गर्मियों के दिनों में नाक से अक्सर खून क्यों बहता है?

नाक के अन्दर की सतह पर दोनों नाक छिद्रों के बीच की दीवार एक पतली और नम श्लेष्मा (म्यूकस मेम्ब्रेन) से ढ़की रहती है। इस सतह में रक्त ले जाने के लिये कई पतली-पतली रक्त शिरायें होती है। गर्मी के दिनों में वातावरण जब बहुत शुष्क होता है तो इस झिल्ली के सूखने के कारण जोर से छींकने या हल्के झटके लगने पर शिरायें टूट जाती है और नाक से खून बहने लगता है।

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