प्रोटिस्टा जगत Kingdom Protista

प्रोटिस्टा जगत में जल में रहने वाले एककोशिकीय (Unicellular), सुकेन्द्रकीय (Eukaryotic) सूक्ष्मजीव आते हैं। ये तरह-तरह के जीवन वर्गों को प्रदर्शित करते हैं। प्रोटिस्ट्स में विविध पोषी स्लाइम, मोल्स तथा प्रोटोजोआ होते हैं एवं प्रकाश संश्लेषी एककोशिकीय शैवाल होते हैं।

प्रोटिस्टा की संरचना(Structure of protista):प्रोटिस्ट्स में कोशिकाएँ एक कला (Membrane) द्वारा घिरी होती है। प्रकाश संश्लेषी प्रोटिस्टा कोशिका में हरित लवक (Chlorophyll) होते हैं। प्रत्येक कोशिका में माइटोकोन्ड्रिया, गॉल्जीकाय, अन्तः प्रदव्यी जालक, केन्द्रक, गुणसूत्र इत्यादि कलाओं से घिरे हुए अंग पाए जाते हैं।

प्रोटिस्टा में गमन(Locomotion in Protista):

(i) कशाभिका द्वारा

(ii) रोमाभि द्वारा

(iii) कुटपादों या पादाभों द्वारा

प्रोटिस्टा में जनन(Reproduction in protista):प्रोटिस्टा में जनन मुख्यतः दो प्रकार से होते हैं-

 

  1. अलैंगिक जनन तथा
  2. लैंगिक जनन

अलैंगिक जनन द्विविभाजन और पुटी निर्माण द्वारा होता है, जबकि लैंगिक प्रजनन में नर और मादा युग्मक संयोजन करके जाइगोट (zygote) बनाते हैं। जाइगोट में अर्द्धसूत्री विभाजन होता है और अन्त में अगुणित जीव विकसित हो जाते हैं।

DsGuruJi HomepageClick Here

Leave a Comment