General Science

शीत ऋतु में उँगली से धातु के टुकड़े को छूने पर वह ठंडा लगता है जबकि लकड़ी का टुकड़ा नहीं,क्यों?

धातु का टुकड़ा ऊष्मा का सुचालक होता है। वह हाथ से ऊष्मा लेकर शीघ्र ही अपने अन्दर फैला देता है। इसलिए हमें ठण्ड लगती है। इसके विपरीत लकड़ी का टुकड़ा ऊष्मा का कुचालक होता है। वह हाथ से ऊष्मा उतनी शीघ्रता से नहीं ले पाता| अतः लकड़ी का टुकड़ा ठण्डा प्रतीत नहीं होता है|

READ  विद्युत परिपथ में मीटर के बाद फ्यूज क्यों लगाया जाता है?
DSGuruJi - PDF Books Notes

Leave a Comment