आज के टॉप करेंट अफेयर्स

सामयिकी: 12 – 13 अप्रैल 2020

Current Affairs: 12 – 13 April 2020 हम यहां आपके लिए महत्वपूर्ण हालिया और नवीनतम करेंट अफेयर्स प्रदान करने के लिए हैं 12 – 13 अप्रैल 2020, हिंदू, इकनॉमिक टाइम्स, पीआईबी, टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, बिजनेस जैसे सभी अखबारों से नवीनतम करेंट अफेयर्स 2020 घटनाओं को यहा प्रदान कर रहे है। यहा सभी डाटा समाचार पत्रों से लिया गया हे।

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Current Affairs: 12 – 13 April 2020

1. जी-20 के ऊर्जा मंत्रियों की विशेष बैठक

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 10 अप्रैल, 2020 को जी-20 के ऊर्जा मंत्रियों की विशेष वर्चुअल बैठक में भाग लिया। यह बैठक जी-20 के अध्यक्ष की हैसियत से सऊदी अरब ने बुलाई थी और इसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज ने की थी। बैठक में जी-20 देशों, अतिथि देशों के ऊर्जा मंत्रियों और ओपेक सहित कई संगठनों के प्रमुखों ने भागीदारी की थी।

  • जी-20 के ऊर्जा मंत्रियों ने ऊर्जा बाजारों में स्थायित्व सुनिश्चित करने के तरीकों और माध्यमों पर ध्यान केंद्रित किया, जिस पर कोविड-19 महामारी के चलते मांग में गिरावट के कारण खासा असर पड़ा है। बैठक में अतिरिक्त उत्पादन से संबंधित मसलों पर भी चर्चा हुई थी।
  • ऊर्जा बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा ही तेल बाजार में स्थायित्व की वकालत की है, जो उत्पादकों के लिए उचित हो और उपभोक्ताओं के लिए किफायती हो। उन्होंने आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने की दिशा में ओपेक और ओपेक-प्लस देशों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की, जो दीर्घकालिक स्थायित्व के लिहाज से उचित भी है।
  • हालांकि उन्होंने अनुरोध किया कि तेल कीमतों को किफायती स्तरों पर बनाए रखने पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए जिससे खपत आधारित मांग में सुधार को गति मिल सके।
  • विदित है कि एक दिन पूर्व सऊदी अरब और रूस ने एक महीने से चल रहा प्राइस वॉर खत्म करते हुए अपना तेल उत्पादन घटाने की सहमति दी थी। इस सहमती के तहत तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक और अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने 2 महीने के लिए तेल का उत्पादन 10% यानी रोज़ाना 1 करोड़ बैरल घटाने का फैसला किया था।
  • वर्तमान अध्यक्ष सऊदी अरब को जी-20 की अध्यक्षता जापान से मिली है जो उसको ओसका सम्मलेन 2019 के बाद प्रदान की गई थी इसीलिए इस बैठक की अध्यक्षता सऊदी अरब ने की थी। जी-20 वैश्विक अर्थव्यवस्था की 85% GDP का प्रतिनिधित्व करता है तथा 80% वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्त्व करता है। अत: वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर विचार करने का यह सबसे बड़ा मंच है।

G-20 से सम्बन्धित तथ्य

  • गठन – सितम्बर, 1999 में
  • सदस्य देश – अर्जेण्टीना, भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, ब्राज़ील, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, कनाडा, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, चीन, इण्डोनेशिया, दक्षिण कोरिया, रूस, तुर्की, सऊदी अरब व यूरोपीय यूनियन
  • कार्य –
  • (a) अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग तथा तत्कालीन विश्व अर्थव्यवस्था पर परिचर्चा
  • (b) प्रत्येक वर्ष शीर्ष नेताओें का सम्मेलन
  • (c) केन्द्रीय बैंक के गवर्नर व वित्तमंत्रियों की बैठक
  • (d) वैश्विक मुद्दों पर सतत् बातचीत के लिए शेरपा व्यवस्था ओसाका सम्मेलन में भारत के शेरपा “सुरेश प्रभु’ थे। इससके पहले शेरपा “शक्तिकांत दास’ थे।
सम्मेलन
क्रमदिनाँकस्थान
प्रथमनवम्बर, 2008वॉशिंगटन, अमेरिका
13वांनवम्बर-दिसम्बर, 2018ब्यूनस आयर्स, अर्जेण्टीना
14वां28-29 जून, 2019ओंसका, जापान
15वां2020रियाद, सऊदी अरब

2. ‘भारत पढ़े ऑनलाइन’ अभियान

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भारत में ऑनलाइन शिक्षा के जरिये लोगों को आपस में जोड़ने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के विचार जानने के उद्देश्य से एक सप्ताह लंबा ‘भारत पढ़े ऑनलाइन’ अभियान नई दिल्ली में शुरू किया है।

  • इस अभियान का उद्देश्य भारत के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को आमंत्रित करना है ताकि ऑनलाइन शिक्षा की बाधाओं को दूर करते हुए उपलब्ध डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्मों को बढ़ावा देकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ सुझाव/समाधान सीधे साझा किए जा सकें और उपलब्ध डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्मों को बढ़ावा दिया जा सके।
  • सभी अपने-अपने सुझाव एवं विचार ट्विटर और http://www.mygov.in की वेबसाइट द्वारा साझा कर सकते हैं। इस अभियान का प्रचार सोशल मीडिया जैसे ट्विटर, फेसबुक एवं इंस्टाग्राम के साथ-साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट द्वारा होगा, इसके अलावा मंत्रालय गूगल एड और यू-ट्यूब एड के द्वारा भी इसका प्रचार करेगी।
  • इस अभियान को सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया की एक टीम, एनसीईआरटी के प्रोफेसर, एनसीईआरटी के प्रोफेसरों, मायगोव की टीम और मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने वाले युवाओं और मंत्रालय के अधिकारियों को लगाया जायेगा।

प्रष्ठभूमि

  • मंत्रालय का मानना है कि ऑनलाइन शिक्षा को तेजी से बढ़ावा देने का यह फैसला कोरोना वायरस से पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए किया गया है। यह भी माना जा रहा है कि जब तक कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा पूरी तरह से नहीं टल जाता तब तक स्कूल और कॉलेजों को खोलना मुश्किल है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षण ही विद्यार्थियों की पढ़ाई का एकमात्र जरिया है।
  • सरकार पहले से ही ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दे रही है, और लॉकडाउन के दौरान सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा के जरिए ही विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। एचआरडी मंत्रालय ने इसके लिए कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किए हैं, जिन पर विद्यार्थियों की एक्सेस काफी बढ़ी है। मंत्रालय के आंकड़ों का भी कहना है कि ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर लॉकडाउन के दौरान एक्सेस चार गुना बढ़ा है।

3. आईआईटी (बीएचयू) ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए बनाया ’फुल बॉडी सैनेटाइजेशन डिवाइस’

आज के वैश्विक परिवेश में प्रत्येक व्यक्ति कोरोना वायरस कोविड-19 से बचाव के लिए किसी न किसी प्रकार  की युक्ति लगाने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल इसका एक मात्र बचाव सैनिटाइजेशन और सामजिक दूरी बनाये रखना है।

  • इसी क्रम में आइआइटी, बीएचयू स्थित मालवीय उद्यमी संवर्धन एवं नवप्रवर्तन केंद्र के इंक्यूबेट, जीतू शुक्ल ने एक उपकरण विकसित किया है जिसका इस्तेमाल पूरे शरीर को सैनेटाइज करने के लिए किया जा सकता है।
  • इस उपकरण को घर, कार्यालय या कहीं भी लगाया जा सकता है और यह स्वचालित तरीके से कार्य करता है। जैसे ही इस उपकरण के सामने कोई व्यक्ति खड़ा होता है, तो इसमें लगा सेंसर अपने आप उस व्यक्ति को सैनेटाइज करने के लिए 10-15 एमएल सैनेटाइजर का स्प्रे 15 सेकंड तक करेगा, जिससे व्यक्ति का पूरा शरीर सैनिटाइज हो जायेगा।
  • इस उपकरण को किसी भी ऐसे स्थान पर लगाया जा सकता है, जहाँ व्यक्तियों का आवागमन बराबर होता है, जिससे कोई भी व्यक्ति कार्यालय या घर में प्रवेश लेने से पहले सैनेटाइज हो कर ही प्रवेश करे।
  • यह उपकरण आज की आवश्यकता के हिसाब से बनाया गया है। वर्तमान में सरकार द्वारा उपयोग किये जा रहे प्रमाणित सैनिटाइजर का ही इसमें उपयोग किया जा रहा  है। इस उपकरण से होने वाले सैनिटाइजेशन से व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ज्यादातर वायरस से बचाव संभव है।
  • इस सेनिटाइजेशन की मात्रा, एक्पोजर टाइम, फ्रिक्वेंसी का सत्यापन प्रक्रियाधीन है। हालांकि इस उपकरण से सेनिटाइज होने के बाद भी व्यक्ति को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाने और नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोने आवश्यकता है।

4. FCI के कर्मियों और अधिकारियों को कोविड-19 से मौत होने पर अनुग्रह राशि को सरकार की मंजूरी

कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच भी देशभर में खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु 24×7 काम में जुटे भारतीय खाद्य निगम के 80 हजार मजदूर सहित कुल 1,08,714 कर्मियों और अधिकारियों को कोविड-19 से मौत होने पर अनुग्रह राशि के तौर पर मुआवजा देने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

  • इसके तहत 24 मार्च 2020 से 23 सितंबर 2020 तक  6 महीने के दौरान FCI के लिए अपनी ड्यूटी निभाते हुए  COVID-19 के संक्रमण से मौत होने पर FCI के नियमित मजदूरों को 15 लाख, अनुबंधित मजदूरों को 10 लाख, कैटेगरी 1 के अधिकारियों को 35 लाख, कैटेगरी 2 को 30 लाख और कैटेगरी 3 व 4 के कर्मचारियों को 25-25 लाख तक की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
  • फिलहाल FCI के कर्मचारियों को आतंकवादी हमले, बम ब्लास्ट, भीड़ के हमले या अन्य प्राकृतिक आपदा में मौत होने पर, उनके परिजनों को मुआवजे का प्रावधान है, लेकिन इसमें FCI के नियमित और अनुबंधित मजदूरों शामिल नहीं हैं। लेकिन कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई)

  • भारतीय खाद्य निगम भारत सरकार द्वारा बनाया और संचालित एक संगठन है और राज्य सरकारों द्वारा भी चलाया जाता है। भारतीय खाद्य निगम की स्थापना 1965 में खाद्य निगम अधिनियम, 1964 के तहत की गई थी। यह उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक सांविधिक निकाय है।
  • इसके शीर्ष अधिकारी को अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है। यह 1965 में चेन्नई में अपने प्रारंभिक मुख्यालय के साथ स्थापित किया गया था। बाद में इसे नई दिल्ली लाया गया। राज्यों की राजधानियों में इसके क्षेत्रीय केंद्र भी हैं। राज्य के महत्वपूर्ण क्षेत्र भी जिला केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।
  • निम्नलिखित उद्देष्यों को पूरा करने के लिए इसकी स्थापना की गई थी:
  • i)   किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी मूल्य समर्थन
  • ii)  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत देशभर में खाद्यान्नों का वितरण
  • a.   राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए खाद्यान्नो के प्रचालन तथा बफर स्टॉक के संतोशजनक स्तर को बनाए रखना

5. एनआईपीईआर- गुवाहाटी ने कोविड-19 से मुकाबले के लिए नवाचार 3 डी उत्पादों का डिजाइन किया तैयार

राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, गुवाहाटी के शोधकर्त्ताओं ने दो उत्पादों को प्रस्तुत किया है जो पूरी दुनिया में कोविड-19 संक्रमण की मौजूदा महामारी के खिलाफ लड़ाई में बड़ी मदद कर सकते हैं।

  • इसमें पहला उत्पाद 3 डी प्रिंटेड हैंड्स-फ्री वस्तु/उपकरण और दूसरा उत्पाद फेस-शिल्ड है कोरोनावायरस के मुकाबले के लिए देश को सहायता प्रदान करने हेतु संस्थान ने प्रोटोटाइप/उत्पाद विकास और तैनाती को शीघ्र मान्यता दी गई है।

हैंड्स-फ्री वस्तु/उपकरण

  • 3 डी प्रिंटेड हैंड्स-फ्री वस्तु/उपकरण का उपयोग दरवाजों, खिड़कियों, दराजों, रेफ्रिजरेटर को खोलने व बंद करने में लैपटॉप/डेस्कटॉप, व लिफ्ट के बटनों को दबाने में तथा स्विच को ऑन-ऑफ करने में किया जा सकता है।
  • घरों, अस्पतालों, कारखानों, कंपनियों, संस्थानों, संगठनों और अन्य भवनों के दरवाजे, खिड़कियां, स्विच, लिफ्ट के बटन दराज के हैंडल, रेफ्रिजरेटर के हैंडल, लैपटॉप के की-बोर्ड कुछ ऐसी वस्तुएं हैं जहां की कीटाणुओं का संक्रमण सबसे अधिक होता है।
  • यह छोटा, उपयोगकर्त्ता के अनुकूल, न टूटनेवाला और साफ करने में आसान है। इसे किसी भी सेनेटाइजर या कीटाणुनाशक से साफ किया जा सकता है।
  • वैश्विक महामारी कोरोना-19 की वर्तमान स्थिति में इन वस्तुओं के उपयोग से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कीटाणु के संचरण की संभावना बढ़ जाती है। यह संचरण नंगे हाथों द्वारा उपयोग किये जाने या दूषित सतह के कारण हो सकता है।
  • शोधकर्त्ताओं ने पहले नंगे हाथों द्वारा वायरस फैलने तथा जोखिम का आकलन करने के लिए विभिन्न संसाधनों का विस्तृत विश्लेषण किया इसके बाद शोधकर्त्ताओं ने 3 डी प्रिंटेड वस्तु के निर्माण के लिए डिजाइन तैयार किये।

फेस-शिल्ड

  • यह 3 डी प्रिंटेड सूक्ष्मजीवरोधी फेस-शिल्ड है। मुंह, आंख, नाक और शरीर के अन्य छिद्रों के माध्यम से वायरस के फैलने से संबंधित विषय के गहन अध्ययन के बाद इस उत्पाद का डिजाइन बनाया गया है।
  • यह किफायती है, इसे पहनना आसान है, इसकी रासायनिक स्थिरता अच्छी है, आसानी से टूट जाने वाला नहीं है और किसी भी सेनेटाइजर या अल्कोहल आधारित कीटाणुनाशक की मदद से इसे आसानी से साफ किया जा सकता है।

3डी प्रिंटिंग

  • 3डी प्रिंटिंग या एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एक विनिर्माण प्रक्रिया है जिसके द्वारा त्रि-विमीय (3डी) ठोस वस्तुएँ बनाई जाती हैं। इसके तहत कई उत्पादों के निर्माता अपने उत्पादन का स्वरूप बदलने के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए 3डी विनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

6. ओएफबी ने मरीजों की स्क्रीनिंग, आइसोलेशन और क्वारंटाइन के लिए दो बेड वाले टेंट किए तैयार

आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) कोरोना वायरस (कोविड-19) के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस महामारी के खिलाफ ओएफबी की अथक लड़ाई के क्रम में बोर्ड ने कई उत्पाद विकसित किये हैं।

दो बेड वाले टेंट

  • ओएफबी ने मरीजों की स्क्रीनिंग, आइसोलेशन और क्वारंटाइन के लिए चिकित्सा उपकरणों से लैस दो बेड वाले टेंट तैयार कर आइसोलेशन वार्ड के लिए एक किफायती समाधान या विकल्प पेश किया है।
  • इन विशेष टेंटों (तंबू) का उपयोग आपातकालीन चिकित्सा, मेडिकल स्क्रीनिंग, गंभीर हालत वाले मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधा देने और क्वारंटाइन के लिए किया जा सकता है। 9.55 वर्ग मीटर के फर्श क्षेत्र (फ्लोर एरिया) वाले ये टेंट दरअसल जलरोधक कपड़े, हल्के स्टील और अल्यूमीनियम मिश्र धातु से तैयार किए गए हैं।
  • ये टेंट किसी भी स्थान एवं इलाके में स्थापित किए जा सकते हैं और कुछ ही समय के भीतर पारंपरिक अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं के अलावा अतिरिक्त सुविधाएं सुलभ कराने में मददगार साबित होते हैं। आयुध उपकरण कारखाना, कानपुर ने ये टेंट तैयार किए हैं। इस तरह के 50 टेंट अरुणाचल प्रदेश सरकार को भेजे गए हैं।

धूम्रीकरण कक्ष

  • आयुध निर्माणी अंबाझरी (ओएफएजे), नागपुर ने स्वच्छता के उद्देश्य से धूम्रीकरण कक्ष विकसित किया है। यह पूरी तरह से पोर्टेबल है और इसे आसानी से कहीं भी ले जाया (शिफ्ट) जा सकता है। इसे ओएफएजे अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थापित किया गया है।

आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी)

  • भारतीय आयुध निर्माणियों का इतिहास एवं विकास भारत में अंग्रेजी शासन काल से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। इंगलैंड की ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपने आर्थिक लाभ एवं अपनी राजनीतिक शक्ति को बढाने हेतु सैन्य सामग्री को महत्वपूर्ण अवयव के रूप में स्थापित किया। सन् 1775 के दौरान ब्रिटिश प्राधिकारियों ने फोर्ट विलियम , कोलकाता में आयुध निर्माणी की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की। यह भारत में थलसेना आयुध के प्रारम्भ को दर्शाता है समय के साथ और भी इकाइयाँ स्थापित हुईं।
  • भारतीय आयुध निर्माणियाँ एक भव्य औद्योगिक संरचना हैं जो रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत कार्य करती हैं। भारतीय आयुध निर्माणियाँ जिसका मुख्यालय कोलकाता में है , वह 41 निर्माणियों , 9 प्रशिक्षण संस्थान , 3 क्षेत्रीय विपणन केन्द्र ओर 4 क्षेत्रीय संरक्षा नियंत्रणालयों का समूह है।
  • शीर्ष बोर्ड की अध्यक्षता , अध्यक्ष के रूप में महानिदेशक आयुध निर्माणियाँ ( डी. जी. ओ. एफ.) द्वारा की जाती है एवं इसमें अपर महानिदेशक पद के 9 सदस्य शामिल हैं। आयुध निर्माणियों को 5 प्रचालन प्रभाग में विभक्त किया गया है, जो मुख्य उत्पादों/प्रौद्योगिकी पर निर्भर करता है।

7. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जनधन खातों में किया जा रहा कैश ट्रांसफर

कोविड-19 के संकट में गरीब, वंचित लोगों की मदद करने के लिए केंद्र सरकार ने सबसे बड़ी कैश ट्रांसफर स्कीम शुरू की है। इसके तहत तकरीबन 4 करोड़ महिला जनधन खातों में 500-500रु. और 8 करोड़ उज्जवला योजना हितधारकों को 3 महीने के लिए गैस सिलेंडर की राशि नकद देने की शुरुआत कर दी है।

प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई)

  • भारत के प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को अपने प्रथम स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ नामक वित्तीय समावेश पर राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री जन धन योजना’ की परिकल्पना वित्तीय समावेश पर राष्ट्रीय मिशन के रूप में की गई है।
  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना का उद्देश्य वंचित वर्गो जैसे कमजोर वर्गो और कम आय वर्गो को विभिन्न वित्तीय सेवाएं जैसे मूल बचत बैंक खाते की उपलब्धता, आवश्यकता आधारित ऋण की उपलब्धता, विप्रेषण सुविधा, बीमा तथा पेंशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है। किफ़ायती लागत पर व्यापक प्रसार केवल प्रौद्योगिकी के प्रभारी उपयोग से ही संभव है।
  • पीएमजेडीवाई वित्तीय समावेशन संबंधी राष्ट्रीय मिशन है जिसमें देश के सभी परिवारों के व्यापक वित्तीय समावेशन के लिए एकीकृत दृष्टिकोण शामिल है इस योजना में प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक मूल बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षारता, ऋण की उपलब्धता, बीमा तथा पेंशन सुविधा सहित सभी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की अभिकल्पना की गयी है
  • इसके अलावा, लाभार्थियों को रूपे डेबिट कार्ड दिया जाएगा जिसमे एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर शामिल है। इस योजना में सभी सरकारी (केन्द्र / राज्य / स्थानीय नीकाय से प्राप्त होने वाले) लाभो को लाभार्थियों के खातो में प्रणालीकृत किए जाने तथा केन्द्र सरकार की प्रत्यक्ष लाभांतरण (डीबीटी) योजना को आगे बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।
  • बैंक खाता होने से प्रत्येक परिवार की पहुंच बैंकिंग तथा ऋण सुविधा तक होती है इससे परिवार के लोग कर्जदारों के चंगुल से बाहर आते हैं, आपात स्थिति के कारण वित्तीय संकट को दूर रख पाते हैं। और विभिन्न प्रकार के वित्तीय उत्पादों/लाभों का फल उठाते हैं।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना

  • “स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन” के नारे के साथ केंद्र सरकार ने 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व में एक सामाजिक कल्याण योजना – “प्रधानमंत्री उज्जवला योजना” की शुरूआत उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले से की थी। इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन मिलते हैं।
  • योजना से एलपीजी के उपयोग में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य संबंधी विकार, वायु प्रदूषण एवं वनों की कटाई को कम करने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत लाभार्थी को मुफ्त कनेक्शन के लिए सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को 1600 रुपए की सब्सिडी देती है।
  • यह योजना एक धुँआरहित ग्रामीण भारत की परिकल्पना करती है और वर्ष 2019 तक 5 करोड़ परिवारों, विशेषकर गरीबी रेखा से नीचे रह रही महिलाओं को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था जिसे समय से पहले पा लिया गया है।
  • पहले लक्ष्य पाने के बाद सरकार ने इसे बढाकर आठ करोड़ कर दिया था सरकार ने 2020 तक आठ करोड़ का लक्ष्य रखा था। फिर प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना का लक्ष्य आठ करोड़ से बढ़ाकर दस करोड़ कर दिया गया, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पास आठ करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थी गैस कनेक्शन के लिए आवेदन कर चुके हैं।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना (पीएमयूवाई) में ज्यादा लोगों को शामिल करने के लिए केंद्र ने कई बार पात्रता का दायरा बढाया है। शुरुआत में  2011 की जनगणना के मुताबिक बीपीएल परिवारों को इस योजना में शामिल किया गया था। फिर एससी एसटी परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी, अंत्योदय अन्न योजना व अति पिछड़ा वर्ग को भी पात्रता की श्रेत्री में शामिल किया गया है।

8. केरल में कोविड-19 के गंभीर रूप से बीमार लोगों का प्लाज्मा थैरेपी से किया जाएगा इलाज

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए ब्लड प्लाज्मा थेरपी के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है। केरल कोविड-19 मरीजों पर इस थेरपी का इस्तेमाल करने वाला पहला राज्य होगा। उसने इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से इजाजत मांगी थी।

  • ब्लड प्लाज्मा थेरपी के क्लीनिकल ट्रायल की पहल केरल के प्रतिष्ठित श्री चित्र तिरुनल इंस्टिट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज ऐंड टेक्नॉलजी (SCTIMST) ने की थी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से हरी झंडी मिलने के बाद भी केरल को इस थेरपी के क्लीनिकल ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी लेनी पड़ेगी।
  • इस थेरपी से साउथ कोरिया को कामयाबी मिली है। वहां दो लोगों पर इसको आजमाया गया है, जिसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। कोरिया में हुए ट्रायल के दौरान कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के खून में से ऐंटीबॉडी लेकर उनका इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 मरीजों के इलाज में किया गया है।
  • अमेरिका के ह्यूस्टन के एक प्रमुख अस्पताल ने भी कोविड-19 से ठीक हुए एक मरीज का रक्त इस बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित एक रोगी को चढ़ाया है और यह प्रायोगिक इलाज आजमाने वाला देश का ऐसा पहला चिकित्सालय बन गया है।

क्या है सिद्धांत?

  • कोविड-19 से ठीक हुए किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटीबॉडी होते हैं जो प्रतिरोधक प्रणाली द्वारा वायरस पर हमला करने के लिए बनाये जाते हैं। आशा है कि इस तरह के प्लाज्मा को एक रोगी में स्थानांतरित करने के बाद उसमें इस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी की शक्ति स्थानांतरित की जा सकेगी।
  • इलाज का यह तरीका कोनवालेस्सेंट सीरम थेरेपी कहलाता है जो 1918 के ‘स्पैनिश फ्लू’ महामारी के समय का है।

9. राष्ट्रीय महिला आयोग ने घरेलू हिंसा के मामलों की रिपोर्ट के लिए शुरू किए व्हाट्सअप नम्बर

राष्ट्रीय महिला आयोग ने घरेलू हिंसा के मामलों की रिपोर्ट के लिए व्हाट्सअप नम्बर 72177 35372 शुरू किया है। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामले बढने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। यह नम्बर लॉडडाउन की अवधि तक काम करेगा।

  • राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने हाल ही में कहा था कि 25 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लागू होने के बाद से घरेलू हिंसा की शिकायतें बढ़ी हैं। लॉकडाउन के बाद से आयोग को कुल 250 शिकायतें में मिली हैं, जिसमें से 69 शिकायतें घरेलू हिंसा की हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग

  • राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन जनवरी 1992 में राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं की संवैधानिक और क़ानूनी सुरक्षा को सुनिश्चित करना, उनके लिये विधायी सुझावों की सिफारिश करना, उनकी शिकायतों का निवारण करना तथा महिलाओं को प्रभावित करने वाले सभी नीतिगत मामलों में सरकार को सलाह देना है।
  • आयोग की पहली प्रमुख जयंती पटनायक थीं। 17 सितंबर, 2014 को ममता शर्मा का कार्यकाल पूरा होने के पश्चात ललिता कुमारमंगलम को आयोग का प्रमुख बनाया गया था,मगर पिछले साल सितंबर में पद छोड़ने के बाद रेखा शर्मा को कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर यह संभाल रही थी,और अब रेखा शर्मा को राष्ट्रीय महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
  • आयोग का कार्य – उपयुक्त नीति निरूपण, विधायी उपायों, कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन, स्कीमों / नीतियों के कार्यान्वयन के माध्यम से महिलाओं के यथोचित अधिकारों एवं हकदारियों को सुरक्षित करके और महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव एवं अत्याचारों के कारण उभर कर आ रही विशिष्ट समस्याओं / स्थितियों को हल करने के लिए कार्यनीतियां विकसित करके जीवन के सभी क्षेत्रों में समानता एवं समान भागीदारी प्राप्त करने के लिए महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए प्रयास करना।
  • यह एक ऐसी इकाई है जो शिकायत या स्वतः संज्ञान के आधार पर महिलाओं के संवैधानिक हितों और उनके लिए कानूनी सुरक्षा उपायों को लागू कराती है। आयोग नियमित रूप से “राष्ट्र महिला” नामक एक मासिक पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों में प्रकाशित किया करता है।

10. उपराष्ट्रपति ने ‘ईस्टर’ पर देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ‘ईस्टर’ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उपराष्ट्रपति ने अपने एक संदेश में कहा है कि ईस्टर के दिन प्रभु ईसा मसीह मृत्यु के बाद फिर से जी उठे थे।

  • यह अनोखी घटना इस बात का प्रमाण है कि प्रकाश हमेशा अंधकार पर विजय प्राप्त करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के साथ-साथ पूरा विश्व ‘कोविड-19’ के खिलाफ लड़ाई में विजयी बनकर उभरेगा।

ईस्टर

  • 12 अप्रैल को ईसाई धर्म का प्रमुख त्योहार ईस्टर संडे मनाया गया है। विदित है ईसाई समुदाय के लोग ईस्टर संडे को खुशी के तौर पर मनाते हैं। दरअसल ईस्टर संडे के दो दिन पहले गुड फ्राइडे को ईसा मसीह को कई तरह से यातनाएं देते हुए उन्हें सूली पर लटका दिया गया था।
  • ईसाई मान्यता के अनुसार संडे के दिन प्रभु यीशु पुन: जीवित हो गए थे। इसी खुशी में ही ईसाई समुदाय के लोग हर वर्ष इस दिन को ईस्टर संडे के रूप में मनाते हैं। माना जाता है कि प्रभु यीशु के दोबारा जन्म लेने के 40 दिनों तक अनुयायियों को मानवता की रक्षा और सत्य का साथ कैसे दिया जाए इसका संदेश दिया। 40 दिनों के बाद फिर उन्होंने अपने प्राण त्याग दिये थे।
  • इस दिन ईसाई समुदाय के लोग अपने घरों के आसपास के गिरजाधरों में एकत्रित होकर प्रभु यीशु की इबादत करते हुए बाइबल का पाठ पढ़ते हैं। प्रभु यीशु के दिए गए उपदेशों को याद करते हैं। लोग एक दूसरे को प्रभु यीशु के दोबारा जन्म लेने के अवसर बधाईयां देते हैं।
  • ईस्टर संडे के दिन अंडों का विशेष महत्व होता है। ईसाई समुदाय के लोग इस दिन अंडों को विशेष रूप से सजाते और संवारते हैं फिर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को अंडे उपहार स्वरूप देते हैं। ईसाई समुदाय में मान्यता है कि अंडे नया जीवन और उमंग का प्रतीक है। जिस तरह से अंडों से नया जीवन निकलता है उस तरह से हर समय मनुष्य के जीवन में भी समय-समय पर नई खुशियां आती हैं। इसलिए लोग एक दूसरे को अंडे उपहार में देकर खुशियां मनाते हैं।
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