH2) गैस

  • स्टीरीन हवा के साथ मिलकर जहरीली गैस में बदल जाती है। यह दिमाग और स्पाइन पर असर करती है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ने के कारण 10 मिनट के भीतर प्रभावित शख्स की मौत भी हो सकती है। लोगों को गीला मास्क पहनने के लिए कहा गया है, ताकि गैस के जहरीले प्रभावों से बचा जा सके।
  • स्टीरीन गैस के संपर्क में आने वाले व्यक्ति के दिमाग और रीढ़ पर असर करती है। बाहरी वातावरण में आने के बाद स्टीरीन ऑक्सिजन के साथ आसानी से मिक्स हो जाती है। नतीजतन हवा में कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने लगती है। इसके संपर्क में आने के बाद लोगों के फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है और व्यक्ति घुटन महसूस करने लगता है।

9. पर्यटन मंत्रालय ने देखो अपना देश लोगो डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की

पर्यटन मंत्रालय ने ‘देश देखो अपना’ लोगो डिजाइन प्रतियोगिता माईगो प्लेट फॉर्म पर शुरू की है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देश के नागरिकों के रचनात्मक विचारों से निकलने वाले ‘देखो अपना देश’ अभियान के लिए लोगो तैयार करवाना है।

  • ध्यातव्य है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार उद्योग के साथ मिलकर अपने दर्शकों के लिए देश देखो अपनाके समग्र विषय पर वेबिनार आयोजित कर रहा है।
  • इस वेबिनार श्रृंखला का उद्देश्य भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में जागरूकता पैदा करना और बढ़ावा देना है-जिसमें कम ज्ञात गंतव्य और लोकप्रिय स्थलों के कम ज्ञात पहलू को बताना शामिल हैं।

देखो अपना देश पहल

  • देखो अपना देश पर्यटन मंत्रालय की एक पहल है जिसे 24 जनवरी 2020 को ओडिशा के कोणार्क में केंद्रीय पर्यटन मंत्री (स्वतंत्रण प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने माईगो मंच पर एक समारोह के दौरान लॉन्च किया था।
  • पर्यटन मंत्रालय की यह पहल 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से की गई माननीय प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 तक कम से कम 15 स्थलों की यात्रा करने के लिए कहा गया है। भारत में, इसका उद्देश्य पर्यटकों की रुचि और पर्यटन की रफ्तार को बढ़ाना है ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को विकसित करने में मदद मिल सके।
  • विदित है कि घरेलू पर्यटन क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना, सभी देशवासियों को अपना देश घुमने के लिए प्रोत्साहित करना भारतीय पर्यटन मंत्रालय की रणनीति में शामिल है।

10. विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए वन्दे भारत मिशन शुरू

 

भारत सरकार ने विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान वन्दे भारत मिशन 07 मई से शुरू किया है। इस अभियान के मद्देनजर तिरुवनंतपुरम, दिल्ली और मुंबई समेत कई हवाई अड्डों पर साजो-सामान संबंधी प्रबंध और स्वास्थ्य नियमों के अनुपालन संबंधी इंतजाम कर लिए गए हैं।

  • इसके तहत, बारह देशों से चौदह हज़ार आठ सौ से अधिक भारतीयों को वापस लाया जाएगा। इस दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए 64 उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
  • नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इन उडानों का संचालन 7 से 13 मई तक किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इनमें संयुक्‍त अरब अमारात से 10, कतर से दो, सउदी अरब से पांच, ब्रिटेन से सात, सिंगापुर से पांच, अमरीका से सात और ओमान से दो उड़ान शामिल हैं।
  • इसकी तुलना 1990 के एयरलिफ्ट से की जा रही है। तीन दशक पहले के ऑपरेशन की बात करें तो एयर इंडिया ने एयरलाइनों के एक समूह का नेतृत्व किया था, जिसमें करीब 111,711 भारतीयों को वापस लाया गया था। इस काम में भारतीय वायुसेना शामिल थी। यह उस समय की बात है जब इराक ने 1990 में कुवैत पर हमला कर दिया था और वहां फंसे भारतीयों को वापस लाना पड़ा था। उस 59 दिन ऑपरेशन में 488 उड़ानें शामिल हुई थीं।
  • ऐसा की अभियान भारतीय नौसेना द्वारा भी चलाया जा रहा है तो आसपास तक सीमित है भारतीय नौसेना ने इस ऑपरेशन को “समुद्र सेतु” नाम दिया है- जिसका अर्थ “समुद्री पुल” है।
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